- शिवसेना के दोनों गुट शुक्रवार को पार्टी की 60वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहे हैं.
- उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट वर्तमान में अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है.
- एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट भाजपा के दबदबे के दौर में अपनी अहमियत बनाए रखने का प्रयास कर रहा है.
शिवसेना के दोनों गुट शुक्रवार को पार्टी के 60 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं. हालांकि, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट जहां अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है, वहीं एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट भाजपा के दबदबे वाले दौर में अपनी अहमियत बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है. शिवेसना के स्थापना दिवस पर एकनाथ शिंदे ने कहा कि आपके सामने 'टाइगर' खड़ा है. उन्होंने कहा कि ये तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है.
शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अभी जो कुछ दिख रहा है वह सिर्फ ट्रेलर है, असली तस्वीर अभी बाकी है. शिंदे ने दावा किया कि शिवसैनिकों की मेहनत से शिवसेना महाराष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जमकर सराहना करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना बालासाहेब ठाकरे का सपना था, जिसे मोदी सरकार ने पूरा किया.
बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा छोड़ दी गई : शिंदे
शिंदे ने कार्यकर्ताओं से मोदी का अभिनंदन करने की अपील की. उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा छोड़ दी गई, जबकि उनकी शिवसेना बालासाहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है. शिंदे ने कहा कि केवल खून का रिश्ता होने से कोई वारिस नहीं बन जाता, क्योंकि शिवसेना कोई जमीन का टुकड़ा नहीं बल्कि शिवसैनिकों के दिल का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि शिवसेना सिर्फ एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक भगवा तूफान है और जिन लोगों से बालासाहेब ठाकरे वैचारिक रूप से असहमत थे, उन्हें आज स्वीकार कर लिया गया है.
ये भी पढ़ें : Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे के वे दो गलत फैसले और दो आदतें, जिन्होंने छीन ली उनकी पूरी 'शिवसेना'
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं