क्या आपके दिमाग में भी अंतरिक्ष का नाम सुनते ही रॉकेट, चांद और अनसुलझे रहस्य घूमने लगते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अंतरिक्ष यात्री जब धरती से मीलों दूर अंतरिक्ष में होते हैं, तो वे क्या खाते हैं और उनका खाना कैसे बनता है? हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसने उन्होंने दिखाया है कि जब आपकी रेस्टोरेंट रूपी स्पेस स्टेशन 28,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष में उड़ रहा हो, तो लंच की तैयारी कैसे होती है?
यहां देखें वीडियो-
क्या है अंतरिक्ष में पानी और फ्रिज का जुगाड़-
शुभांशु शुक्ला ने अपने इस मजेदार वीडियो में अपनी पसंदीदा डिश मैंगो सलाद बनाते हुए दिखाया है. स्पेस स्टेशन पर खाना किसी आम किचन की तरह नहीं बनता. यहां खाना अलग-अलग रूपों में मिलता है, जैसे कि डिहाइड्रेटेड, फ्रीज-ड्राइड और थर्मली स्टेबलाइज्ड.
मैंगो सलाद बनाने के लिए शुभांशु ने एक स्पेशल मशीन का इस्तेमाल किया, जो पैकेट में तय मात्रा में ठंडा पानी भरती है. पानी मिलने के बाद पैकेट को कुछ मिनटों के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि वह फिर से रीहाइड्रेट हो जाए. इसके बाद उसे थोड़ा मिलाया जाता है और आप चाहें तो उसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में बने फ्रिज में ठंडा कर सकते हैं या फिर फूड वार्मर में गर्म. हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि धरती के किचन की तरह उनके पास स्पेस में माइक्रोवेव नहीं होता है.
स्पेस में सबसे बड़ी दिक्कत-
अंतरिक्ष में खाने से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौती ग्रेविटी की कमी है. धरती पर तो खाने का कोई टुकड़ा गिर जाए तो वह सीधे प्लेट या जमीन पर गिरता है. लेकिन माइक्रोग्रविटी न होने की वजह से स्पेस में खाने के छोटे-छोटे टुकड़े या क्रंब्स हवा में तैरने लगते हैं. ये इधर-उधर घूमकर अंतरिक्ष स्टेशन के कीमती उपकरणों में घुस सकते हैं, जो खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए अंतरिक्ष में छोटी से छोटी चीज़ खाने के लिए भी बहुत सावधानी, तकनीक और ढेर सारे धैर्य की जरूरत होती है.
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