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मैंने ट्रंप को समझाया', फीफा चेयरमैन की अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर सफाई, बेल्जियम और यूएएफा फैसले से खफा

विश्व कप में अमेरिकी राष्ट्रपति के दखल देने की बात के बाद फीफा के रेडकार्ड के फैसले को पलटने के बाद फुटबॉल जगत में बवाल मच गया है. ज्यादातर देश और संस्थाओं ने इस गलत बताया है

मैंने ट्रंप को समझाया', फीफा चेयरमैन की अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर सफाई, बेल्जियम और यूएएफा फैसले से खफा
फीफा चेयरमैन जियानी इन्फेंटिनो
Source: Social media
सिएटल:

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बेलोगुन के लाल कार्ड के कारण निलंबन के बारे में डोनाल्ड ट्रंप से बात की और अमेरिकी राष्ट्रपति को समझाया कि इस मामले पर फैसला फीफा के स्वतंत्र न्यायिक निकाय लेंगे. इन्फेंटिनो ने सोमवार को ‘एक्स' पर एक बयान में कहा, ‘हमारी बातचीत के दौरान मैंने समझाया कि फीफा के स्वतंत्र न्यायिक निकायों से जुड़ी एक कानूनी प्रक्रिया चल रही है और सक्षम निकाय सही समय पर इस मामले का फैसला करेंगे.' उन्होंने कहा, ‘फीफा की प्रणाली इसी तरह काम करती है और यह एक ऐसा सिद्धांत है जिसका मैं हमेशा पालन करूंगा.' फीफा द्वारा एक मैच का निलंबन हटाए जाने के बाद बेलोगुन को सोमवार को बेल्जियम के खिलाफ विश्व कप के राउंड ऑफ 16 मैच में अमेरिका के लिए खेलने की मंजूरी मिल गई। बेल्जियम ने कहा कि वह इस फैसले को चुनौती दे रहा है.

विश्व कप में मचा हंगामा

विश्व कप में उस समय हंगामा मच गया जब बेल्जियम ने अमेरिकी फारवर्ड फोलारिन बेलोगुन पर सोमवार के मैच के लिए प्रतिबंध नहीं लगाने के फीफा के फैसले का विरोध किया. फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर हमला हुआ जो साफ तौर पर राजनीतिक दखलंदाजी का मामला लग रहा था. फीफा के नियमों के सख्त पालन से अमेरिका को वैश्विक खेल से निलंबित किया जा सकता था.


ट्रंप ने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से बात करने का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने बस रैफरी के उस ‘बेहद खराब' फैसले की ओर इशारा किया था जिसमें पिछले बुधवार को राउंड ऑफ 32 मैच में बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाड़ी पर गलत टैकल के लिए बेलोगुन को लाल कार्ड दिया गया था. ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने बस समीक्षा करने के लिए कहा था। मुझे नहीं लगा कि यह फाउल था.' उन्होंने अपने करीबी सहयोगी इन्फेंटिनो से बेलोगुन पर एक मैच का प्रतिबंध नहीं लगाने के लिए लॉबिंग की थी।

बनता जा रहा 96 साल का सबसे बड़ा विवाद, यूएफा ने की आलोचना

विश्व कप के 96 साल के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा विवाद बनता जा रहा है जबकि कुछ घंटों बाद सिएटल में अमेरिका-बेल्जियम मैच होना है जिसका विजेता क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएगा. बेल्जियम फुटबॉल महासंघ ने एक बयान में कहा कि वह ‘बहुत चिंतित' है. बयान में फीफा के प्रति स्पष्ट निराशा जाहिर की गई क्योंकि बेलोगुन से जुड़े फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया तय करने में अच्छी नीयत की कमी दिखी. इससे पहले यूरोपीय फुटबॉल संस्था यूएफा ने फीफा के ‘समझ से बाहर और अनुचित फैसले' की आलोचना की थी. यूएफा ने कहा कि बेलोगुन पर अनिवार्य एक मैच का प्रतिबंध नहीं लगाकर फीफा ने सीमा पार की है. इस फैसले की दुनिया भर में कड़ी आलोचना हुई. यूएफा ने कहा, ‘जब नियमों को लागू करने वाले ही उनकी निश्चितता की गारंटी नहीं देते तो खेल की ईमानदारी खतरे में पड़ जाती है और प्रतियोगिता की विश्वसनीयता कम हो जाती है.' वहीं, नॉर्वे के कोच स्टेल सोलबक्केन ने रविवार को अपनी टीम के ब्राजील को हराकर क्वार्टर क्वार्टर में पहुंचने के बाद कहा, ‘यह बहुत, बहुत, बहुत, बहुत, बहुत बुरा फैसला है जो विश्व कप को नुकसान पहुंचाएगा.'

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