आज के समय की हमारी खराब खानपान और बदलती लाइफस्टाइल के कारण ज्यादातर लोग कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. भारत में आज के समय में स्वास्थ्य संबंधी मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कैंसर, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियां मौतों का कारण बनती जा रही हैं. आपको बता दें कि कैंसर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) और मोटापे से भारत में हर दूसरा व्यक्ति शिकार हो रहा है. यह जानलेवा बीमारियां हैं, जिनका समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है. अगर इनका समय पर इलाज न किया जाए तो ये मौत का कारण बन सकती हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में क्राइम,आपदा से कहीं ज्यादा जानें ले रहीं ये बीमारियां. तो चलिए (Centre for Research on the Epidemiology of Disasters) द्वार जारी कुछ आंकड़ो पर नजर डालते हैं.
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1. मेडिकल कारण-
अगर हम मेडिकल कारण की बात करें तो इसमें कार्डियोवैस्कुलर डिजीज सबसे पहले नंबर पर है. इससे दुनिया भर में हर 19.4 मिलियन तो सिर्फ भारत में 3.8 मिलियन मामले हैं.
वहीं अगर हम कैंसर की बात करें दुनिया भर में 9.9 मिलियन तो सिर्फ भारत में 930,000 केस हैं.
इसके बाद क्रोनिक रेस्पिरेटरी डिजीज की बात करें तो आंकडे आपको चौंका सकते हैं दुनिया भर में इसके 4.4 मिलियन तो भारत में 1.3 मिलियन.
2. नेचुरल क्लाइमेंट-
भूकंप एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन साल 2023 में दुनिया भर में 35.124 मामले आए तो वहीं भारत में 1300 जानें गईं.
चक्रवात की बात करें साल 2023 के आंकडे जहां 14,666 हैं तो वहीं भारत में 118 जानें गईं.
3. वायलेंट क्राइम-
वायलेंट क्राइम की बात करें तो दुनिया भर हत्या के मामले 397,410 रही तो वहीं भारत में 28,522
टेररिज़म की बात करें तो दुनिया भर से जो आकड़े आए उनमें 96,489 तो वहीं भारत में 277 हैं.
4. अन्य मामले-
रोड एक्सीडेंट की बात करें तो जो दुनिया भर से आकड़ें सामने आए हैं उनमें 1.2 तो वहीं भारत में 1.7 लाख एक्सीडेंट से जानें गईं.
आत्महत्या को अपराध की श्रेणी में रखा जाता है लेकिन दुनिया भर में 7.5 लाख तो वहीं भारत में 1.7 लाख जानें आत्महत्या से गईं.
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