- नॉर्वे की फुटबॉल टीम पहली बार फीफा वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में पहुंची है जो एतिहासिक उपलब्धि है
- नॉर्वे ने राउंड ऑफ 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर चौंकाने वाली जीत हासिल की
- कोच स्टाले सूलबाकेन 33 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक के बाद प्रोफेशनल फुटबॉल छोड़कर कोचिंग में सफल हुए
एक चाहने वाला हो तो इंसान सारी कायनात से लड़ सकता है. ये कोई फिल्मी डॉयलॉग नहीं बल्कि एक हकीकत है. इसका कनेक्शन फीफा वर्ल्डकप से है. सन 1904 से फीफा वर्ल्डकप हो रहा है. हर 4 साल पर दुनिया भर की टीमें इसमें शिरकत करती हैं, पर इस बार का वर्ल्डकप दिलों को जीत रहा है. इसके हीरो हैं नॉर्वे के कोच स्टाले सूलबाकेन और हीरोइन हैं उनकी पत्नी एनीकेन सूलबाकेन.
क्यों दुनिया हो रही दीवानी
नॉर्वे फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है. ये ऐतिहासिक है. यह पहली बार है जब नॉर्वे की टीम इस मुकाम तक पहुंची है. साथ ही 28 साल बाद नॉर्वे की टीम वर्ल्डकप के लिए क्वालिफाई हुई है. इससे भी बड़ी बात कि नॉर्वे की टीम ने राउंड ऑफ 16 में पांच बार की चैंपियन ब्राजील को 2-1 से हराकर बाहर कर दिया, जो पिछले 88 सालों में ब्राजील की सबसे चौंकाने वाली हार है. अब नॉर्वे का सामना क्वार्टर फाइनल में मजबूत इंग्लैंड की टीम से संडे को मियामी में हो रहा है. तो सबकी नजरें नॉर्वे के कोच स्टाले सूलबाकेन पर हैं. कारण महज 4 सालों ने उन्होंने नॉर्व की टीम को वहां पहुंचा दिया, जहां आज तक नहीं पहुंची. उन्होंने इतिहास रच दिया है और अब आगे जो भी होगा वो भी इतिहास ही होगा.
अचानक क्लीनिकली डेड हो गए
स्टाले सूलबाकेन एक प्रसिद्ध नॉर्वेजियन फुटबॉल मैनेजर और पूर्व पेशेवर फुटबॉलर हैं. वह वर्तमान में नॉर्वे की राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल टीम के मुख्य कोच हैं. एक खिलाड़ी के रूप में, वह एक मिडफील्डर थे. उन्होंने नॉर्वे के लिए 58 मैच खेले और 1998 के फीफा विश्व कप में भी भाग लिया था. मगर 13 मार्च मार्च 2001 को, सिर्फ 33 साल की उम्र में और क्लब के कप्तान के तौर पर जब स्टाले FC कोपेनहेगन के लिए खेल रहे थे, तो ट्रेनिंग पिच पर उन्हें जबरदस्त हार्ट अटैक आया और वे गिर पड़े. पैरामेडिक्स के उन्हें होश में लाने से पहले, वे लगभग सात मिनट तक क्लीनिकली डेड (मृत) रहे. उन सात मिनटों ने उनका सब कुछ बदल गया. कार्डियक अरेस्ट की वजह जन्म से मौजूद दिल की एक ऐसी बीमारी थी जिसका पहले से उन्हें भी पता नहीं था.
मां कर रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी
मेडिकल स्टाफ की तुरंत प्रतिक्रिया और उन्हें तेजी से अस्पताल पहुंचाने की वजह से, डॉक्टर उन्हें होश में लाने में कामयाब रहे. डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि वह अब कभी भी प्रोफेशनल फ़ुटबॉल नहीं खेल पाएंगे. सालों बाद, सूलबाकेन ने 'ड्राइवक्रैफ़्ट' (Drivkreft) पॉडकास्ट पर उस अनुभव को याद किया. उन्होंने बताया, "मुझे याद है कि मैंने एक नीली रोशनी और फिर एक सुरंग देखी थी. मुझे याद है कि मैंने सोचा था कि मैं वहां थोड़ी देर और रहना चाहूंगा." उन्होंने अपनी मां से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली कहानी भी बताई. 'ला गजेटा डेलो स्पोर्ट' से बात करते हुए सूलबाकेन ने बताया कि उनकी मां उनके मरने से पहले ही उनके अंतिम संस्कार की योजना बना रही थीं. दिमाग को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें मेडिकली इंड्यूस्ड कोमा में रखा गया था, और ठीक होने के बाद उन्हें कोई न्यूरोलॉजिकल नुकसान नहीं हुआ.
क्यों किस करना महत्वपूर्ण
उस समय उनका साथ देने वाली एकमात्र उनकी पत्नी एनीकेन सूलबाकेन थीं. स्टाले टूट चुके थे. उनका करियर खत्म हो चुका था. जिस फुटबॉल से वो प्यार करते थे, उसे अब खेल नहीं सकते थे. मां जो मरने से पहले ही अंतिम संस्कार करना चाहती थी. तब एनीकेन ने उन्हें संभाला. सोलबैकन ने 33 साल की उम्र में कोचिंग शुरू की और दिसंबर 2020 में नॉर्वे की नेशनल टीम के मैनेजर बने. 2026 FIFA वर्ल्ड कप में, उन्होंने नॉर्वे को राउंड ऑफ 32 में आइवरी कोस्ट और राउंड ऑफ 16 में ब्राजील के खिलाफ जीत दिलाई. सेनेगल के खिलाफ नॉर्वे की 3-2 की रोमांचक जीत कई मायनों में ऐतिहासिक थी. इस जीत ने नॉर्वे को फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट स्टेज में पहुंचा दिया और स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने इस मैच में दो शानदार गोल दागकर अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी. यही वो समय था जब स्टाले गोल होते ही अपनी पत्नी की ओर दौड़ पड़े और उन्हें किस किया. ये एक किस नहीं बल्कि अपनी दूसरी जिंदगी को सफल बनाने वाली पत्नी को प्यार जताने का एक तरीका था. कि प्यार से बड़ा कुछ भी नहीं.
यह भी पढ़ें-
हमारा देश खून का बदला लेगा... अली खामेनेई की अंतिम विदाई पर ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा का मैसेज
वियतनाम में भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही नाव पलटी, 15 की मौत, हेल्पलाइन नंबर जारी
रूस ने माना-तुर्की से एस-400 पर हो रही बात, क्या अमेरिका की F-35 पर एर्दोगान से पक्की हो गई डील
असीम मुनीर अब रोकेंगे पाकिस्तान की बढ़ती जनसंख्या, शहबाज शरीफ ने दिए आदेश
यहां दफन हैं ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, कब्र की पहली तस्वीर
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप पर चश्मदीद की जुबानी नाव पलटने की कहानी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं