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'168' पिन बैज लगाकर मेक्सिको पहुंची ईरान की फुटबॉल टीम, क्या FIFA वर्ल्ड कप के दौरान इसकी इजाजत होगी?

जब रविवार सुबह ईरान की टीम मेक्सिको के तिजुआना पहुंची, तो खिलाड़ियों ने अपने कोट के कॉलर पर ‘#168’ लिखा हुआ पिन बैज लगाया हुआ था.

'168' पिन बैज लगाकर मेक्सिको पहुंची ईरान की फुटबॉल टीम, क्या  FIFA वर्ल्ड कप के दौरान इसकी इजाजत होगी?
ईरानी टीम ने स्कूल पर हमले के पीड़ितों के लिए #168 पिन पहनी

FIFA  World Cup 2026, Iranian team wears #168 pins for victims of school strike:: आगामी फीफा वर्ल्ड कप के लिए  ईरान की  टीम मेक्सिको पहुंच गई है. मेक्सिको के तिजुआना शहर पहुंची ईरान की वर्ल्ड कप  टीम के खिलाड़ियों ने स्कूल हमले के मृतकों की याद में '#168' बैज लगाए रखा था. ईरान टीम एयरपोर्ट से बाहर निकली तो खिलाड़ी अपने ट्रैवल कपड़ों में शानदार लग रहे थे और उनके कोट के कॉलर पर '#168' पिन बैज लगा था. यह डिजाइन ऑनलाइन हैशटैग के तौर पर भी इस्तेमाल किया गया जो 28 फरवरी, 2026 को U.S.-ईरान संघर्ष के पहले दिन एक एलिमेंट्री स्कूल में मारे गए बच्चों की संख्या की याद दिलाता है. यह पहली बार नहीं है जब ईरानी खिलाड़ियों ने खुलकर अपनी भावनाएं जाहिर की है.

ईरानी खिलाड़ियों ने पहले भी किया है विरोध

इससे पहले मार्च में नाइजीरिया के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच से पहले, ईरान की शुरुआती टीम ने राष्ट्रगान के दौरान यादगार के तौर पर स्कूल बैग दिखाए. उसी समय,कोस्टा रिका के खिलाफ खेलने से पहले,टीम ने मारे गए बच्चों और आम नागरिकों की तस्वीरें दिखाईं थी और साथ ही बमबारी में क्षतिग्रस्त हुई ऐतिहासिक इमारतों की तस्वीरें भी दिखाई थी.  बता दें कि जब ईरान की टीम शनिवार दोपहर अंताल्या, तुर्की से रवाना हुई, तो उन्होंने वे बैज नहीं पहने थे. रास्ते में,उनकी गहरे नीले रंग की जैकेट के लैपल पर पिन लगाए गए. मेक्सिको में उतरते समय 'टीम मेली' पर खिलाड़ियों की जेस्चर को दिखाया. 

ऑनलाइन हैशटैग जैसा दिखने वाला यह डिज़ाइन, यूएस.-ईरान संघर्ष के पहले दिन 28 फरवरी, 2026 को एक एलिमेंट्री स्कूल में मारे गए बच्चों की याद दिलाता है.

क्या वे वर्ल्ड कप के दौरान इन्हें पहन सकते हैं?

अगर खिलाड़ी और अधिकारी मैच के दौरान ये पिन बैज पहनते हैं, तो उनसे बैच को हटाए जाने के लिए कहा जा सकता है. ये बैज सीधे राजनीतिक संदेश देते हैं और पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकते हैं. फीफा के नियमों में कहा गया है कि "इक्विपमेंट पर कोई भी राजनीतिक,धार्मिक या निजी नारे,बयान या तस्वीरें नहीं होनी चाहिए.  किसी भी उल्लंघन पर खिलाड़ियों या टीम पर फीफा की ओर से जुर्माना लगाया जा सकता है. यह नियम टेक्निकल एरिया के सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों पर लागू होता है, जिसमें हेड कोच भी शामिल हैं.फीफा ने अपने नियम में यह भी साफ किया है कि "किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति" और "किसी खास राजनीतिक काम या घटना" से जुड़े "नारे, बयान या तस्वीरें" की इजाजत नहीं होगी. 

सफर के दौरान उन्हें पहनना एक उलझन वाला मामला है

जब कोस्टा रिका के खिलाफ मैच के दौरान ईरानी खिलाड़ियों ने विरोध किया,तो उस समय फीफा के प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो भी वहां मौजूद थे.उस समय फीफा ने अपने अनुशासन नियम के तहत कार्रवाई करने की बात कही थी, लेकिन कोई औपचारिक कार्रवाई  नहीं की गई.  इस महीने तुर्की में गैम्बिया और माली के खिलाफ फ्रेंडली मैचों से पहले और मेक्सिको के लिए रवाना होने से पहले,टीम ने राष्ट्रगान के दौरान अपने दाहिने हाथ अपनी छाती पर रखे थे.  लेकिन वर्ल्ड कप एक अलग मंच है, ईरानी खिलाड़ियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि वे विरोध के लिए एकजुट होने के लिए कौन सी जगह और तरीका चुनते हैं.

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