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केएल राहुल का टेस्ट में अनोखा कमाल, 100 रनों का 'हैट्रिक' वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर रचा इतिहास, दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बने

भारत ने शनिवार को शुरू हुए टेस्ट के पहले दिन की समाप्ति पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट पर 368 रन बनाए. केएल राहुल ने 100 रन बनाए.यह उनका 12वां टेस्ट शतक था। गिल 103 और पंत 50 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं.

केएल राहुल का टेस्ट में अनोखा कमाल, 100 रनों का 'हैट्रिक' वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर रचा इतिहास, दुनिया के इकलौते बल्लेबाज बने
KL Rahul record, केएल राहुल ने रचा इतिहास

KL Rahul Unique World Record: अफगानिस्तान के खिलाफ एक मात्र टेस्ट मैच के पहले दिन भारत ने 3 विकेट पर 368 रन बना लिए थे. शुभमन गिल पहले दिन के खेल खत्म होने तक 103 रन बनाकर नाबाद हैं तो वहीं उनके साथ ऋषभ पंतक 50 रन पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. बता दें कि शुभमन गिल का यह टेस्ट में 11 वां शतक है. वहीं, राहुल का टेस्ट में 12वां शतक है. भारत की पारी में साई सुदर्शन 81 रन बनाकर आउट हुए.

केएल राहुल ने रचा इतिहास, आखिरी तीन शतक  और '100 रन' पर हुए आउट

केएल राहुल टेस्ट मैच में भारत की पहली पारी में 100 रन बनाकर आउट हुए. 100 रन की पारी खेलकर आउट होकर राहुल ने एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर  लिया है. राहुल टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इकलौते ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिनके नाम लगातार तीन बार 'ठीक 100 रन' बनाकर आउट होने का अनोखा कमाल दर्ज है,  यह एक ऐसा कमाल है जो टेस्ट क्रिकेट में किसी बल्लेबाज के नाम पहली बार जुड़ा है.

केएल राहुल अनोखा वर्ल्ड रिकॉर्ड

 पिछली तीन पारी में जब राहुल  टेस्ट में 100 के स्कोर तक पहुंचे हैं, तो वे 100 रन पर ही आउट हुए हैं. ऐसा उनके साथ लगातार तीन बार हुआ हैं. टेस्ट क्रिकेट में ऐसा अनोखा कारनामा 149 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ है. 

सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के नाम दो बार ऐसा अनोखा कमाल करने का रिकॉर्ड

वहीं, दूसरी ओर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के नाम 2 बार टेस्ट करियर में ठीक 100 रन पर आउट होने का अनोखा संयोग दर्ज है. दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व  कप्तान स्टीव वॉ और ग्रीम वुड  तीन बार ठीक 100 के स्कोर पर आउट हो चुके हैं. लेकिन किसी ने भी लगातार तीन पारियों में ऐसा अनोखा कमाल नहीं किया है. 

शतकीय पारी खेलने के बाद क्या बोले केएल राहुल 

केएल ने पहले दिन के खेल के बाद कहा, "आक्रामक सोच टेस्ट-मैच के मुताबिक अनुशासन के बीच संतुलन बनाए रखना तैयारी के लिए जरूरी था. यह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैंने इस टेस्ट मैच से पहले पिछले हफ्ते सोचा था. मैंने यही करने की कोशिश की. सुबह, मुझे लगता है कि मैंने कुछ शॉट्स ज्यादा खेले. इससे मुझे खुद पर गुस्सा नहीं आया."

दाएं हाथ बल्लेबाज ने कहा, "मुझे शॉट्स खेलने और गेंद की मेरिट के हिसाब से खेलने में कोई दिक्कत नहीं थी। मैं यही ज्यादा करने की कोशिश कर रहा था.मैं सच में बहुत खुश हूं कि आईपीएल की समाप्ति के बाद मुझे बीच में कुछ समय मिला और मैं टी20 मोड से टेस्ट क्रिकेट वाले अंदाज में आ सका." पिच के बारे में राहुल ने कहा, "यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था.. यह सच में बहुत धीमा और नीचा विकेट था, जिसकी हमें उम्मीद थी. हमने यहां कुछ दिनों की ट्रेनिंग की, और यह काफी हद तक ऐसा ही था. मुझे बीच में समय बिताने और गेंद को अपने पास आने देने की आदत डालनी पड़ी. यहां बिताए कुछ दिनों से सच में मदद मिली, और मैंने वही ट्रेनिंग गेम में भी जारी रखी और बीच में आउट होकर कुछ अच्छा पुराना टेस्ट क्रिकेट खेलने का मजा लिया."

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