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पेंडिंग ट्रैफिक चालान नजअंदाज न करें, डीएल-आरसी कैंसिल, गाड़ी की PUC, इंश्योरेंस समेत नहीं कर पाएंगे ये 5 काम

यदि आपके वाहन पर भी कोई पेंडिंग ट्रैफिक ई-चालान (Traffic E-Challan) बकाया है, तो सुप्रीम कोर्ट के नए आदेश के बाद इसे नजरअंदाज करना अब आपकी जेब और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों पर भारी पड़ सकता है. जानिए पेंडिंग चालान न भरने के 5 बड़े नुकसान और कानूनी नियम.

पेंडिंग ट्रैफिक चालान नजअंदाज न करें, डीएल-आरसी कैंसिल, गाड़ी की PUC, इंश्योरेंस समेत नहीं कर पाएंगे ये 5 काम
पेंडिंग ट्रैफिक चालान को न करें नजरअंदाज.
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नई दिल्ली. ड़क पर गाड़ी चलाते वक्त अब आपको ज्यादा सतर्क होना पड़ेगा, ताकि आपका ऑटोमेटिक चालान न कटे. अगर किसी नियम के उल्लंघन की वजह से चालान कट गया, तो अब फटाफट चालान की राशि जमा करनी पड़ेगी. अब चालान भरने में लेटलतीफी महंगा पड़ सकता है. दरअसल, सड़क सुरक्षा पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चालान न भरने वालों के बिजली बिल से जुर्माना जोड़ा जा सकता है. इसके अलावा पेंडिंग चालान की वजह से ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने, RC ब्लैकलिस्ट होने और वाहन जब्त होने तक की नौबत आ सकती है.

सड़क परिवहन विभाग और अदालतों के कड़े रुख के बाद अब पेंडिंग चालान का भुगतान समय पर न करना भारी कानूनी और वित्तीय मुसीबतों को न्योता देगा, जो जेल तक की नौबत ला सकता है. दरअसल, मौजूदा डिजिटल युग में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए ट्रैफिक ई-चालान सिस्टम ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है. ऐसे में अगर आपके भी वाहन पर चालान बकाया है, तो तुरंत उसका ऑनलाइन या कोर्ट के माध्यम से निपटारा कर लें.

...तो बिजली बिल से जोड़ दी जाए चालान की रकम

सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने ई-चालान वसूली को लेकर बेहद सख्त सुझाव दिए हैं. उन्होंने अपने आदेश में कहा कि जो लोग लापरवाही से वाहन चलाते हैं और चालान नहीं भरते, उनके ई-चालान की रकम उनके बिजली बिल से जोड़ दी जाए. बिजली के बिना रहना संभव नहीं है, जिससे लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति सुधार आएगा. इस दौरान अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ई-चालान के रूप में करीब 45,000 करोड़ रुपये की वसूली करनी है, लेकिन अब तक सर्फ 25,000 करोड़ ही वसूले जा सके हैं. कोर्ट के मुताबिक, महज ई-चालान जारी कर देना काफी नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाकर जुर्माने की वास्तविक वसूली सुनिश्चित करना इससे ज्यादा जरूरी है. 

चालान न भरने पर हो सकती हैं ये 4 बड़ी कानूनी और वित्तीय परेशानियां

अदालती समन, गैर जमानती वारंट और गिरफ्तारी

तय सीमा के भीतर चालान न भरने पर ट्रैफिक विभाग मामला ट्रैफिक कोर्ट में भेज देता है. ऐसे में समन मिलने के बाद भी अगर कोई वाहन मालिक कोर्ट में पेश नहीं होते, तो गैरमौजूदगी में जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा, लगातार अनदेखी करने पर जज गैर जमानती वारंट भी जारी कर सकते हैं.

ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड और RC ब्लैकलिस्ट

बार-बार चालान पेंडिंग रखने पर ड्राइविंग लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित या हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा, वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (RC) परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे गाड़ी किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर नहीं हो पाएगी. 

PUC, आरटीओ और इंश्योरेंस के काम ठप

सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पेंडिंग चालान वाले वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र जारी करने पर रोक लगाई जाए. इसके साथ ही वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट, डुप्लीकेट RC और रिन्यूअल भी रोक दिया जाए. इसके अलावा, इंश्योरेंस रिन्यू कराने और FASTag रिचार्ज में भी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं.

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ऑन द स्पॉट गाड़ी जब्ती और रैंडम चेकिंग

सड़क पर रैंडम चेकिंग के दौरान अगर ट्रैफिक पुलिस के हैंडहेल्ड डिवाइस में आपके वाहन पर पुराना पेंडिंग ई-चालान दिखता है, तो पुलिस अधिकारी को मौके पर ही वाहन जब्त करने का पूरा कानूनी अधिकार होगा. 

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