- झारखंड की राजधानी रांची से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.
- यहां डाकिया लोगों के जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक चेक बुक घर-घर पहुंचाने के बदले छिपाए रखा.
- संबंधित विभाग से जारी किए जाने के बाद भी जब लोगों के दस्तावेज उनके घर तक नहीं पहुंचे तो उनकी परेशानी बढ़ गई.
झारखंड की राजधानी रांची से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक डाकिया करीब एक साल से लोगों के जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक चेक बुक आदि घर-घर पहुंचाने के बदले अपने घर में छिपाकर रख रहा था. संबंधित विभाग से जारी किए जाने के बाद भी जब लोगों के दस्तावेज उनके घर तक नहीं पहुंचे तो उनकी परेशानी बढ़ गई. लोगों ने अपने-अपने स्तर से खोजबीन भी की. लेकिन मामले का भंडा अब फूटा है. मामला रांची के पिठोरिया डाकघर से जुड़ा है. जहां तैनात डाकिया विकास कुमार ने लोगों ने दस्तावेज छिपाकर अपने घर रखे, विभागीय जांच में मामले की पुष्टि के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है.
लोगों के शिकायत के बाद मामले का खुलासा होने पर विभाग में हड़कंप मच गया. जांच के दौरान डाकिया के घर से सैकड़ों महत्वपूर्ण डाक बरामद हुए. इसके बाद विभाग ने तत्काल प्रभाव से उसे निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.
पिठोरिया क्षेत्र में लोगों को नहीं मिल रहे थे दस्तावेज
जानकारी के अनुसार, पिछले कई महीनों से पिठोरिया क्षेत्र के लोग आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, सरकारी पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिलने की शिकायत कर रहे थे. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डाक विभाग ने मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित डाकिया के घर की तलाशी ली तो वहां बड़ी संख्या में बिना वितरित किए गए पत्र और पार्सल मिले.
बरामद डाक में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, बीमा से जुड़े कागजात, सरकारी नोटिस और अन्य महत्वपूर्ण पत्र शामिल हैं। इनमें कई ऐसे दस्तावेज भी थे, जिनकी समय सीमा गुजर चुकी है, जिससे लोगों को आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ा.

रांची डाकिया के घर से बरामद दस्तावेज.
Photo Credit: NDTV
डाक विभाग ने डाकिया को किया सस्पेंड
डाक विभाग के अधिकारियों ने इसे सेवा में घोर लापरवाही माना है. प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि डाकिया ने लगभग एक साल तक नियमित रूप से डाक वितरण नहीं किया और उन्हें अपने घर में ही जमा करता रहा. विभाग ने उसे तत्काल निलंबित करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. साथ ही बरामद सभी डाक को अब संबंधित लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
लोगों में नाराजगी, समय पर कागज नहीं मिलने से अटके काम
इस घटना के सामने आने के बाद पिठोरिया क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि समय पर दस्तावेज नहीं मिलने के कारण कई लोगों के बैंकिंग कार्य, सरकारी योजनाओं का लाभ, केवाईसी प्रक्रिया और अन्य जरूरी काम प्रभावित हुए. डाक विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस लापरवाही के पीछे केवल व्यक्तिगत उदासीनता थी या फिर कोई अन्य कारण भी जिम्मेदार था.
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