कड़ाही पनीर, मटर पनीर या पनीर टिक्का का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. क्या आपके साथ भी ऐसा होता है या पनीर खाने के शौकीन हैं अगर हां, तो यह खबर आपके लिए है. जब भी आप अगली बार बाजार से पनीर खरीदे या किसी रेस्टोरेंट में पनीर की सब्जी आर्डर करें तो सावधान.
हाल ही में हैदराबाद में पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने सबको चौंका दिया है. हैदराबाद कमिश्नर टास्क फोर्स की स्पेशल टीमों ने शहर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. इस रेड के दौरान करीब 825 किलोग्राम नकली और मिलावटी पनीर जब्त किया गया. पुलिस ने लगभग 45 रिटेल दुकानों और 8 पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों (मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स) पर अचानक छापा मारा, जहां यह कारोबार चल रहा था.
क्या है पूरा मामला और कैसे हो रहा था धोखा?
जांच में सामने आया कि कई दुकानदार और कारोबारी चीज एनालॉग (Cheese Analogue) को असली पनीर बताकर बेच रहे थे. अब आप सोच रहे होंगे कि यह चीज एनालॉग क्या बला है? दरअसल, यह असली दूध से नहीं बनता. इसे बनाने के लिए वेजीटेबल फैट, स्टार्च, खराब क्वालिटी के सिंथेटिक दूध और कुछ ऐसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जो खाने के लायक भी नहीं होते.
मुनाफा कमाने के चक्कर में इस नकली चीज को पनीर, मलाई पनीर, मिल्क पनीर और फ्रेश पनीर जैसी आकर्षक पैकेजिंग और नामों के साथ मार्केट में धड़ल्ले से बेचा जा रहा था. आम लोग इसे असली पनीर समझकर खरीद रहे थे और अपनी सेहत को नुकसान पहुंचा रहे थे.

नकली पनीर सेहत को कैसे पहुंचा रहा नुकसान. (Image NDTV)
दूसरे राज्यों से मंगाया जा रहा था नकली माल-
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) वैभव गायकवाड़ रघुनाथ ने बताया कि कुछ चालाक व्यापारी ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से यह नकली चीज एनालॉग मंगवा रहे थे. इतना ही नहीं, हैदराबाद लाकर इसे बिना किसी लाइसेंस या नियम के प्रीमियम पनीर के नाम से दोबारा पैक (Repack) किया जा रहा था. इन पैकेटों पर न तो बनने की तारीख थी, न एक्सपायरी डेट और न ही कोई बैच नंबर.
सेहत के लिए कितना खतरनाक है यह नकली पनीर?
पुलिस और फूड सेफ्टी अधिकारियों की जांच में जो बातें सामने आईं, वे हैरान करने वाली हैं. फैक्ट्रियों में सफाई का नामोनिशान नहीं था. बेहद गंदी जगहों पर इसे स्टोर किया जा रहा था. कई कारोबारियों के पास फूड सेफ्टी (FSSAI) का जरूरी लाइसेंस तक नहीं था.
DCP ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह का मिलावटी पनीर खाना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. इससे गंभीर रूप से फूड पॉइज़निंग (पेट खराब होना, उल्टी-दस्त) हो सकती है और शरीर में खतरनाक एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकते हैं.
कैसे पहचानें असली और नकली पनीर-
आप कैसे सुरक्षित रहें?
- हमेशा भरोसेमंद और FSSAI लाइसेंस वाले दुकानदार से ही पनीर खरीदें.
- खुले में मिलने वाले या बिना लेबल वाले पनीर को खरीदने से बचें.
- पैकेट वाले पनीर को लेते समय उस पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट और FSSAI का लोगो जरूर चेक करें.
- अगर आपको किसी दुकान या फैक्ट्री पर मिलावट का शक होता है, तो तुरंत इसकी शिकायत फूड सेफ्टी विभाग से करें.
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