Roj Gehu Aur Chawal Khane Se Kya Hota Hai: भारतीय थाली का अहम हिस्सा है गेहूं और चावल, इन दोनों के बिना मानों भोजन मानो अधूरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं सुबह की रोटी और रात के चावल शरीर पर क्या प्रभाव डाल सकते हैं? अगर आप सिर्फ रोजाना चावल और गेहूं की रोटी खा रहे हैं, तो जनलर फिजीशियन डॉ. शालिनी सिंह सालुंके के अनुसार आप कई बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं, तो चलिए बिना देरी किए जानते हैं यह कंफर्ट कैसे बन रहा है शरीर के लिए हानिकारक.

रोज गेहूं और चावल क्यों नहीं खाने चाहिए?
ज्यादा कार्बोहाइड्रेट: गेहूं और चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा और सेलेनियम, मैगनीशियम और जिंक की मात्रा कम पाई जाती है, जो शरीर में कमजोरी, थकान, बाल झड़ना और इम्यूनिटी वीक का कारण बन सकता है. शरीर को स्वस्थ और एनर्जेटिक रखने के लिए रोजाना गेहूं की रोटी और चावल खाने की आदत को बदलना जरूरी है.
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फाइबर: गेहूं और चावल डोनी ही फाइबर से भरपूर है, लेकिन इसका प्रकार और मात्रा अलग होने के कारण गट बैक्टीरिया की वैरायटी पर असर पड़ता है, जिसके चलते पेट से जुड़ी दिक्कतें जैसे कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स: रोजाना हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स का खाना खाकर इन्सुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, जो प्री डायबिटीज का कारण बन सकता है. रोजाना इन्हें ज्यादा खाने से डायबिटीज होने का खतरा बढ़ सकता है और पहले से डायबिटीज वाले मरीजों की समस्या को और बिगाड़ सकता है.
रोजाना वही एक जैसा स्वाद: हर रोज वही एक जैसा खाना खाने से बोरियत हो जाती है, जिसके कारण बाहर का तला भुना या मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है, जिससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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