England v Argentina: World Cup battle: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना का सामना इंग्लैंड से होना है. अर्जेंटीना के लिए 205 मैच खेलने और कई बड़े देशों के खिलाफ खेलने के बावजूद, मेसी कभी इंग्लैंड के खिलाफ नहीं खेले हैं. फुटबॉल की ये दो दिग्गज टीमें मेसी के दौर में सीनियर लेवल पर कभी आमने-सामने नहीं आईं, इसलिए अटलांटा में होने वाला यह वर्ल्ड कप मुकाबला लंबे समय से एक खास इवेंट बन गया है.

इसके अलावा फीफा वर्ल्ड कप में जब भी इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मैच हुआ है तो रोमांच चरम पर होता है. दरअसल, फीफा का इतिहास हैरान करने वाले मौकों से भरा पड़ा है. ऐसे में आज जानते हैं इंग्लैंड-अर्जेंटीना के बीच खेले गए मैच में उस गोल की कहानी जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था. जिसे 'हैंड ऑफ गॉड' के नाम से भी जाना जाता है.
डिएगो माराडोना का 'हैंड ऑफ गॉड' गोल
डिएगो माराडोना फुटबॉल के इतिहास में महान फुटबॉलर में गिने जाते हैं. अर्जेंटीना के लिए माराडोना ने अपने करियर में 4 बार फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया था. अपने करियर में जहां माराडोना बेहतरीन खिलाड़ी रहे तो वहीं कई विवादों में भी फंसे. ऐसा ही एक विवाद उनके करियर में तब हुआ जब उन्होंने साल 1986 के फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना टीम की ओर से कप्तानी की. मैक्सिको में आयोजित हुए वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में माराडोना के नाम एक ऐसा विवाद जुड़ा जिसे आज भी याद किया जाता है.
1986 फीफा वर्ल्डकप क्वार्टऱ फाइनल, इंग्लैंड vs अर्जेंटीना
1986 फीफा वर्ल्डकप क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के साथ अर्जेंटीना की टीम का मुकाबला हुआ था. 22 जून 1986 को खेले गए इस मैच में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2- 1 से हराकर वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया था. इस मैच में भले ही अर्जेंटीना को जीत मिली लेकिन मैच के दूसरे हॉफ के खेल में 6 मिनट ही हुए थे कि माराडोना ने एक गोल किया जिसे “हैंड ऑफ द गॉड” कहा गया.
दरअसल, हुआ ये कि जिस तरह से 51वें मिनट में माराडोना ने गोल किया था उसे देख ऐसा लग रहा था कि उन्होंने अपने हाथ से मारकर गोल किया है. हालांकि, रेफरी ने गोल को मान्य करार दिया और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने भी इसका जश्न भरपूर तरीके से मनाया था. मैच के बाद माराडोना ने इस गोल का भी जिक्र किया था और मीडिया से बात करते हुए कहा था 'ये गोल कुछ मेरे सिर से हुआ और कुछ भगवान के हाथ से' तब से यह विवादित गोल 'हैंड ऑफ गॉड' के नाम से जाना जाने लगा.'
An unforgettable goal 🧐
— FIFA World Cup (@FIFAWorldCup) November 11, 2022
Diego Maradona's ‘Hand of God' goal against England will forever go down in #FIFAWorldCup history 🇦🇷
अपने आत्मकथा में माराडोना ने जिक्र किया है उस यादगार गोल का
बता दें कि साल 2002 के आत्मकथा में माराडोना ने उस गोल का जिक्र किया और लिखा है 'क्वार्टर फाइनल में उनकी ओर से किया गया वह गोल 'हैंड ऑफ गॉड' नहीं बल्कि “हैंड ऑफ माराडोना था “
इंग्लिश मीडिया ने इसे 'द हैंड ऑफ डेविल' गोल कहा
1986 में इंग्लैंड को मिली इस हार से इंग्लिश मीडिया काफी नाराज हुआ था, इंग्लिश मीडिया ने माराडोना के गोल को 'द हैंड ऑफ डेविल (Hand of the Devil)'शैतान का हाथ' कहा था. 1986 वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेन्टीना जर्मनी को 3-2 से हराकर चैम्पियन बनने में सफल रही थी.
बता दें कि माराडोना अपने बेहतरीन खेल के लिए जाने गए तो नशा करने में आगे रहे. कहा जाता है कि साल 1980 से लेकर 2004 तक माराडोना कोकीन की लत का शिकार हो गए थे, यही कारण रहा था कि उनके फुटबॉल खेलने की क्षमता घटती चली गई थी. माराडोना का जन्म 30 अक्टूबर 1960 को अर्जेंटीना के लानुस में हुआ था.
अब 40 साल के बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का सामना अर्जेटीना के साथ हो रहा है. माराडोना इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनके उस गोल की याद आज भी ताजा है. सेमीफाइनल में जब इंग्लैंड और अर्जेटीना की टीम आमने-सामने होगी तो रोमांच चरम पर होगा. उस 'हैंड ऑफ गॉड' के गोल पर विवाद आज भी हैं. ऐसे में आज इंग्लैंड के लिए 40 साल पुराने उस 'हैंड ऑफ गॉड' का हिसाब चुकता करने का मौका होगा.
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