- दुनिया में डायनासोर के सबसे कीमती कंकाल की निलामी लगभग 500 करोड़ में हुई है, सोथबीज निलामी हाउस लगी बोली
- इस डायनासोर का नाम गस है, यह टायरानोसॉरस रेक्स के सबसे ज्यादा सुरक्षित और पूरे कंकालों में से एक है
- एक ही डायनारोस की 183 जीवाश्म हड्डियों को मिलाकर इसे पूरा किया गया है. इसे 2021 में डकोटा में खोजा गया था
World Most Expensive Dinosaur Auction: दुनिया में डायनासोर के सबसे कीमती कंकाल की नीलामी हो चुकी है. मंगलवार, 14 जुलाई को न्यूयॉर्क में सोथबीज नीलामी हाउस में गस (Gus) नाम के एक टायरानोसॉरस रेक्स (T. rex) का कंकाल 50.1 मिलियन डॉलर में बिका. भारतीय करेंसी में यह रकम लगभग 482 करोड़ रुपए के आसपास बैठती है. सात बोली लगाने वालों के बीच 10 मिनट तक चली होड़ के बाद यह कंकाल बिका. इसके साथ ही इसके नाम एक रिकॉर्ड भी हो गया. यह नीलामी में खरीदा गया अब तक का सबसे महंगा डायनासोर फॉसिल बन गया है. आपके मन में यह ख्याल आ सकता है कि इसे खरीदा किसने? चलिए पूरी बात बताते हैं.
क्यों खास है यह डायनासोर?
'गस' दुनिया में टी रेस्क के सबसे ज्यादा सुरक्षित और पूरे कंकालों में से एक है. इसमें 183 जीवाश्म हड्डियां हैं. यानी एक ही डायनारोस की 183 जीवाश्म हड्डियों को मिलाकर इसे पूरा किया गया है. इसे 2021 में साउथ डकोटा के एक कैटल रैंच (पशु फार्म) में खोजा गया था. इसकी हड्डियों की हालत से इस जीव के जीवन के बारे में भी गहरी जानकारी मिलती है. इसकी खोपड़ी के ऊपरी हिस्से पर काटने का एक बड़ा निशान है, जो शायद किसी लड़ाई के दौरान लगा होगा. कुछ हड्डियां टूटी हुई हैं- जैसे पसलियां. जहां वे टूटी थीं और फिर जुड़ीं, वहां बड़े-बड़े उभार दिखाई देते हैं.
वैसे तो नीलामी के पहले इसकी कीमत 20 मिलियन से 30 मिलियन डॉलर के बीच आंकी गई थी लेकिन जब बोली लगनी शुरू हुई तो फिर इसकी कीमत बढ़ती गई. आखिर में यह कंकाल 50.1 मिलियन डॉलर में बिका.
यह विशाल जीव लगभग 7.2 से 6.6 करोड़ साल पहले रहता था. उस समय धरती का मौसम गर्म था, समुद्र का जलस्तर ऊंचा था और तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर बाढ़ आती थी. इस कंकाल की लंबाई 38 फीट (11.6 मीटर) है, जो इसे अब तक खोजे गए सबसे बड़े T. रेक्स में से एक बनाता है. यह लगभग 63 प्रतिशत पूरा है.
जिसके पास पैसा- उसके हाथ लगा इतिहास
मंगलवार को एक अज्ञात खरीदार ने इस डायनासोर को खरीदा. यानी उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया. यह कोई सरकारी म्यूजियम भी हो सकता है या कोई बड़ा प्राइवेट बिजनेसमैन भी. यह खरीद डायनासोर की हड्डियों के बढ़ते बाजार को दिखाती है. लेकिन यह ऐसा ट्रेंड है जिसकी कुछ जीवाश्म वैज्ञानिकों (पेलियोन्टोलॉजिस्ट) ने आलोचना की है. उनका कहना है कि इतिहास के यह बेशकीमती नमूने प्राइवेट हाथों में जा रहे हैं. जिनके पास पैसा है, वे सोपीश के लिए इन्हें खरीद ले रहे.
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार नीलामी से पहले सोथबीज में साइंस और नेचुरल हिस्ट्री की हेड, कैसंड्रा हैटन ने बताया, "अमेरिका दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां इस तरह के जीवाश्मों को निजी संपत्ति माना जाता है... अगर जमीन आपकी है, तो जीवाश्म भी आपका है और आपको उसे बेचने का अधिकार है. इसलिए अगर आप डायनासोर चाहते हैं, तो यही एकमात्र जगह है जहां से आप इसे पा सकते हैं."
बता दें कि जीवाश्म नीलामी का पिछला रिकॉर्ड 'एपेक्स' नाम के स्टेगोसॉरस के नाम था, जिसे 2024 में हेज फंड अरबपति केन ग्रिफिन ने 44.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था.
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