Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. अपने चौथे बजट भाषण के दौरान सीएम ने किसानों, पशुपालकों और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया. हालांकि बजट के कुल आकार में पिछले वर्ष की तुलना में 3586 करोड़ रुपये की कटौती की गई.
पशुपालकों की बल्ले-बल्ले
बजट की सबसे बड़ी घोषणा पशुपालकों के लिए रही. सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. अब गाय का दूध 61 रुपये प्रति लीटर (पहले ₹51) की दर से खरीदा जाएगा. वहीं, भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर (पहले ₹61) की दर से खरीदा जाएगा. इसके साथ ही, राज्य के 6000 से अधिक मछुआरों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया गया है.
अब गाय का दूध न्यूनतम खरीद मूल्य 51 रुपये प्रति लीटर के बजाय 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस का दूध न्यूनतम खरीद मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर की जगह 71 रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा।
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) March 21, 2026
यह निर्णय किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करेगा, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती… pic.twitter.com/dpZ5SHxFdB
RDG पर सदन में भारी हंगामा
बजट भाषण के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब सीएम सुक्खू ने केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद करने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य को सालाना 8105 करोड़ रुपये का नुकसान होगा. इस पर विपक्षी भाजपा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की और सदन की कार्यवाही में व्यवधान डाला. सीएम ने पलटवार करते हुए कहा, 'इतिहास विपक्ष को कभी माफ नहीं करेगा.'
कांगड़ा बनेगा टूरिज्म हब
बजट में मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए बड़ी घोषणाएं कीं. इनमें कांगड़ा में एक आधुनिक एयरोसिटी विकसित करने, हवाई अड्डे के विस्तार और भूमि अधिग्रहण के लिए 3300 करोड़ रुपये का प्रावधान करने और राज्य में किसान आयोग व महिला पर्यटन कोष का भी गठन करने जैसे ऐलान शामिल हैं.
प्रति व्यक्ति आय में 9.8% की बढ़ोतरी
चुनौतियों के बावजूद, सीएम ने राज्य की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक आंकड़े पेश किए. चालू वित्त वर्ष में राज्य की विकास दर 8.3% रहने का अनुमान है. हिमाचल की प्रति व्यक्ति आय 9.8% बढ़कर 2,83,626 रुपये पहुंच गई है.
हिमाचल पर भी युद्ध का असर
सीएम ने हिमाचल को 'उत्तर भारत का फेफड़ा' बताते हुए केंद्र से 'हरित बोनस' की मांग दोहराई. सीएम ने कहा, 'हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है जिसके पास जल और वन जैसे सीमित संसाधन हैं. हमारी तुलना उत्तराखंड या असम से करना गलत है. बाहरी संघर्षों (अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध) के कारण एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं, जिसका असर हिमाचल पर भी है.'
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