Yaddasht Badhane Ke Desi Nuskhe | Secret Method To Improve Memory : क्या आप भी फ्रिज तक पहुंचकर यह भूल जाते हैं कि आपने फ्रिज क्यों खोला था? कहीं भी जाने से पहले घंटों चाबी तलाशना आपका रोजाना का काम है? बात करते-करते अक्सर आप यह सोचने लगते हैं कि आप क्या बोलने वाले थे... हर सवाल के जवाब के लिए गूगल पर निर्भर होते जा रहे हम, अक्सर हम अपने दिमाग की असीमित क्षमता को भूल जाते हैं. हम गूगल से तो पूछते हैं कि याददाश्त बढ़ाने के तरीके बताएं या याददाश्त बढ़ाने के नुस्खे सुझाएं, लेकिन ये भूल जाते हैं कि प्राचीन काल में जब कागज और कलम का आविष्कार नहीं हुआ था, तब ऋषि-मुनि हजारों श्लोक और जटिल गणनाएं कंठस्थ रखते थे. पर वे आखिर ऐसा कैसे कर पाते थे? आखिर क्या था वह 'सीक्रेट मेथड' जिससे उनकी बुद्धि इतनी प्रखर होती थी? तो चलिए आज जानते हैं याददाश्त बढ़ाने का गुप्त विज्ञान या यूं कहें कि सीक्रेट मेथड.
याददाश्त बढ़ाने के रामबाण नुस्खे | Secret Method To Improve Memory
'अमृत बेला' का सही उपयोग
'अमृत बेला' का सही उपयोग याददाश्त बढ़ाने के लिए पहली शर्त है सही समय पर उठना. प्राचीन ग्रंथों में ब्रह्म मुहूर्त को बुद्धि का द्वार माना गया है. सुबह 4:00 से 5:30 के बीच का समय वह काल है. इस समय पूरे ब्रह्मांड में शोर न्यूनतम और प्राणवायु (ऑक्सीजन) उच्चतम होती है. इस समय दिमाग के न्यूरॉन्स सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं. अगर इस समय सिर्फ 15 मिनट भी किसी विषय का गहराई से चिंतन किया जाए, तो वह सीधा 'सबकॉन्शियस माइंड' में दर्ज हो जाता है.
त्राटक: एकाग्रता की कुंजी
भटकता हुआ मन कभी कुछ याद नहीं रख सकता. याददाश्त बढ़ाने की सबसे गुप्त विधि है 'त्राटक'. एक अंधेरे कमरे में घी का दीपक जलाकर उसकी लौ पर एकटक ध्यान केंद्रित करना. यह अभ्यास मस्तिष्क के 'पीनियल ग्लैंड' को उत्तेजित करता है, जिसे तीसरी आंख भी कहा जाता है. इससे न सिर्फ फोकस बढ़ता है, बल्कि फोटोग्राफिक मेमोरी यानी चीजों को तस्वीर की तरह याद रखने की क्षमता विकसित होती है.
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याददाश्त बढ़ाने का नुस्खा
मस्तिष्क को तेज करने के लिए शरीर के भीतर का रसायन बदलना जरूरी है. आयुर्वेद ने तीन विशिष्ट औषधियों को 'मेध्य' (बुद्धि बढ़ाने वाला) कहा है: ब्राह्मी, शंखपुष्पी और नस्य क्रिया. ब्राह्मी मस्तिष्क के दोनों हिस्सों (लेफ्ट और राइट ब्रेन) के बीच संचार को तीव्र करती है. शंखपुष्पी मानसिक तनाव को कम कर याददाश्त को स्थायी बनाती है. नस्य क्रिया में सोने से पहले नाक में शुद्ध देसी गाय के घी की दो बूंदें डालना. यह सीधे तौर पर मस्तिष्क की नसों को पोषण प्रदान करता है.
बस रटना नहीं है
प्राचीन काल के लोग रटते नहीं थे, बल्कि उन्हें 'दृश्यों' में बदलते थे. विज्ञान कहता है कि हमारा दिमाग शब्दों से ज्यादा तस्वीरों को याद रखता है. किसी भी जानकारी को एक कहानी या एक मानसिक चित्र से जोड़ देना याददाश्त को कई गुना बढ़ा देता है. जब तक आप किसी डेटा को महसूस नहीं करते, वह कचरे की तरह दिमाग के एक कोने में पड़ा रहता है और समय आने पर गायब हो जाता है.

मौन रहकर करें दिमाग को रिबूट
बहुत ज्यादा इंफॉर्मेशन याददाश्त की सबसे बड़ी दुश्मन है. बुद्धि को तेज करने का गुप्त तरीका है 'मौन'. दिन भर में कम से कम 30 मिनट पूरी तरह शांत रहना और आंखों को बंद कर आंतरिक अंधेरे को देखना मस्तिष्क को 'रिबूट' करता है. यह वह समय होता है जब आपका दिमाग दिन भर की बिखरी हुई जानकारियों को व्यवस्थित कर उन्हें यादों के खानों में सहेजता है.
तेज दिमाग का रहस्य
किसी महंगे सप्लीमेंट में नहीं, बल्कि जीवनशैली के इन सूक्ष्म बदलावों में छिपा है. जब आप अनुशासन, सही पोषण और मानसिक शांति का समन्वय करते हैं, तो आपकी याददाश्त सिर्फ एक सूचना का भंडार नहीं रहती, बल्कि एक प्रखर औजार बन जाती है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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