Saunf Water Benefits: हमारा भारत परंपराओं से भरा हुआ देश है. आपने देखा होगा खाना खाने के बाद बड़े बुजुर्ग लोग थोड़ी सी सौंफ चबा लेते थे. लोग सोचते हैं कि यह सिर्फ मुंह की ताजगी के लिए है. पर असल में सौंफ बहुत ही शक्तिशाली है. हंसाजी योगेन्द्र ने अपने एक वीडियो में बताया कि कैसे सौंफ आपके पाचन को संतुलित करता है. शरीर को ठंडा रखता है और त्वचा पर प्राकृतिक रूप से सुंदर सेहतमंद चमक लाती है. आज हम जानेंगे कि सौंफ का पानी क्यों पीना चाहिए और इसे कैसे बनाते हैं.
सौंफ का पानी पीने के फायदे
पाचनपहले बात करते हैं पाचन की. आजकल बहुत से लोग गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग, भारीपन या कभी-कभी पेट साफ ना होने की समस्या से परेशान रहते हैं. हम इन सबको नॉर्मल समझ लेते हैं. पर असल में यह शरीर का संकेत होता है कि शरीर मदद मांग रहा है. यहां सौंफ मदद करती है. सौंफ में कुछ प्राकृतिक तत्व होते हैं. जैसे एनेथॉल, पेंचोन और एस्ट्रागोल. यह तत्व इंटेस्टाइन की मसल्स को रिलैक्स करते हैं. जिससे पेट में खाना आसानी से चलने लगता है. सौंफ शरीर में डाइजेस्टिव एंजाइम्स को भी बढ़ावा देती है. जिससे खाना अच्छे से टूटता है. पोषक तत्व अब्सॉर्ब होते हैं और पेट हल्का महसूस होता है. जब आपका पाचन ठीक होता है तो एनर्जी भी बेहतर फ्लो करती है और मन शांत रहने लगता है.
स्किनअब बात करते हैं त्वचा की. अक्सर हम सोचते हैं कि त्वचा की समस्याओं का हल सिर्फ बाहर से लगाए गए क्रीम या फेस पैक में है. लेकिन असल में त्वचा की ज्यादातर समस्याएं अंदर से शुरू होती है. चाहे वो एक्ने हो, डलनेस हो या जल्दी होने वाले रिंकल्स हो. जब पाचन ही ठीक नहीं होता तो शरीर में टॉक्सिंस बढ़ने लगते हैं और रक्त में मिल जाते हैं जो पूरे शरीर में घूमने लगते हैं. तो यह चेहरे पर भी दिखते हैं. जैसे ब्रेकआउट्स, पफीनेस या थकी हुई स्किन, सौंफ का पानी ज्यादा पित्त को शांत करता है. लीवर को साफ करता है. खून को शुद्ध करता है. जब शरीर अंदर से साफ होता है तो यह चमक बाहर नजर आती है. दाने कम होते हैं. स्किन हाइड्रेटेड लगती है. ताजगी भरी लगती है. सौंफ में विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे कॉर्सिटिन भी होता है जो फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करते हैं और एजिंग को धीमा कर सकते हैं.
सौंफ का पानी कैसे बनाएं
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सोक्ड वर्जनएक चम्मच सौंफ को हल्का सा क्रश कीजिए. रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रखिए. सुबह खाली पेट ये पानी छानकर पी लीजिए. यह वर्जन शरीर को ठंडक देता है और एसिडिटी में बहुत ही लाभकारक है.
बॉयल्ड वर्जनएक चम्मच सौंफ पानी में डालकर 5 मिनट तक उबालिए. थोड़ा ठंडा होने पर दिन भर छोटे-छोटे घूंट में इसे पीते रहिए. यह उन लोगों के लिए अच्छा है जिनका डाइजेशन स्लो है या जिन्हें अक्सर ठंड महसूस होती है.
और क्या कर सकते हैं
सौंफ भिगोते समय कुछ पुदीने के पत्ते भी डाल दीजिए. इससे एक्स्ट्रा कूलिंग होगा. स्लो डाइजेशन के लिए सौंफ के साथ एक चुटकी जीरा मिला दीजिए. यह डाइजेस्टिव अग्नि जठराग्नि को जगाता है. गर्मी के मौसम में कुछ गुलाब के पत्ते या एक दो बूंद रोज वाटर मिला दीजिए. यह त्वचा से जुड़ी गर्मी की समस्याओं को शांत करता है. ध्यान रखिए सौंफ का पानी सीमित मात्रा में ही लें. एक से दो गिलास दिन भर में काफी है. ये एक प्राकृतिक सहायक है जो शरीर की प्रक्रियाओं को संभालता है. यदि आप इसे नियमित रूप से लेते हैं तो कुछ ही हफ्तों में आप देखेंगे पेट हल्का महसूस होगा. गैस और ब्लोटिंग कम होगी. एसिडिटी पर नियंत्रण मिलेगा. स्किन पर प्राकृतिक चमक नजर आएगी. इसे अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बनाइए.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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