'मुझे नहीं पता था कि FIFA के हेडक्वार्टर में 5 जुलाई और यूरोप में 1 अप्रैल एक ही दिन होता है' रविवार दोपहर को अमेरिका के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर आए बेल्जियम के मैनेजर रूडी गार्सिया ने यह बातें कहीं. उनकी बातों इस संदर्भ में थी कि फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को बोस्निया और हर्जेगोविना के ख़िलाफ़ वीडियो रिव्यू के बाद दिए गए रेड कार्ड को बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ 16 के मैच के लिए योग्य करार दिया. उनका एक मैच का बैन जारी रहेगा, लेकिन इसे एक साल के लिए टाल दिया गया है.
फीफा डिसिप्लिनरी कमिटी ने बोस्निया और हर्जेगोविना पर राउंड ऑफ़ 32 में जीत के दौरान अमेरिकी स्ट्राइकर को दिया गया रेड कार्ड सस्पेंड कर दिया. इसके बाद बेल्जियम के मैनेजर ने कहा,"बेल्जियम फेडरेशन सिर्फ़ अपना बचाव नहीं कर रहा है. यह सिर्फ़ नेशनल टीम का बचाव नहीं कर रहा है. यह आम तौर पर फुटबॉल का बचाव कर रहा है." "यह अपनी ईमानदारी, अपने नीति का बचाव कर रहा है. जहां तक मुझे याद है, वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहली बार है कि इस तरह का फ़ैसला लिया गया है."
फीफा के इस फैसले को लेकर रिपोर्ट्स है कि उन्होंने यह कदम अमेरिका राष्ट्रपति और फीफा अध्यक्ष के बीच फोन कॉल के बाद उठाया है. द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत से जुड़े चार लोगों के मुताबिक, प्रेसिडेंट ट्रंप ने फीफा के प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो को फोन किया था. बुधवार को अमेरिकी टीम के मैच के कुछ ही घंटो बात यह फोन कॉल हुआ था और इसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने वर्ल्ड कप में अमेरिकी टीम के टॉप गोल स्कोरर फोलारिन बालोगुन के सस्पेंशन का रिव्यू करने को कहा था.
रिपोर्ट की मानें तो 1962 के बाद यह पहली बार है जब फीफा ने किसी खिलाड़ी को ऐसे मैच में खेलने की इजाज़त दी है, जब वर्ल्ड कप में बाहर भेजे जाने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया जाता. इन्फेंटिनो बीते कुछ समय से ट्रंप की गुडबुक में आने की कोशिश कर रहे हैं. पिछले साल, फीफा ने ट्रंप को फीफा पीस प्राइज़ दिया था.
वहीं फीफा के इस सस्पेंशन को वापस लेने पर अमेरिकी कोच मौरिसियो पोचेटिनो ने इस फैसले का बचाव किया और कहा कि फोलारिन बालोगुन को अधिस से अधिक यैलो कार्ड मिलना चाहिए था. उन्होंने फीफा के फैसले को रिव्यू करने को न्याय बताया. अमेरिकी कैंप का मानना है कि बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच से बालोगुन की टक्कर जानबूझकर नहीं किय गया था, जिसके लिए ज़्यादा से ज़्यादा येलो कार्ड मिलना चाहिए.
'पोच' ने स्पैनिश में कहा,"यह कभी रेड कार्ड नहीं था. गलती हुई थी, इसे आप जो चाहें कहें, और इसके नतीजे में मिली सज़ा बहुत ज़्यादा कड़ी है, खासकर उस काम के लिए जो अनजाने में हुआ हो." "सबने ऐसा कहा है. फुटबॉल की दुनिया में 99.9% लोगों ने इसे गलत सज़ा कहा है. इसके अलावा, ऐसे उदाहरण भी हैं जहां सज़ाओं को सस्पेंड या टाला गया है, इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि कोई हैरान क्यों होगा. यह कोई अनोखी बात नहीं है जो सिर्फ़ हमारे साथ होती है; ऐसा पहले भी हो चुका है."
बालोगुन के योग्य होने और खेलने की अनुमति मिलना अमेरिकी टीम के लिए एक अच्छी खबर है. अमेरिका अगर अपना राउंड ऑफ 16 मैच जीत जाता है तो वो 10 जुलाई को क्वार्टरफ़ाइनल के लिए लॉस एंजिल्स में पुर्तगाल-स्पेन के विजेता से भिड़ेंगे.
यह भी पढ़ें: नॉर्वे ने रचा इतिहास, 88 सालों में पहली बार किया ऐसा, पांच बार की चैंपियन ब्राजील वर्ल्ड कप से बाहर
यह भी पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप 2026: हैरी केन के गोल से क्वार्टर फाइनल में पहुंचा इंग्लैंड, मैक्सिको को किया बाहर
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं