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यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है? नसों में जमा यूरिक एसिड को खींचकर बाहर निकालेगी ये चीज, डॉक्टर ने बताया देसी नुस्खा

Uric Acid ko kaise Control Kare: अगर आप भी यूरिक एसिड की समस्या से परेशान हैं तो आज हम आपको एक ऐसी जबरदस्त ड्रिंक के बारे में बताने वाले हैं जो नसों में जमा यूरिक एसिड को भी खींचकर बाहर निकाल देगी.

यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है? नसों में जमा यूरिक एसिड को खींचकर बाहर निकालेगी ये चीज, डॉक्टर ने बताया देसी नुस्खा
Uric Acid Home Remedies: यूरिक एसिड को कंट्रोल करेंगे ये मसाले.

Uric Acid Kyu Badhta Hai: यूरिक एसिड आज के समय में एक ऐसी समस्या बन गया है जिससे अमूमन लोग परेशान रहते हैं. 2020 में हुई एक स्टडी बताती है कि दुनिया भर में लगभग 56 मिलियन लोगों में हाई यूरिक एसिड की प्रॉब्लम है और गाउट की समस्या है. वैसे शुरुआत में आपको यूरिक एसिड एक सिंपल सी समस्या लग सकता है लेकिन अगर इसे टाइमली कंट्रोल ना किया जाए तो यह किडनीज और जॉइंट्स में काफी ज्यादा असर डाल सकता है. अगर आप भी इस समस्या से ग्रस्त हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आर्युवेदिक डॉक्टर सलीम जैदी ने ऐसा गजब का घरेलू नुस्खा शेयर किया है जो यूरिक एसिड की समस्या में काल के समान है. इसके पहले आइए जानते हैं कि यूरिक एसिड की प्रॉब्लम होती क्यों है और यह शरीर पर क्या असर डालती है.

यूरिक एसिड की समस्या क्यों होती है?

यूरिक एसिड बेसिकली एक नेचुरल वेस्ट प्रोडक्ट है, जो कि तब बनता है जब हम रेड मीट सीफूड या फिर शुगर को ज्यादा खाते हैं. दरअसल इन फूड्स में प्यूरीन नाम का एक पदार्थ होता है जो कि बॉडी में यूरिक एसिड को बढ़ा देता है. नॉर्मली हमारी किडनीज यूरिक एसिड को ब्लड से फिल्टर करके यूरिन के जरिए बाहर निकाल देते हैं लेकिन अगर बॉडी में प्यूरीन्स ज्यादा हो जाएं या फिर हमारी किडनी सही से काम ना कर रही हो तो ऐसे में यूरिक एसिड ब्लड में जमा होने लगता है और बढ़ जाता है. जिसकी वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन आ जाती है जिसमें खास कर आपके घुटने, टखने और पैर के अंगूठे सबसे ज्यादा इफेक्ट होते हैं. धीरे-धीरे ये समस्या गाउट की बीमारी भी पैदा कर देती है जिसमें आपको बहुत ही ज्यादा दर्द होता है जोड़ों में और यूरिक एसिड के जो क्रिस्टल्स हैं वो जॉइंट्स के अंदर जमा होने लग जाते हैं. यूरिक एसिड को कम करने के लिए कई तरह की दवाओं को अक्सर यूज किया जाता है. लेकिन आज हम यहां आपको बताएंगे इस प्रॉब्लम को नेचुरल रेमेडीज और डाइटरी चेंजेज के जरिए आप कंट्रोल में कैसे रख सकते हैं.

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यूरिक एसिड को कैसे कंट्रोल करें

यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आपको बस एक सिंपल सा घर का बना हुआ ड्रिंक अपने रूटीन में ऐड करना होगा. इस ड्रिंक के लिए आपको सिर्फ पांच चीजें चाहिए पहला है आधा टीस्पून हल्दी पाउडर जो कि एक पावरफुल एंटी इन्फ्लेमेटरी एजेंट है ये जॉइंट्स के दर्द को और सूजन को कम करता है. दूसरा है एक टीस्पून धनिया के बीज यह एक नेचुरल डायरिट है जो कि यूरिक एसिड को फ्लश करने में आपकी हेल्प करता है. तीसरी चीज आधा टीस्पून जीरा, ये डाइजेशन को इंप्रूव करते हैं जो कि यूरिक एसिड को मैनेज करने के लिए जरूरी है और साथ ही यह किडनीज की हेल्थ को भी इंप्रूव करते हैं. चौथी चीज है आधा टीस्पून मेथी के बीज, ये एक नेचुरल डिटॉक्सिफायर है जो कि आपके लिवर को और आपकी किडनीज को क्लीन रखता है. पांचवा है काली मिर्च, ये हल्दी के करक्यूमिन के अब्जॉर्प्शन में  हेल्प करता है और साथ ही ये एक पावरफुल एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट भी है जो कि आपके जोड़ों के दर्द को कम करने में और ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करने में बहुत मदद करता है.

इस ड्रिंक को बनाने के लिए सबसे पहले एक सॉस पैन में दो कप पानी डालकर उसे गर्म होने दीजिए. अब इसमेंआधा टीस्पून हल्दी एक टीस्पून धनिया के बीज आधा टीस्पून जीरा और रात भर भीगे हुए मेथी सीड्स डालकर 10 मिनट तक मीडियम फ्लेम पर पकने देना है आखिर में इसमें एक चुटकी काली मिर्च डाल डालकर गैसे को बंद कर दीजिए और इसे छानकर एक कप में निकाल लीजिए. टेस्ट के लिए आप चाहे तो इसके अंदर नींबू का रस और शहद भी मिला सकते हैं. इस ड्रिंक को रोजाना सुबह खाली पेट पीना बेस्ट होता है. इस ड्रिंक को रेगुलर पीने से आपको कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगेगा.

कब तक पी सकते हैं

आप इस ड्रिंक को एक बार में चार से छ हफ्तों तक रेगुलरली पी सकते हैं और अगर इसके बाद भी आपको जरूरत लगती है तो 6 हफ्ते बाद कुछ दिन के लिए बीच में गैप कर दीजिए और फिर से स्टार्ट कर सकते हैं. इसके साथ ही आपको पानी ज्यादा पीना है, अमूमन हर रोज 8-10 गिलास ये आपकी बॉडी से यूरिक एसिड को फ्लश करने में आपकी हेल्प करेगा. इसके साथ-साथ हाई प्यूरीन फूड्स से आप बचिए (रेड मीट, ऑर्गन मीट, अल्कोहल ).

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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