Weight Loss Tips : किसी का वजन अचानक कई किलो कम हो जाए तो लोग सबसे पहले उसके बदले हुए लुक पर ध्यान देते हैं. लेकिन किसी खिलाड़ी के मामले में कहानी थोड़ी अलग होती है. वहां तराजू पर घटता नंबर तभी अच्छी खबर है, जब उसके साथ ताकत, एनर्जी और खेल का प्रदर्शन भी बना रहे.
Cricketer Sarfaraz Khan Loses 17Kgs: क्रिकेटर सरफराज खान के करीब 17 किलो वजन घटाने की खबर ने इसी वजह से ध्यान खींचा है. उनकी फिटनेस में आए इस बदलाव को टीम में वापसी से भी जोड़कर देखा जा रहा है. लेकिन यहां एक जरूरी सवाल है, क्या इतना वजन कम करना हर खिलाड़ी के लिए सही तरीका हो सकता है? जवाब है, बिल्कुल नहीं.
17 किलो वजन कम होना ही पूरी कहानी नहीं | Cricketer Sarfaraz Khan Loses 17Kgs
सरफराज का वजन कम होना देखने में बड़ा बदलाव लग सकता है, लेकिन किसी खिलाड़ी की फिटनेस सिर्फ उसके वजन से तय नहीं होती. क्रिकेट में बल्लेबाजी के साथ तेज दौड़ना, फील्डिंग करना, अचानक दिशा बदलना और लंबे समय तक मैदान पर बने रहना पड़ता है. इसलिए किसी एथलीट का मकसद सिर्फ हल्का होना नहीं, बल्कि ऐसा शरीर बनाना होना चाहिए जो उसके खेल में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करे.
वजन कम करते समय शरीर से सिर्फ फैट ही नहीं घटता. अगर डाइट बहुत ज्यादा कम कर दी जाए या वजन बहुत तेजी से घटाया जाए, तो पानी, मसल्स और शरीर में जमा कार्बोहाइड्रेट यानी ग्लाइकोजन भी कम हो सकता है.
यही वजह है कि बहुत तेजी से वजन घटाने पर कमजोरी, थकान और वर्कआउट या खेल के दौरान प्रदर्शन गिरने का खतरा हो सकता है. एथलीट के लिए यह खास तौर पर बड़ी समस्या है, क्योंकि उसे वजन कम करने के साथ अपनी ताकत और एनर्जी भी बचाकर रखनी होती है.
इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए एनडीटीवी ने बात की फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में इंटरनल मेडिसिन के प्रिंसिपल डायरेक्टर और यूनिट हेड डॉ. सतीश कौल से. उन्होंने कहा कि सरफराज के बदलाव को सिर्फ़ वज़न कम करने के नज़रिए से नहीं, बल्कि एथलेटिक परफॉर्मेंस के नज़रिए से देखा जाना चाहिए.
डॉक्टर के अनुसार
डॉ. सतीश कौल
फैट कम करें, मसल्स नहीं
फिटनेस के लिहाज से बेहतर तरीका यह है कि बॉडी का एक्सट्रा फैट धीरे-धीरे कम किया जाए और मसल्स को बचाकर रखा जाए. इसके लिए बहुत कम खाना या अचानक कार्बोहाइड्रेट बंद कर देना सही तरीका नहीं है. डाइट में पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है. अंडे, दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, चिकन, दालें, बीन्स और सोया जैसे फूड प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं.
खिलाड़ियों के लिए कार्बोहाइड्रेट भी जरूरी
वजन कम करने के चक्कर में कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह छोड़ देना भी सही नहीं है. खिलाड़ी को ट्रेनिंग, मैच और मैदान पर लंबे समय तक एक्टिव रहने के लिए एनर्जी चाहिए, और इसमें कार्बोहाइड्रेट की अहम भूमिका होती है. जरूरत के हिसाब से इसकी मात्रा बदली जा सकती है. ज्यादा ट्रेनिंग या मैच वाले दिन शरीर को ज्यादा एनर्जी की जरूरत हो सकती है, जबकि कम एक्टिविटी वाले दिनों में जरूरत कुछ कम हो सकती है.
नींद और रिकवरी को भी न भूलें
सिर्फ जिम और डाइट से फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन पूरा नहीं होता. अगर कोई एथलीट कम कैलोरी ले रहा है और साथ में कड़ी ट्रेनिंग भी कर रहा है, तो शरीर को रिकवर होने के लिए पर्याप्त नींद और आराम चाहिए. पानी की कमी भी प्रदर्शन पर असर डाल सकती है. इसलिए वजन घटाने के दौरान हाइड्रेशन, नींद, आराम और ट्रेनिंग के बीच सही संतुलन बनाए रखना जरूरी है.
सरफराज खान का 17 किलो वजन कम करना किसी दूसरे व्यक्ति के लिए लक्ष्य नहीं बन सकता. हर खिलाड़ी का शुरुआती वजन, शरीर में फैट और मसल्स की मात्रा, खेल की जरूरत, ट्रेनिंग और रोज का वर्कलोड अलग होता है.
एक तेज गेंदबाज की जरूरत एक बल्लेबाज से अलग होगी और दो बल्लेबाजों का शरीर भी एक जैसा नहीं होता. इसलिए किसी खिलाड़ी के वजन घटाने की कहानी देखकर उसी नंबर को हासिल करने की कोशिश करना समझदारी नहीं होगी.
एथलीट के लिए असली फिटनेस तब है, जब वजन या फैट कम होने के साथ ताकत, एनर्जी, खेल का प्रदर्शन और रिकवरी भी अच्छी बनी रहे. सरफराज की फिटनेस जर्नी से यही बात समझ आती है कि वजन कम करना एक लक्ष्य हो सकता है, लेकिन फिटनेस का पूरा मतलब सिर्फ वजन कम करना नहीं है.
खिलाड़ियों को सुरक्षित तरीके से वजन कैसे कम करना चाहिए?
अगर किसी खिलाड़ी को शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करनी है, तो यह काम केवल डाइटिंग से नहीं बल्कि सही योजना के साथ होना चाहिए. इसके लिए स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच और मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह लेना बेहतर माना जाता है. सुरक्षित और टिकाऊ वेट लॉस के लिए बहुत कम खाने की बजाय हल्का कैलोरी डेफिसिट रखना चाहिए, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे. साथ ही पर्याप्त प्रोटीन लेना जरूरी है, जिससे वजन घटाने के दौरान मसल्स सुरक्षित रह सकें.
- खिलाड़ियों को कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह छोड़ने की गलती भी नहीं करनी चाहिए.
- ट्रेनिंग और मैच के दौरान शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है, जिसे कार्बोहाइड्रेट पूरा करते हैं.
- इसके अलावा नियमित रेजिस्टेंस ट्रेनिंग, पर्याप्त पानी पीना, अच्छी नींद लेना और रिकवरी पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है.
- खिलाड़ी की डाइट और कैलोरी जरूरत उसके ट्रेनिंग लोड के अनुसार बदलनी चाहिए.
- सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर वजन घटाने की वजह से प्रदर्शन, रिकवरी, मूड या स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ने लगे तो इस प्रक्रिया का दोबारा मूल्यांकन करना चाहिए.
सरफराज खान की फिटनेस जर्नी से क्या सीख मिलती है?
सरफराज खान का करीब 17 किलो वजन कम करना इस बात का उदाहरण है कि फिटनेस किसी खिलाड़ी के करियर का अहम हिस्सा बन सकती है. हालांकि, तराजू पर दिखने वाला आंकड़ा किसी भी खिलाड़ी की सफलता का अंतिम पैमाना नहीं होता. खेल जगत में असली लक्ष्य ऐसी बॉडी कंपोजिशन हासिल करना है जो प्रदर्शन को बेहतर बनाए और ताकत, सहनशक्ति, ऊर्जा तथा रिकवरी को बनाए रखे.
मसल्स को बचाना जरूरी
तेजी से वजन कम करने पर कई बार शरीर से सिर्फ फैट ही नहीं बल्कि मसल्स, पानी और ग्लाइकोजन भी कम हो सकते हैं, जिससे प्रदर्शन प्रभावित होने का खतरा रहता है. इसलिए विशेषज्ञ आमतौर पर धीरे-धीरे और योजनाबद्ध तरीके से फैट लॉस करने की सलाह देते हैं. डॉ. कौल के अनुसार, किसी फिटनेस ट्रांसफॉर्मेशन की असली सफलता इस बात से नहीं मापी जानी चाहिए कि खिलाड़ी ने कितने किलो वजन घटाया, बल्कि इस बात से कि क्या वह नई फिटनेस लंबे समय तक स्वास्थ्य, रिकवरी और प्रदर्शन से समझौता किए बिना बनाए रख सकता है.
क्या सीख मिली
यही वजह है कि सरफराज खान की कहानी सिर्फ 17 किलो वजन कम करने की नहीं, बल्कि उस फिटनेस की है जिसने उन्हें मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की. खिलाड़ियों के लिए असली उपलब्धि वजन घटाना नहीं, बल्कि अपने खेल के लिए अधिक फिट, मजबूत और तैयार बनना है.
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