Heart Health Tips: रात के 10:30 बज चुके हैं. रसोई की लाइट अभी भी जल रही है. हल्की-सी भूख लगी तो कुछ स्नैक्स ले लिया, साथ में मोबाइल पर स्क्रॉलिंग और वेब सीरीज का एक और एपिसोड. यह आज का नॉर्मल रूटीन बन चुका है. हमें लगता है कि इसमें कोई नुकसान नहीं है. लेकिन, वैज्ञानिकों का कहना है कि यह आदत चुपचाप हमारे दिल की सेहत के खिलाफ काम कर सकती है. अमेरिका की नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसी आदत पर गहराई से अध्ययन किया. उन्होंने लोगों से न तो कैलोरी कम करने को कहा और न ही डाइट बदलने को. बस एक छोटा-सा बदलाव सुझाया सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना बंद कर दें और रात का फास्ट (Overnight fasting) थोड़ा बढ़ा दें.

रात को खाना खाने और सोने के बीच गैप न होने से हमारे दिल की सेहत पर असर पड़ता है. Photo Credit: iStock
बायोलॉजिकल क्लॉक और खाने का समय
- हमारा शरीर 24 घंटे की बायोलॉजिकल क्लॉक (सर्केडियन रिद्म) पर चलता है.
- रात में ब्लड प्रेशर कम होना चाहिए.
- दिल की धड़कन धीमी होनी चाहिए.
- ब्लड शुगर कंट्रोल रहना चाहिए.
लेकिन, जब हम देर रात खाना खाते हैं, तो शरीर को संकेत मिलता है कि अभी दिन है. ऊपर से तेज रोशनी और मोबाइल की स्क्रीन नींद की तैयारी को और देर कर देती है. इससे दिल और मेटाबॉलिज्म पर दबाव बढ़ सकता है.
इस अध्ययन की लेखिका प्रोफेसर फिलिस जी के अनुसार, इंपोर्टेंट सिर्फ यह नहीं कि आप क्या और कितना खाते हैं, बल्कि यह भी कि आप कब खाते हैं. खासकर नींद के संदर्भ में.
अध्ययन में क्या किया गया?
इस शोध में 36 से 75 साल की उम्र के 39 ज्यादा वजन या मोटापे से ग्रस्त लोगों को शामिल किया गया, जिनमें दिल और मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा ज्यादा था. अध्ययन 7.5 हफ्ते चला.

इंपोर्टेंट सिर्फ यह नहीं कि आप क्या और कितना खाते हैं, बल्कि यह भी है कि आप कब खाते हैं. Photo Credit: Pexels
पार्टिसिपेंट्स को दो ग्रुप में बांटा गया:
- पहला समूह अपनी सामान्य आदत के अनुसार 11-13 घंटे का उपवास करता रहा.
- दूसरे समूह ने उपवास की अवधि बढ़ाकर 13-16 घंटे कर दी और सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना बंद किया.
दोनों ग्रुप्स को सोने से 3 घंटे पहले लाइट धीमी करने की भी सलाह दी गई, ताकि शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक बैलेंस रहे.
क्या रिजल्ट मिले?
करीब 7.5 हफ्तों बाद चौंकाने वाले बदलाव देखे गए:
- रात के समय ब्लड प्रेशर में लगभग 3.5 प्रतिशत की कमी.
- नींद के दौरान दिल की धड़कन में 5 प्रतिशत की कमी.
- ब्लड शुगर कंट्रोल में सुधार
- इंसुलिन का बेहतर स्राव
इसका मतलब है कि शरीर दिन और रात के बीच बेहतर तालमेल बनाने लगा. दिन में एनर्जी ज्यादा और रात में आराम गहरा यही दिल के लिए हेल्दी पैटर्न माना जाता है.
आसान लेकिन असरदार उपाय:
इस अध्ययन से यह साफ है कि सेहत सुधारने के लिए हमेशा सख्त डाइट या भारी एक्सरसाइज जरूरी नहीं. कभी-कभी सिर्फ खाने के समय में बदलाव भी बड़ा फर्क ला सकता है. मध्यम आयु और बुजुर्ग लोगों के लिए खासकर जिन्हें दिल या डायबिटीज का खतरा है, यह एक आसान और दवा-रहित तरीका हो सकता है.
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अक्सर अपने शरीर की नेचुरल घड़ी को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन, यह शोध याद दिलाता है कि शरीर एक तय समय-सारिणी पर काम करता है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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