क्या आप दिन में एक बार भी चावल खाए बिना नहीं रह सकते? लेकिन अगर 30 दिन के लिए चावल छोड़ दिए जाएं तो क्या होगा? कुछ लोगों का वजन कम हो सकता है, ब्लड शुगर में सुधार दिख सकता है, जबकि कुछ लोगों को कमजोरी और थकान भी महसूस हो सकती है. आइए जानते हैं कि 1 महीने तक चावल न खाने पर शरीर में कौन-कौन से बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
Chawal Chhodne ke fayde: हम भारतीयों की थाली बिना चावल के अधूरी लगती है. दाल-चावल हो या राजमा-चावल, इसके बिना पेट ही नही भरता. लेकिन वजन घटाने की बात आते ही लोग सबसे पहले चावल छोड़ देते हैं. अगर आप भी सोच रहे हैं कि 30 दिन तक चावल न खाएं तो क्या होगा, तो इसका सीधा और आसान जवाब यहां समझ लीजिए.
चावल छोड़ने के तुरंत बाद क्या बदलाव दिखते हैं?
जब आप अचानक अपनी डाइट से चावल हटा देते हैं, तो सबसे पहले आपके शरीर का वजन तेजी से कम होता हुआ दिखता है. आपको हैरानी होगी कि ये वजन असल में चर्बी (Fat) का नहीं, बल्कि पानी (Water Weight) का होता है. चावल में कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, जो शरीर में पानी को रोककर रखते हैं. जैसे ही आप चावल छोड़ते हैं, शरीर का एक्स्ट्रा पानी बाहर निकल जाता है और आप थोड़े हल्के महसूस करने लगते हैं.
क्या सच में वजन तेजी से कम होता है?
हां, शुरुआत के 1-2 हफ्तों में वजन थोड़ा तेजी से गिरता दिखेगा. असल में यह फैट लॉस नही, बल्कि वॉटर वेट होता है. चावल यानी कार्ब्स शरीर में पानी बांधकर रखते हैं. जब आप चावल बंद करते हैं, तो वह पानी घटता है.
अगर आप चावल बंद करके उसकी जगह समोसे या पराठे खा रहे हैं, तो वजन घटने की जगह बढ़ जाएगा. कैलोरी का ध्यान रखना जरूरी है.
ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है?
सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी ज्यादा होता है, यानी खाते ही शुगर तेजी से भागती है. जब आप इसे एक महीने बंद रखते हैं, तो शुगर स्पाइक कम होता है और इंसुलिन लेवल स्थिर रहता है. डायबिटीज या प्री-डायबिटीज वालों को इससे काफी राहत मिल सकती है.
क्या शरीर में कमजोरी या एनर्जी कम हो सकती है?
चावल से हमें तुरंत एनर्जी मिलती है. जब इसे अचानक बंद करेंगे, तो पहले हफ्ते चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और सुस्ती लग सकती है. अगर आप चावल छोड़कर उसकी जगह फल, हरी सब्जियां, दाल या ओट्स नही ले रहे हैं, तो शरीर में कमजोरी आ सकती है.
किन लोगों को चावल पूरी तरह नही छोड़ना चाहिए?
एथलीट्स, जिम जाने वाले या जो लोग भारी शारीरिक मेहनत करते हैं, उन्हें कार्ब्स की सख्त जरूरत होती है. जिनका पाचन कमजोर रहता है, उनके लिए चावल पचाना सबसे आसान होता है.
प्रेग्नेंट महिलाएं और दुबले-पतले लोग, जिनका वजन पहले से कम है, उन्हें बिना डाक्टर की सलाह के चावल बंद नही करना चाहिए.
सफेद चावल और ब्राउन राइस में क्या अंतर है?
सफेद चावल की पॉलिशिंग के दौरान फाइबर और जरूरी पोषक तत्व निकल जाते हैं. यह पचने में हल्का होता है पर पेट जल्दी खाली कर देता है.
ब्राउन राइस में चोकर और फाइबर बचा रहता है. यह धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक भूख नही लगती और शुगर भी नही बढ़ती.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
दिल्ली सरकार के योग विभाग के रिटायर्ड प्रोजेक्ट ऑफिसर डॉ. राम अवतार के अनुसार:
"चावल हमारे पारंपरिक भोजन का मुख्य हिस्सा रहा है. समस्या चावल में नही, बल्कि उसे खाने के तरीके और मात्रा में है. अगर आप 30 दिन चावल छोड़ते हैं, तो शरीर पर तात्कालिक असर दिखेगा, पर इसे हमेशा के लिए बंद करना सही समाधान नही है. चावल को दाल, ढेर सारी घीया-तोरई या सलाद के साथ खाएं ताकि फाइबर मिल सके. साथ ही दिनभर में 30-40 मिनट योग या वॉक जरूर करें. चावल दुश्मन नही है, जरूरत से ज्यादा खाना और कोई फिजिकल एक्टिविटी न करना असली समस्या है."
1 महीने तक चावल न खाने के फायदे-
- चावल में कैलोरी और कार्ब्स काफी ज्यादा होते हैं. इसे छोड़ने से कुल कैलोरी इनटेक कम हो जाता है, जिससे वजन घटने में मदद मिल सकती है.
- सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी हाई होता है, जिससे खाने के तुरंत बाद शुगर लेवल बढ़ जाता है. चावल बंद करने से शुगर स्पाइक की दिक्कत कम होती है, जो शुगर के मरीजों के लिए अच्छा है.
- कई लोगों को चावल खाने के बाद सुस्ती या आलस महसूस होता है. चावल न खाने से शरीर हल्का रहता है और दिनभर एक्टिविटी बनी रहती है.
चावल न खाने के नुकसान-
- चावल हमारे शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करता है. अचानक इसे बंद करने से शुरुआती दिनों में आपको कमजोरी, थकान या चक्कर जैसी दिक्कत हो सकती है.
- चावल में फाइबर होता है. अगर आप अचानक इसे पूरी तरह बंद कर देंगे और फाइबर के दूसरे ऑप्शन नहीं खाएंगे, तो पेट साफ होने में दिक्कत हो सकती है.
- जब शरीर को मनपसंद खाना नहीं मिलता और कार्ब्स अचानक कम होते हैं, तो दिमाग थोड़ा चिड़चिड़ा हो सकता है और मीठा या कुछ और खाने की बहुत इच्छा होती है.
चावल पूरी तरह छोड़ने की जिद करने से बेहतर है कि आप पोर्शन कंट्रोल करें. यानी कटोरी छोटी कर लें और प्लेट में सब्जी व सलाद बढ़ा दें. इससे वजन भी कंट्रोल रहेगा और पसंदीदा खाना भी नही छूटेगा.
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एक्सपर्ट के बारे में : डॉ. राम अवतार दिल्ली सरकार के योग विभाग के सेवानिवृत्त प्रोजेक्ट ऑफिसर हैं. उनके पास योग और ध्यान (Yoga & Meditation) के क्षेत्र में 38 से अधिक वर्षों का दीर्घकालिक और व्यावहारिक अनुभव है. वे योग, प्राणायाम, ध्यान, नाड़ी विज्ञान, जड़ी-बूटी/पारंपरिक चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy), रेकी, होम्योपैथी और आयुर्वेद के माध्यम से कई जटिल एवं असाध्य रोगों का सफल इलाज कर चुके हैं.
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