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ट्रंप के एक बयान से गिरा कच्चा तेल, $119 से फिसलकर $92 पर आया भाव, क्या अब खत्म होगी मिडिल ईस्ट की जंग?

Brent Crude Prices: तेल की कीमतों को नीचे लाने में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप की फोन पर हुई बातचीत का भी बड़ा हाथ है. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

ट्रंप के एक बयान से गिरा कच्चा तेल, $119 से फिसलकर $92 पर आया भाव, क्या अब खत्म होगी मिडिल ईस्ट की जंग?
Trump on oil prices: ट्रंप के बयान ने बाजार में फैली सप्लाई रुकने की चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है.
नई दिल्ली:

कच्चे तेल की कीमतों में आई रिकॉर्ड तेजी के बाद अब राहत की खबर आ रही है. मंगलवार को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) में 6% से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के जल्द खत्म होने की उम्मीद जताई है. ट्रंप के इस बयान ने बाजार में फैली सप्लाई रुकने की चिंता को काफी हद तक कम कर दिया है.

ट्रंप का बयान और तेल कीमतों में गिरावट 

सोमवार को जो कच्चा तेल $119 के करीब पहुंच गया था, वह मंगलवार को लुढ़क कर नीचे आ गया. ब्रेंट क्रूड $6.51 (6.6%) गिरकर $92.45 पर आ गया, वहीं अमेरिकी WTI क्रूड $6.12 (6.5%) गिरकर $88.65 पर ट्रेड कर रहा है. 

ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध काफी हद तक पूरा हो चुका है और यह उनके तय समय से काफी तेजी से आगे बढ़ा है. उनके इस भरोसे ने निवेशकों को सुकून दिया है.

पुतिन और ट्रंप की बातचीत ने बदला माहौल

तेल की कीमतों को नीचे लाने में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ट्रंप की फोन पर हुई बातचीत का भी बड़ा हाथ है. क्रेमलिन (रूस) के मुताबिक, पुतिन ने ट्रंप के साथ ईरान युद्ध को जल्द खत्म करने के कुछ प्रस्ताव साझा किए हैं. 

इसके अलावा, खबर यह भी है कि ट्रंप ग्लोबल मार्केट में तेल की कमी को दूर करने के लिए रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों में ढील देने और इमरजेंसी स्टॉक (Emergency Crude Stockpiles) जारी करने पर विचार कर रहे हैं.

ईरान की धमकी और सप्लाई का संकट

हालांकि, ट्रंप के बयान के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने तीखे तेवर दिखाए हैं. उन्होंने कहा कि युद्ध कब खत्म होगा, यह तेहरान तय करेगा. ईरान ने धमकी दी है कि अगर हमले जारी रहे, तो वह इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने देगा. इधर, इराक और कुवैत जैसे देशों ने पहले ही उत्पादन में भारी कटौती कर दी है. इराक ने तो अपने मुख्य तेल क्षेत्रों में उत्पादन 70% तक घटा दिया है.

आगे क्या होगा? बाजार के जानकारों की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. तेल का भाव $75 से $105 के बीच रह सकता है. इस बीच, G7 देशों ने भी साफ कर दिया है कि वे तेल की बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं.

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