Elon Musk की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने इंग्लैंड में दो यूजर्स के खिलाफ धोखाधड़ी का एक बड़ा मुकदमा दर्ज कराया है. कंपनी का आरोप लगाया है कि वे कई Bitcoin-फोक्स्ड फर्जी अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे थे. इसके जरिए वे प्लेटफॉर्म पर नकली एंगेजमेंट (लाइक्स, कमेंट्स और रीपोस्ट) तैयार कर रहे थे.
X का आरोप है कि इन यूजर्स ने प्लेटफॉर्म के 'क्रिएटर प्रोग्राम' में हेरफेर किया. इन यूजर्स ने धोखाधड़ी के जरिए कम से कम £207,384 (लगभग 2.6 करोड़ रुपये) की कमाई की. इंग्लैंड और वेल्स के हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस में दायर इस मुकदमे में विवेक कुमार सेन, जाम्यांग शेरपा और कुछ "अज्ञात लोगों" को नामजद किया गया है.
X मांग रहा हर्जाना
Elon Musk की कंपनी X अब कोर्ट के जरिए इन स्कैमर्स से भुगतान किए गए करोड़ों रुपये की वसूली, हर्जाना, ब्याज और कानूनी लड़ाई में आए भारी खर्च को वापस पाने की मांग कर रही है. xAI और X के जनरल काउंसिल James M Burnham ने सोशल मीडिया पर इस मुकदमे की डिटेल्स जानकारी शेयर करते हुए लिखा कि कंपनी क्रिएटर पेआउट प्रोग्राम के इस गंभीर दुरुपयोग के खिलाफ आरोपियों को अदालत में घसीट रही है.
उन्होंने लिखा, "पिछले हफ्ते, X ने उन कई लोगों पर मुकदमा दायर किया जिन्होंने एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत कई नकली अकाउंट्स चलाकर, अनवेरिफाइड कंटेंट पोस्ट करके और इस साजिश को छिपाने के लिए कई अलग-अलग बैंक अकाउंट का उपयोग करके हमारे 'क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग' प्रोग्राम का दुरुपयोग किया. हम X पर किसी भी तरह के धोखाधड़ी वाले व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे. X के मालिक Elon Musk ने भी इस पोस्ट पर तुरंत रिप्लाई करते हुए चेतावनी भरे लहजे में लिखा "X से पंगा मत लेना."

क्या है पूरा मामला?
हाई कोर्ट में दायर याचिका के अनुसार, X का आरोप है कि विवेक कुमार सेन और जाम्यांग शेरपा ने कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर प्लेटफॉर्म पर छह अकाउंट्स का एक कॉर्डेिनेटेड नेटवर्क चलाया. इस नेटवर्क का एकमात्र मकसद एंगेजमेंट मेट्रिक्स (लाइक्स, रीपोस्ट और कमेंट्स की संख्या) को आर्टिफिशियली बढ़ाकर सीधे क्रिएटर रेवेन्यू प्रोग्राम से मोटी रकम ऐठना था.
कंपनी ने अपनी जांच में पाया कि ये छह अकाउंट्स लगातार एक-दूसरे के पोस्ट को लाइक, रीपोस्ट और रिप्लाई कर रहे थे. साथ ही, एंगेजमेंट को असली दिखाने के लिए ये अकाउंट्स बिल्कुल एक जैसा या मिलता-जुलता कंटेंट पोस्ट करते थे.
इसके अलावा, कुछ दूसरे अकाउंट्स का उपयोग भी मेन अकाउंट्स के पोस्ट को लाइक और रीपोस्ट करने के लिए किया जा रहा था ताकि आम जनता और सिस्टम को ये पूरी तरह से इंसानी और असली एंगेजमेंट दिखाई दे. X के अनुसार, ये स्कैमर्स इन खातों को इस तरह चलाते थे कि उनके पोस्ट बहुत कम समय में बेहद लोकप्रिय दिखने लगें. ये अकाउंट्स महज कुछ सेकंड या मिनटों के अंतर पर एक जैसी चीजें पोस्ट करते थे.
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