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5 हाई-फाइबर आटे, जो पाचन को करेंगे मजबूत, पेट रहेगा हल्का और दुरुस्त

आजकल पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. ऐसे में जौ, बाजरा, रागी, ज्वार और ओट्स जैसे फाइबर से भरपूर आटे आपके पाचन को बेहतर बनाने और वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.

5 हाई-फाइबर आटे, जो पाचन को करेंगे मजबूत, पेट रहेगा हल्का और दुरुस्त
वजन कंट्रोल से लेकर पाचन सुधार तक, कमाल हैं ये 5 फाइबर वाले आटे
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आजकल पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से आम होती जा रही हैं. बाहर का तला-भुना और जंक फूड खाने की आदत इसकी बड़ी वजह बन चुकी है. कई लोग रोजाना बाहर का खाना खाने के चलते पाचन संबंधी परेशानियों का सामना करते हैं, तो वहीं कुछ लोग अपने कामों में बिजी रहने की वजह से अपनी सेहत पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते.

ऐसे में अक्सर यह सवाल मन में आता है कि आखिर खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए क्या किया जाए? क्या ऐसा खाया जाए जो स्वादिष्ट भी हो और पेट के लिए फायदेमंद भी?

इसी को ध्यान में रखते हुए यहां हम आपके लिए 5 ऐसे फाइबर से भरपूर आटे के बारे में जानकारी लेकर आए हैं. ये आटे न सिर्फ आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करेंगे, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराएंगे साथ ही, वजन कंट्रोल करने और शरीर को अंदर से हेल्दी रखने में भी ये काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

कौन से आटे में फाइबर ज्यादा होता है?

बाजरे का आटा

बाजरा फाइबर से भरपूर है, जो पाचन को बेहतर बनाता है. जिन लोगों को पेट भारी लगने या गैस की दिक्कत होती है, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है.

ओट्स का आटा

ओट्स के आटे में डाइट्री फाइबर होने की वजह से इसको पचाना आसान होता है. इससे कब्ज की दिक्कत नहीं होती है और पेट साफ रहता है. ये आंतों की सेहत को भी दुरुस्त रखता है. ओट्स के आटे की रोटी खाने से गैस, अपच, इरिटेटेड बाउल सिंड्रोम और कब्ज जैसी पाचन संबंधी दिक्कतें नहीं होती हैं.

रागी का आटा:

रागी एक हेल्दी अनाज है जिसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, इससे बनने वाली चीजें जैसे रोटी, डोसा और चीला स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती हैं. रागी को आप दिन के किसी भी मील में शामिल कर सकते हैं.

जौ का आटा

जौ का आटा फाइबर से भरपूर होता है और सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, इसे सीधे खाने के बजाय गेहूं के आटे में मिलाकर रोटियां बनाई जा सकती हैं. यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती.

ज्वार का आटा

ज्वार में फाइबर अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकती है. आप चाहें, तो इसे अन्य आटों के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

डाइट में आटे शामिल करने का सही तरीका

अगर आप इन हेल्दी आटों को पहली बार अपनी डाइट में जोड़ रहे हैं, तो इन्हें सीधे इस्तेमाल करने की बजाय गेहूं के आटे के साथ मिलाकर शुरुआत करना बेहतर होता है, इससे खाने का स्वाद भी बना रहता है और शरीर को भी आसानी से इसकी आदत पड़ती है.

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लेखक के बारे में
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आराधना सिंह
सीनियर सब एडिटर
दिल से फूडी हूं! इटेलियन, चाइनीज और इंडियन फूड्स खाना ही नहीं उनके बारे में जानना और बात करना भी पसंद है. नए स्वाद और फूड की तलाश का जुनून हर समय रहता... और पढ़ें
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