ब्लड रिपोर्ट में LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) बढ़ा हुआ देखकर कई लोग घबरा जाते हैं, लेकिन दिल की सेहत को समझने के लिए सिर्फ एक नंबर पर ध्यान देना काफी नहीं है. शरीर में HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल), LDL और VLDL तीनों की अपनी अलग भूमिका होती है. जहां HDL दिल को सुरक्षित रखने में मदद करता है, वहीं LDL और VLDL का बढ़ना ब्लड वेसल्स में चर्बी जमा होने का खतरा बढ़ा सकता है. तो आइए आसान भाषा में समझते हैं कोलेस्ट्रॉल का पूरा खेल.
क्या होता है कोलेस्ट्रॉल रेशियो?
कोलेस्ट्रॉल रेशियो एक ऐसा आंकड़ा है, जो यह बताने में मदद करता है कि आपके दिल की सेहत कैसी है, इसे निकालने के लिए आपके कुल कोलेस्ट्रॉल को HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल से भाग दिया जाता है.
फॉर्मूला:
कोलेस्ट्रॉल रेशियो = कुल कोलेस्ट्रॉल ÷ HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल)
यह रेशियो इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि HDL दिल को सुरक्षित रखने का काम करता है. शरीर में जितना ज्यादा गुड कोलेस्ट्रॉल होगा, दिल के लिए उतना ही बेहतर माना जाता है.
अगर आपका कोलेस्ट्रॉल रेशियो 3.5:1 से ज्यादा है, तो यह दिल की बीमारी के बढ़ते खतरे का संकेत हो सकता है. ऐसे में खानपान और लाइफस्टाइल पर खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है.
कोलेस्ट्रॉल रेशियो कैसे निकालें?
मान लीजिए आपकी ब्लड रिपोर्ट में:
- कुल कोलेस्ट्रॉल = 200 mg/dL
- HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) = 50 mg/dL
तो आपका रेशियो होगा:
200 ÷ 50 = 4
यानी आपका कोलेस्ट्रॉल रेशियो 4:1 है.

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HDL, LDL और VLDL कितना होना चाहिए?
- HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) : कुल कोलेस्ट्रॉल का 20-30% होना चाहिए.
- LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) : कुल कोलेस्ट्रॉल का 60-70% तक हो सकता है।.
- VLDL : यह LDL बनने से पहले का रूप होता है और कुल कोलेस्ट्रॉल का लगभग 10-15% होता है.
कितना कोलेस्ट्रॉल रेशियो अच्छा माना जाता है?
कोलेस्ट्रॉल रेशियो देखकर दिल की सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है.
- 3.5 से कम (सबसे बेहतर)
- करीब 4 (अच्छा)
- 5 से ज्यादा (दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा हुआ)
- 6 से ज्यादा (बहुत ज्यादा जोखिम)
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