Why Argentina Lose vs Spain in FIFA World Cup 2026 Final: स्पेन ने रविवार देर रात अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल मैच में 1-0 से जीत दर्ज करते हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया. सब्स्टीट्यूट फेरान टोरेस स्पेन की जीत के हीरो रहे, जिन्होंने एक्स्ट्रा टाइम में निर्णायक गोल दागते हुए टीम को साल 2010 के बाद उसका दूसरा खिताब जिताया. न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में तनावपूर्ण और कड़े मुकाबले वाले 90 मिनट बिना किसी गोल के खत्म होने के बाद, टोरेस ने आखिरकार 106वें मिनट में गतिरोध तोड़ा. इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने निको विलियम्स के हेडर से मिले बॉल को कंट्रोल किया और फिर बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाकर अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज को छकाते हुए गोल दागा. इसी के साथ 'ला रोजा' (स्पेन की टीम) ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर टाइटल अपने नाम कर लिया.
🏆 #FIFAWorldCup Lionel Scaloni: "Tristeza siento ahora; pero principalmente tengo un agradecimiento eterno a estos chicos, porque llegar hasta acá cuesta un montón. Somos grandes en la victoria y tenemos que ser grandes en la derrota, y nos acordamos de lo hecho. Dimos todo". pic.twitter.com/tqcVBrdH7F
— 🇦🇷 Selección Argentina ⭐⭐⭐ (@Argentina) July 19, 2026
1. पूरा मैच बचाव में निकल गया
स्पेन ने शुरुआत से ही गेंद अपने पास रखी और लगातार हमले किए. अर्जेंटीना ज्यादातर समय अपनी ही हाफ में डिफेंस करती नजर आई. इसका असर यह हुआ कि टीम आक्रमण में कुछ खास नहीं कर सकी और स्पेन का दबाव लगातार बढ़ता गया.
2. गोल करने का कोई बड़ा मौका नहीं बना
फाइनल जैसे बड़े मैच में अर्जेंटीना का अटैक पूरी तरह फीका रहा. टीम स्पेन के गोल पर ज्यादा खतरा नहीं बना सकी. जब आगे से दबाव नहीं बनता, तो विपक्षी टीम को खेल पर पकड़ बनाने का मौका मिल जाता है.
3. एंजो फर्नांडेज का रेड कार्ड पड़ गया भारी
रेगुलर टाइम के आखिर में एंजो फर्नांडेज़ को दूसरा पीला कार्ड मिला और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा. इसके बाद अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा. एक खिलाड़ी कम होने का फायदा स्पेन ने उठाया और आखिरकार मैच का इकलौता गोल कर दिया.
4. एमिलियानो मार्टिनेज़ को नहीं मिला साथ
गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने कई शानदार बचाव किए और लंबे समय तक स्पेन को गोल नहीं करने दिया. लेकिन बाकी खिलाड़ी उन्हें वैसा साथ नहीं दे सके. लगातार दबाव के बीच आखिरकार 106वें मिनट में उनकी कोशिश भी जवाब दे गई.
5. स्पेन की टीम ने हर विभाग में बेहतर खेल दिखाया
स्पेन ने पूरे मैच में बेहतर पजेशन रखा, ज्यादा मौके बनाए और लगातार अर्जेंटीना की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा. सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों ने भी असर छोड़ा और फेरान टोरेस ने मौका मिलते ही गोल कर दिया. यही अंतर दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा साबित हुआ.
शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, हर वर्ल्ड कप फ़ाइनल का स्कोर इस प्रकार है:
1930 उरुग्वे 4-2 अर्जेंटीना
1934 इटली 2-1 चेकोस्लोवाकिया
1938 इटली 4-2 हंगरी
1950 उरुग्वे 2-1 ब्राज़ील
1954 वेस्ट जर्मनी 3-2 हंगरी
1958 ब्राज़ील 5-2 स्वीडन
1962 ब्राज़ील 3-1 चेकोस्लोवाकिया
1966 इंग्लैंड 4-2 वेस्ट जर्मनी
1970 ब्राज़ील 4-1 इटली
1974 वेस्ट जर्मनी 2-1 नीदरलैंड्स
1978 अर्जेंटीना 3-1 नीदरलैंड्स
1982 इटली 3-1 वेस्ट जर्मनी
1986 अर्जेंटीना 3-2 वेस्ट जर्मनी
1990 वेस्ट जर्मनी 1-0 अर्जेंटीना
1994 ब्राज़ील 0-0 इटली; 3-2 पेनल्टी शूटआउट
1998 फ्रांस 3-0 ब्राज़ील
2002 ब्राज़ील 2-0 जर्मनी
2006 इटली 0-0 फ्रांस; 5-3 पेनल्टी शूटआउट
2010 स्पेन 1-0 नीदरलैंड्स
2014 जर्मनी 1-0 अर्जेंटीना
2018 फ्रांस 4-2 क्रोएशिया
2022 अर्जेंटीना 3-3 फ्रांस; 4-2 पेनल्टी शूटआउट
2026 स्पेन 1-0 अर्जेंटीना
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