टाटा स्टील ने एक अहम फैसले में अपने फुटबॉल क्लब- जमशेदपुर एफसी को सिर्फ 100 रुपये में गोवा के चर्चिल ब्रदर्स को बेच दिया है. टाटा स्टील के पास जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड का 100 प्रतिशत मालिकाना हक है और कंपनी ने इसे बेचने का फैसला लिया है. टाटा स्टील ने शुक्रवार को इस बारे में शेयर बाजार को सूचित किया है. कंपनी ने बताया है कि उसके बोर्ड द्वारा गठित उसके निदेशकों की समिति ने जेएफएसपीएल में टाटा स्टील लिमिटेड द्वारा रखे गए 10 रुपये फेस वैल्यू के 4.08 करोड़ इक्विटी शेयरों की पूरी 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी को '100 रुपये' पर चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड (चर्चिल) को सौंपे की मंजूरी दी है.बता दें, जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 में कारोबार 32.23 करोड़ रुपये का रहा था.
डायरेक्टर्स की कमिटी की मंज़ूरी के बाद, टाटा स्टील लिमिटेड और चर्चिल ने एक शेयर खरीदने का एग्रीमेंट किया है, जिसमें JFSPL में टाटा स्टील की पूरी शेयरहोल्डिंग (100) चर्चिल को ट्रांसफर करने के लिए नियम और शर्तें तय की गई हैं. इस ट्रांसफर को अभी ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) से मंज़ूरी मिलनी बाकी है.
रेवस्पोर्ट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो बड़ी कंपनियों ने जमशेदपुर FC को टेक ओवर करने के लिए पक्के तौर पर कोशिश की थी. हालांकि, ऐसी स्थिति बनी कि टाटा स्टील को क्लब चर्चिल ब्रदर्स को बेचना पड़ा. टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज़ के वाइस-प्रेसिडेंट, डीबी सुंदर रामम ने क्लब की बिक्री के बारे में बताया. उन्होंने कहा,"चर्चिल ब्रदर्स एक ऐसा क्लब है जिसका इंडियन फुटबॉल में असली इतिहास है, और हमें खुशी है कि यह एग्रीमेंट हमारे प्लेयर्स और कोच को क्लब फुटबॉल खेलते रहने का मौका देता है."
ग्राउंड लेवल पर स्पोर्ट्स के लिए अपने कमिटमेंट को दोहराते हुए, टाटा स्टील के बताया कि वह अपना पूरा फोकस टाटा फुटबॉल एकेडमी और यूथ डेवलपमेंट इनिशिएटिव्स पर बनाए रखेगी. आंकड़ों पर गौर करें तो, अकादमी से आज तक 150 से ज़्यादा प्लेयर्स आए हैं, जिन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें अलग-अलग एज ग्रुप्स के 26 कप्तान भी शामिल हैं. जमशेदपुर के स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने और बेहतर बनाने के लिए चल रहे इन्वेस्टमेंट्स के साथ-साथ, टाटा स्टील ने अपने यूथ इकोसिस्टम को मॉडर्नाइज़ करने के लिए AIFF के साथ साझेदारी की है.
गोवा स्थित चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड पहले ही चर्चिल ब्रदर्स FC नाम से क्लब चलाती है. इस क्लब का सफर 1988 में शुरू हुआ था. इंडियन सुपर लीग में हिस्सा लेने वाले इस क्लब का रिकॉर्ड घरेलू स्तर पर अच्छा है.
टाटा स्टील और चर्चिल ब्रदर्स के बीच हुए करार के तहत इस ओनरशिप ट्रांसफर में जमशेदपुर फुटबॉल क्लब का इंडियन सुपर लीग स्पोर्टिंग लाइसेंस, 12 खिलाड़ियों व 2 कोच का ट्रांसफर शामिल है. चर्चिल ब्रदर्स सितंबर 2026 से जमशेदपुर फुटबॉल क्लब के सभी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के कॉन्ट्रैक्ट अपने हाथ में ले लेगी.
चर्चिल ब्रदर्स 4 सितंबर से शुरू होने वाले इंडियन सुपर लीग सीज़न में एक्शन में दिख सकती है. गोवा के क्लब को नियमों के तहत, ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को पूरी 1.1 करोड़ रुपये की पार्टिसिपेशन फीस देनी होगी, जो ISL 2026-27 में हिस्सा लेने वाले सभी क्लबों के लिए तय है. इसके लिए आज शाम तक का समय है. जमशेदपुर FC ने 31 जुलाई को ISL से नाम वापस ले लिया था और पहली टीम को भंग कर दिया था. ओनरशिप का ट्रांसफर 31 अगस्त तक पूरा होने की उम्मीद है.
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