Food Adulteration : क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें मिठाई के ऊपर लगी वो चमकीली चांदी की परत (सिल्वर वर्क) बहुत पसंद है? खासकर काजू कतली, जो बिना उस चमक के अधूरी लगती है. अगर हां, तो थोड़ा रुक जाइए. न्यूट्रिशनिस्ट निकिता ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसे सुनने के बाद शायद आप मिठाई की दुकान पर जाने से पहले सौ बार सोचेंगे.
क्या वाकई वो 'चांदी' ही है?
निकिता ने अपने वीडियो में एक ऐसी कड़वी सच्चाई बताई है जिसे सुनकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ गए. हम सबको लगता है कि मिठाई पर लगा 'चांदी का वर्क' 99.9% शुद्ध चांदी होती है, जो शरीर के लिए सुरक्षित है. लेकिन निकिता का कहना है कि आज के दौर में बढ़ती महंगाई और कॉस्ट कटिंग के चक्कर में खेल कुछ और ही चल रहा है.
उन्होंने सवाल उठाया कि "अगर वो असली चांदी है, तो मिठाई इतने कम दाम में कैसे मिल रही है?" दरअसल, चांदी महंगी होती है, इसलिए कई मिलावटखोर चांदी की जगह एल्युमीनियम फॉयल का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे मशीन से इतना ज्यादा पीटा (Hammered) जाता है कि ये बिल्कुल पतली चांदी जैसी दिखने लगती है.
शरीर के लिए कितना खतरनाक है ये नकली वर्क?
निकिता बताती हैं कि असली चांदी का वर्क तो शरीर सोखता नहीं है और वो बाहर निकल जाता है, लेकिन एल्युमीनियम 'फूड ग्रेड' नहीं होता. यह हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक है. इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर तो चांदी के नाम पर इसमें लेड (सीसा), कैडमियम, क्रोमियम और निकल जैसे जहरीले हेवी मेटल्स मिला दिए जाते हैं.
अगर आप ऐसी मिठाई खाते हैं, तो ये मेटल्स आपके लीवर, किडनी और दिमाग पर बुरा असर डाल सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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