Chanakya Niti For Healthy Lifestyle and Strength: जीवन को सुखमय बनाने और सही दिशा देने के लिए चाणक्य की लिखी चाणक्य नीति या नीतिशास्त्र बेहद उपयोगी है. चाणक्य (Chanakya) ने भोजन से जुड़ी कई अहम नीतियां अपने नीतिशास्त्र में शामिल की थी. चाणक्य नीति के 10वें अध्याय में उन्होंने भोजन से जुड़े नियम और उनकी अहमियत के बारे में बताया है. इन नीतियों को अगर माना जाए तो बुढ़ापे को टाला जा सकता है. इससे शरीर उर्जा से भरा रहता है और इसे ताकत मिलती है, जिससे उम्र लंबी होती है.
चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र के 10वें अध्याय के उन्नीसवें श्लोक में भोजन के गुणों को समझाया है. आइए इस बारे में जानते हैं.
वह श्लोक है:
अन्नाद् दशगुणं पिष्टं पिष्टाद् दशगुणं पयः ।
पयसोऽष्टगुणं मांसं मांसद् दशगुणं घृतम्
क्या है इस श्लोक का अर्थ
चाणक्य नीति के इस श्लोक में अन्न, दूध, मांस और घी के गुणों के बारे में समझाया गया है. इस श्लोक का अर्थ है कि अन्न से 10 गुना अधिक उसके आटे में ऊर्जा और ताकत होती है. वहीं आटे से 10 गुना अधिक ताकत दूध में होती है. जबकि दूध से 8 गुणा अधिक ताकत और उर्जा मांस में होती है जबकि मासांहार से भी 10 गुना अधिक बल घी में होता है.

घी के फायदे (Benefits of ghee)
चाणक्य के अनुसार घी, अन्न की तुलना में 38 गुना अधिक ताकत देता है. हर दिन घी के सेवन से इंसान तनदुरुत रह सकता है. इससे शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और बुढ़ापा जल्दी नहीं आता. घी का सेवन न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है बल्कि ये स्किन के लिए भी बेहद फायदेमंद है. घी खाने से स्किन पर नेचुरल ग्लो आता है और एजिंग साइन्स नहीं आते.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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