Animal Bites First Aid | Bahraich Bhediya Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich Bhediya Attack) में एक बार फिर आदमख़ोर भेड़िए का आतंक (Bhediye ka aatank) बढ़ने की खबरें हैं. पिछले साल भी भेड़िए के आतंक से ये तराई इलाक़ा सहमा हुआ था. इस साल फिर से भेड़िए का आतंक शुरू हो गया है. कई दुखद खबरें भी इस इलाके से आई. अक्सर ग्रामीण इलाकों में लोग जंगली जानवर (Jangli Janwar) के हमलों का शिकार होते हैं. जैसे जंगली बिल्ली, कुत्ता, हैम्स्टर, भेड़िया. जंगली जानवर के काटने (Janwar Kat le to kya karo) पर या हमला करने के बाद हुए घाव के लिए खास इलाज (Gharelu Ilaj) की जरूरत होती है. इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि काटना कितना गहरा है और किस जानवर ने काटा है.
जंगली जानवर के काटने पर क्या करें | Jangali Janwar Ke Hamle ke baad kya Karen
आपको संक्रमण रोकने के लिए दवा की जरूरत हो सकती है. टीटनेस या रेबीज का इंजेक्शन लगाना पड़ सकता है. जंगली जानवर जैसे कोयोट, लोमड़ी, भेड़िया, रैकून, चमगादड़ वगैरह रेबीज फैला सकते हैं. इसके अलावा पालतू जानवर भी अगर बीमार हों या उन्हें टीके न लगे हों, या आवारा हों और उस इलाके में रेबीज हो तो वे भी रेबीज फैला सकते हैं. अगर काटने वाला बिल्ली या कुत्ता था, तो उसकी रेबीज की वैक्सीन अपडेट है या नहीं यह पता करें. जंगली जानवर से काटा हो तो डॉक्टर से पूछें कि कौन-कौन से जानवर रेबीज फैला सकते हैं.
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जंगली जानवर के काटने पर करें ये घरेलू उपचार:
- सुरक्षित रहें: सबसे पहले खुद को सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ
- घाव को तुरंत साफ करें: साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोएं.
- खून रोकें: अगर खून बह रहा है तो साफ कपड़े से दबाव डालें.
- एंटीसेप्टिक लगाएं: घाव पर जीवाणुरोधी क्रीम या स्प्रे लगाएं.
- घाव को ढकें: साफ पट्टी या बैंडेज से ढक दें.
- जल्दी से डॉक्टर को दिखाएं: क्योंकि जंगली जानवर रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी फैला सकते हैं. डॉक्टर आपको सही इलाज और टीके देंगे.
- रेबीज की जानकारी दें: डॉक्टर को बताएं कि काटने वाला जंगली जानवर था, ताकि वे आपको सही टीका और दवा दें.
- टीटनेस की जांच कराएं: अगर आपने पिछले 5 साल में टीटनेस की गोली नहीं लगवाई है, तो डॉक्टर से बूस्टर शॉट लेना जरूरी होगा.
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तुरंत चिकित्सा सहायता लें :
- घाव गहरा छेद वाला हो या आपको पता न हो कि यह कितना गंभीर है.
- त्वचा बुरी तरह फटी हुई, कुचली हुई या बहुत ज़्यादा खून बह रहा हो. खून बहना बंद करने के लिए पहले पट्टी या साफ़ कपड़े से दबाव डालें.
- आपको बढ़ती सूजन, त्वचा के रंग में बदलाव, दर्द या रिसाव दिखाई दे. ये संक्रमण के लक्षण हैं.
- डॉक्टर संक्रमण के लक्षणों जैसे मवाद, छूने पर गर्मी, गंभीर दर्द, या लाल धारियों पर ध्यान देंगे.
- संक्रमण को रोकने या इलाज के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं लिख सकते हैं
- आपको यकीन नहीं है कि जिस जानवर ने आपको काटा है, उसे रेबीज़ है या नहीं. चमगादड़ अक्सर रेबीज़ के वाहक होते हैं और काटने के स्पष्ट निशान छोड़े बिना भी इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं. यही कारण है कि रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC) चमगादड़ों के संपर्क में आने वाले लोगों को रेबीज़ के टीके के बारे में चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह देता है. यह एक अच्छा विचार है, भले ही उन्हें लगे कि उन्हें काटा नहीं गया है.
- एक बार फिर आपके याद दिला दें कि अगर आपको पिछले 5 सालों में टिटनेस का टीका नहीं लगा है और घाव गहरा या गंदा है, तो आपका स्वास्थ्य सेवा पेशेवर बूस्टर टीका लगवाने की सलाह दे सकता है. चोट लगने के 48 घंटों के भीतर बूस्टर टीका लगवाएँ.
अन्य जांचें: CBC, LFT और गुर्दे के कार्य परीक्षण जैसी जांचें की जा सकती हैं, खासकर साँप के काटने के मामलों में.
अगर घाव बिल्ली या कुत्ते के कारण हुआ है, तो यह सुनिश्चित करने की कोशिश करें कि उसका रेबीज़ का टीका अप-टू-डेट है. अगर यह किसी जंगली जानवर के कारण हुआ है, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें कि किन जानवरों में रेबीज़ होने की सबसे ज़्यादा संभावना है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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