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सिगरेट पीने वालों को सुबह-सुबह क्यों आती है ज्यादा खांसी? यूनानी एक्सपर्ट ने बताया राहत के ल‍िए क्‍या खाएं

सिगरेट पीने वाले कई लोगों को सुबह उठते ही खांसी, गले में घुरघुराहट और ज्यादा बलगम की शिकायत होती है. इसे आमतौर पर Smoker's Cough कहा जाता है. सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर के पूर्व प्रमुख डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि धूम्रपान फेफड़ों की प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में कुछ घरेलू खाद्य पदार्थ और अच्छी जीवनशैली खांसी व बलगम से राहत दिलाने में मदद कर सकती है.

सिगरेट पीने वालों को सुबह-सुबह क्यों आती है ज्यादा खांसी? यूनानी एक्सपर्ट ने बताया राहत के ल‍िए क्‍या खाएं
Smoker's Cough Remedies: सिगरेट पीने वालों की खांसी और बलगम में राहत के लिए क्या खाएं?

सिगरेट पीने वालों के साथ अक्सर एक परेशानी आम देखने को मिलती है. सुबह उठते ही गले में घुरघुराहट और फिर लगातार खांसते रहना. कई बार तो इतना बलगम निकलता है कि इंसान खुद बेहाल हो जाता है. इसी को आम भाषा में स्मोकर्स कफ कहते हैं. इस बारे में जब हमने सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली के यूनानी मेडिकल सेन्टर के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर और हेड डॉ. सैयद अहमद खान से तफसील से बात की, तो उन्होंने बहुत ही आसान और काम की बातें बताईं.

डॉ. साहब का कहना है कि सिगरेट का धुंआ फेफड़ों की कुदरती सफाई वाली नसों को सुस्त कर देता है. इससे अंदर जहरीले तत्व जमा होने लगते हैं. उन्होंने कहा कि सबसे पहला काम तो सिगरेट छोड़ना ही है, लेकिन जब तक फेफड़े पूरी तरह ठीक नहीं होते, तब तक हमारे किचन में मौजूद कुछ खास चीजें इस कफ से राहत दिलाने में कमाल का असर दिखाती हैं.

क्या होता है Smoker's Cough और क्यों होती है यह समस्या?

सिगरेट या बीड़ी पीने वाले लोगों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और बार-बार बलगम निकलने की समस्या को आमतौर पर Smoker's Cough कहा जाता है. यह कोई अलग बीमारी नहीं, बल्कि धूम्रपान की वजह से फेफड़ों और श्वास नलियों पर पड़ने वाले असर का एक संकेत हो सकता है.

जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से धूम्रपान करता है, तो सिगरेट के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन श्वास नलियों की अंदरूनी परत को प्रभावित करते हैं. फेफड़ों में मौजूद सूक्ष्म बाल जैसी संरचनाएं (Cilia), जो धूल, कफ और अन्य कणों को बाहर निकालने में मदद करती हैं, धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती हैं. इसकी वजह से बलगम जमा होने लगता है और शरीर उसे बाहर निकालने के लिए खांसी का सहारा लेता है.

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Smoker's Cough के सामान्य लक्षण

  • सुबह उठते ही ज्यादा खांसी आना
  • सफेद, पीला या भूरा बलगम निकलना
  • गले में घुरघुराहट महसूस होना
  • सीने में भारीपन
  • बार-बार गला साफ करने की जरूरत पड़ना
  • कुछ लोगों में सांस फूलना

सुबह के समय ज्यादा खांसी क्यों आती है?

रात के दौरान फेफड़ों में जमा बलगम बाहर नहीं निकल पाता. सुबह जागने पर शरीर इस जमा हुए कफ को बाहर निकालने की कोशिश करता है, इसलिए कई स्मोकर्स को सुबह सबसे ज्यादा खांसी और बलगम की शिकायत होती है.

कब हो जाना चाहिए सतर्क?

अगर खांसी के साथ इनमें से कोई लक्षण दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

  1. खून आना
  2. लगातार सांस फूलना
  3. सीने में दर्द
  4. तेजी से वजन कम होना
  5. कई हफ्तों तक खांसी का बने रहना

डॉ. खान के मुताबिक ये चीजें फेफड़ों को राहत दे सकती हैं:

मुलेठी: गले और सीने को राहत देने वाला पारंपरिक उपाय:

डॉक्टर सैयद अहमद खान बताते हैं कि यूनानी नुस्खों में मुलेठी को गले और सीने के लिए सबसे बेहतरीन दवा माना गया है. अगर आपको स्मोकिंग की वजह से सुखी खांसी या चिपचिपा बलगम परेशान कर रहा है, तो मुलेठी का एक छोटा सा टुकड़ा मुंह में रखकर चूसते रहें. इसका काढ़ा बनाकर पीने से भी श्वास नली की सूजन कम होती है और जमा हुआ कफ पिघलकर बाहर निकलने लगता है.

अदरक और शहद का मिश्रण क्यों माना जाता है फायदेमंद?

दरक फेफड़ों के अंदर की गंदगी को साफ करने के लिए बहुत असरदार है. डॉ. साहब ने बताया कि अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो धूएं से हुए नुकसान को कम करते हैं. एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा सा असली शहद मिलाकर दिन में दो बार चाटें. शहद गले की खराश पर एक सुरक्षा परत बना देता है, जिससे बार-बार उठने वाली खांसी तुरंत शांत होती है.

हरी इलायची और सौंफ खांसी में कैसे मदद कर सकती हैं?

स्मोकिंग करने वालों के मुंह का जायका अक्सर खराब रहता है और सीने में भारीपन महसूस होता है. ऐसे में खाने के बाद सौंफ और एक हरी इलायची चबाने की आदत डालें. इलायची कफ को पतला करने का काम करती है और सांस की नली को खोलती है.

हल्दी वाला दूध और लहसुन को डाइट में क्यों शामिल करें?

हल्दी को हम सभी चोट ठीक करने के लिए जानते हैं, पर यह फेफड़ों की सूजन घटाने में भी लाजवाब है. डॉ. खान की सलाह है कि रात को सोने से पहले आधा चम्मच पिसी हल्दी को हल्के गर्म दूध में मिलाकर पिएं. इसमें थोड़ा सा काली मिर्च पावडर जरूर डालें, ताकि हल्दी का असर शरीर में अच्छे से हो सके. यह रात में होने वाले कफ के दौरे को रोकता है.

लहसुन की दो कलियां : 

लहसुन में एलिसिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो फेफड़ों के इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है. अगर आप सुबह खाली पेट लहसुन की दो कलियों को हल्का सा भूनकर चबा लें या गुनगुने पानी के साथ निगल लें, तो यह फेफड़ों को डिटॉक्स करने में बहुत तेजी से काम करता है.

डॉक्टर साहब की कुछ जरूरी हिदायतें, स्मोकर्स कफ में किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

गर्म पानी की भाप लें : सिर्फ खाने-पीने से ही नहीं, बल्कि बाहरी तौर पर भी फेफड़ों को नमी देना जरूरी है. दिन में एक बार सादे पानी की भाप जरूर लें. पानी में पुदीने की दो पत्तियां या थोड़ा सा अजवाइन डाल लें तो कफ आसानी से ढीला होकर निकल जाता है.

ठंडा पानी और तली चीजें पूरी तरह बंद करें : डॉ. सैयद अहमद खान ने सख्त ताकीद की है कि जो लोग स्मोकर्स कफ से जूझ रहे हैं, उन्हें फ्रिज का ठंडा पानी, आइसक्रीम और बहुत ज्यादा तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए. ठंडा पानी पीने से फेफड़ों की नलियां सिकुड़ जाती हैं और बलगम और ज्यादा गाढ़ा हो जाता है. हमेशा हल्का गुनगुना पानी ही पिएं.

ताजे फल और विटामिन सी : संतरा, आंवला और अमरूद जैसे फलों में विटामिन सी भरपूर होता है. सिगरेट पीने से शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ते हैं जो फेफड़ों के टिशूज को नुकसान पहुंचाते हैं. विटामिन सी इन खराब कणों को खत्म करने का काम करता है.

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

डॉ. खान ने बातचीत के आखिर में एक बहुत पते की बात कही. उन्होंने कहा कि ये तमाम घरेलू नुस्खे और फूड्स आपको राहत जरूर देंगे, लेकिन असली इलाज यही है कि आप धीरे-धीरे बीड़ी या सिगरेट से दूरी बना लें. अगर खांसी के साथ खून आ रहा हो, सांस फूलने लगे या सीने में तेज दर्द हो, तो बिना देर किए फौरन किसी अच्छे डॉक्टर से जांच कराएं. घरेलू चीजों को अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करें और अपने फेफड़ों को दोबारा खुलकर सांस लेने का मौका दें.

एक्सपर्ट के बारे में : डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.

FAQs

Smoker's Cough क्या होता है?
सिगरेट पीने वालों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और बलगम की समस्या को आम भाषा में Smoker's Cough कहा जाता है.

क्या सिगरेट छोड़ने के बाद भी खांसी हो सकती है?
हां, कुछ लोगों में धूम्रपान छोड़ने के बाद भी कुछ समय तक खांसी रह सकती है.

Smoker's Cough में कौन-सी चीजें फायदेमंद मानी जाती हैं?
मुलेठी, अदरक, शहद, लहसुन, सौंफ और विटामिन-सी युक्त फल राहत देने में मदद कर सकते हैं.

Smoker's Cough कब गंभीर माना जाता है?
खांसी के साथ खून आना, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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