हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में हुए एक हादसे में बुल्गारिया के एक पैराग्लाइर की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया.राहत और बचाव कर्मियों ने धौलाधार की पहाड़ियों में देर रात अभियान चलाकर घायल पैराग्लाइडर को एयरलिफ्ट किया गया. हादसे का शिकार हुआ पायलट सात अक्तूबर को पर्यटक वीजा पर भारत आया था.
कहां और कब हुआ हादसा
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बीड़ बिलिंग में इन दिनों दुनिया भर से आए पैराग्लाइडिंग पायलटों का मेला लगा हुआ है. हर दिन सैंकड़ों को संख्या में पायलट विश्व प्रसिद्ध घाटी से उड़ान भर रहे हैं. इसमें हर समय हादसों का डर बना रहता है. इसी कड़ी में बीते रविवार को बुल्गारिया के दो पायलट मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको और स्टीफेन एंटोनी हादसे का शिकार हो गए. इस हादसे में मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको नाम के पायलट की मौत हो गई.
मिली जानकारी के मुताबिक दोनों पायलटों ने 25 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11 बजे बीड़ बिलिंग से उड़ान भरी थी. लेकिन जब वो धौलाधार को पहाड़ियों के ऊपर करीब 2700 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे तो हादसे का शिकार हो गए. यह हादसा दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुआ.हादसे की वजह तेज हवाओं को बताया जा रह है.मृतक की पहचान बुल्गारिया के नागरिक मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको के रूप में हुई है. पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया और सोमवार सुबह करीब दस बजे अभियान पूरा किया. इस दौरान स्टीफेन एंटोनी नाम के पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक जमीन से टकराने के बाद एक पायलट की मौत हो गई.
पूरी रात चला राहत और बचाव का अभियान
स्नो एंड माउंटेन सर्च एंड रेस्क्यू एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार 25 अक्टूबर 2026 को जिला कांगड़ा के धर्मशाला स्थित खनियारा में राइजिंग स्टार पीक के निकट हुए गंभीर पैराग्लाइडिंग हादसे के बाद चलाया गया संयुक्त बचाव और रिकवरी अभियान पूरा कर लिया गया है. इस हादसे में दो विदेशी पैराग्लाइडिंग पायलट शामिल थे. उनके बुल्गारिया का नागरिक होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है. जबकि दूसरा पायलट सुरक्षित बच गया.
मिली जानकारी के मुताबिक मैक्सिम वैलेंटिनोविच गैवरिलिचेंको सात अक्टूबर 2026 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे. वह अपने दोस्त के साथ सोलो पैराग्लाइडिंग उड़ान भर रहे थे. पहचान दस्तावेजों के आधार पर मृतक पायलट के बुल्गारिया का नागरिक होने की जानकारी मिली है. घटना की सूचना मिलने के बाद HIMSAMSARA ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य सहयोगी टीमों के साथ समन्वय स्थापित किया. एसडीआरएफ के सहयोग से रात करीब नौ बजे बचाव और रिकवरी अभियान शुरू हुआ. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान घटनास्थल की सटीक लोकेशन की पुष्टि, संचार व्यवस्था, फील्ड टीमों के बीच समन्वय और आवश्यक संसाधनों की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया गया. यह अभियान पूरी रात चला. यह सोमवार सुबह करीब 10 बजे पूरा हुआ. इसके बाद से शव को जरूरी कानूनी और दूसरी प्रक्रियाओं के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया. पोस्टमार्टम के लिए शव को धर्मशाला के जोनल अस्पताल में रखा गया है.वहीं इस हादसे में जीवित बचे पायलट को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एयरलिफ्ट किया गया. इस मामले में जांच के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का पता चल जाएगा.
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