अक्सर आपने देखा होगा कि कई लोग रात में बार-बार टॉयलेट जाने के लिए उठते हैं. कई बार लोग सोचते हैं कि सोने से पहले उन्होंने ज्यादा पानी पी लिया होगा, इसलिए ऐसा हो रहा है. लेकिन हर बार इसके पीछे की वजह सिर्फ ज्यादा पानी पीना नहीं होती. अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रनल सहारे (Dr. Pranal Sahare) के मुताबिक, रात में बार-बार पेशाब आना शरीर में पनप रही किसी दूसरी बीमारी का इशारा भी हो सकता है. मेडिकल की भाषा में रात में बार-बार पेशाब आने की इस समस्या को 'नोक्टूरिया' (Nocturia) कहा जाता है.
अगर यह समस्या आपको लगातार कई दिनों से परेशान कर रही है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें. अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रनल सहारे ने बताया इसके पीछे के 5 बड़े कारण.
रात में बार-बार पेशाब आने के 5 कारण-
1. यूरिन इन्फेक्शन-
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानी यूटीआई (UTI) इसका एक बहुत बड़ा कारण है. जब हमारे पेशाब के रास्ते में बैक्टीरिया फैल जाते हैं, तो वहां सूजन और जलन होने लगती है. इस वजह से बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होती है, भले ही पेट में ज्यादा यूरिन न हो. इसके साथ ही पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द होना भी यूटीआई के मुख्य लक्षण हैं.
2. डायबिटीज-
अगर आपको रात में अचानक बहुत ज्यादा बार टॉयलेट जाना पड़ रहा है, तो यह डायबिटीज का शुरुआती लक्षण हो सकता है. जब शरीर में ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है, तो हमारी किडनी उस एक्स्ट्रा शुगर को शरीर से बाहर निकालने के लिए ज्यादा काम करने लगती है. इसी वजह से मरीज को बार-बार प्यास लगती है, वह ज्यादा पानी पीता है और उसे बार-बार टॉयलेट भागना पड़ता है.

रात में बार-बार पेशाब आना डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. (Image NDTV)
3. प्रोस्टेट का बढ़ जाना-
यह समस्या आमतौर पर 50 साल से ज्यादा उम्र के पुरुषों में देखी जाती है. पुरुषों के शरीर में प्रोस्टेट नाम की एक छोटी ग्रंथि होती है. उम्र बढ़ने के साथ जब इसका साइज बढ़ने लगता है, तो यह पेशाब की नली पर दबाव डालती है. इस दबाव की वजह से ब्लैडर यानी पेशाब की थैली एक बार में पूरी तरह खाली नहीं हो पाती. यही कारण है कि थोड़ी-थोड़ी देर में फिर से टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होने लगती है.
4. ओवरएक्टिव ब्लैडर-
कुछ लोगों का ब्लैडर यानी पेशाब इकट्ठा करने वाली थैली बहुत ज्यादा एक्टिव होती है. इसे ही मेडिकल टर्म में ओवरएक्टिव ब्लैडर कहते हैं. इसमें जरा सा भी यूरिन जमा होते ही दिमाग को तुरंत मैसेज जाता है कि टॉयलेट जाना है. ऐसी स्थिति में इंसान को अपनी इच्छा पर कंट्रोल करने में बहुत मुश्किल होती है और रात में कई बार नींद खराब होती है.
5. किडनी-
किडनी का मुख्य काम हमारे शरीर की गंदगी को साफ करना और यूरिन बनाना है. अगर किडनी सही तरीके से काम नहीं कर रही है या उसमें कोई कमजोरी आ गई है, तो वह यूरिन के फ्लो को सही से कंट्रोल नहीं कर पाती. इसके कारण भी रात के समय बार-बार टॉयलेट जाने की समस्या काफी बढ़ जाती है.
कब जाना चाहिए हॉस्पिटल?
- पेशाब करते समय तेज जलन, चुभन या दर्द होना.
- यूरिन का रंग बदला हुआ दिखना या उसमें खून आना.
- दिनभर बहुत ज्यादा प्यास या भूख लगना.
- बिना किसी डाइटिंग के वजन का तेजी से कम होना.
- पीठ के निचले हिस्से या पेट में लगातार दर्द रहना.
बचाव के घरेलू उपाय-
- सोने से कम से कम 2 घंटे पहले पानी या कोई भी लिक्विड (जैसे जूस या सूप) पीना कम कर दें.
- दिन में भरपूर पानी पीएं, लेकिन रात को सीमित कर दें.
- रात के समय चाय, कॉफी या शराब का सेवन बिल्कुल न करें.
- अगर आप शुगर के मरीज हैं, तो अपने शुगर लेवल की समय-समय पर जांच करवाते रहें और इसे कंट्रोल में रखें.
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