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न कुर्सी, न टेबल - जमीन पर कॉफी, 100 साल पुराने जपानी घर में खुला दुनिया का सबसे अनोखा स्टारबक्स

Starbucks Japan: जापान के क्योटो शहर में स्थित स्टारबक्स कॉफी, क्योटो निनेन्जाका यासाका चाया एक ऐसा ही अनोखा आउटलेट है, जहां आपको पारंपरिक जापानी शैली में बैठकर कॉफी का आनंद लेना होता है.

न कुर्सी, न टेबल - जमीन पर कॉफी, 100 साल पुराने जपानी घर में खुला दुनिया का सबसे अनोखा स्टारबक्स
Starbucks Japan: यह खास स्टारबक्स एक 100 साल पुराने माचिया (पारंपरिक लकड़ी के जापानी घर) में बनाया गया है.

Floor Seating Starbucks: दुनिया भर में स्टारबक्स अपनी आरामदायक और स्वागत करने वाली जगहों के लिए जाना जाता है. यहां हल्का संगीत, कॉफी की खुशबू और सुंदर इंटीरियर आपको ऐसा एहसास देते हैं जैसे आप अपने घर के लिविंग रूम में बैठे हों. लेकिन, क्या आपने कभी ऐसा स्टारबक्स देखा है जहां कुर्सी-टेबल नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर कॉफी पीनी पड़ती है? जापान के क्योटो शहर में स्थित स्टारबक्स कॉफी, क्योटो निनेन्जाका यासाका चाया एक ऐसा ही अनोखा आउटलेट है, जहां आपको पारंपरिक जापानी शैली में बैठकर कॉफी का आनंद लेना होता है.

100 साल पुराने पारंपरिक घर में बना कैफे

यह खास स्टारबक्स एक 100 साल पुराने माचिया (पारंपरिक लकड़ी के जापानी घर) में बनाया गया है. यह मशहूर Kiyomizu-dera मंदिर के पास, निनेन्जाका इलाके में स्थित है.

बाहर से देखने पर यह बिल्कुल एक पुराने जापानी घर जैसा लगता है. लकड़ी की दीवारें, पारंपरिक छत और संकरी गली, सब कुछ क्योटो की ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह आसपास की पुरानी इमारतों में पूरी तरह घुल-मिल जाए.

यहां जमीन पर क्यों बैठना पड़ता है?

इस स्टारबक्स की सबसे खास बात इसकी दूसरी मंजिल है. यहां जाने से पहले ग्राहकों को अपने जूते बाहर उतारने पड़ते हैं. अंदर फर्श पर ततामी मैट बिछे होते हैं, जो खास तरह की घास से बनाए जाते हैं.

जापान में पारंपरिक तरीके से बैठने को सेइजा कहा जाता है. इसमें घुटनों के बल बैठकर एड़ी पर शरीर टिकाया जाता है और पीठ सीधी रखी जाती है. आराम के लिए जाबुतोन नाम का कुशन भी दिया जाता है. लेकिन इस आउटलेट में खास तौर पर ततामी मैट पर बैठकर ही कॉफी पीने का अनुभव मिलता है. यह व्यवस्था सिर्फ अलग दिखने के लिए नहीं है, बल्कि जापानी संस्कृति और परंपरा को सम्मान देने के लिए की गई है.

मॉडर्न कॉफी और पारंपरिक माहौल का मेल

हालांकि बैठने का तरीका पारंपरिक है, लेकिन मेन्यू पूरी तरह मॉडर्न है. यहां आपको ब्रूड कॉफी, एस्प्रेसो ड्रिंक्स, फ्रैप्पुचीनो, टीवाना चाय, जूस और पेस्ट्री जैसी चीजें मिलती हैं, बिल्कुल अन्य स्टारबक्स आउटलेट्स की तरह.

ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर अनाली गुप्ता ने हाल ही में यहां का अनुभव शेयर किया. उन्होंने लिखा कि यह जगह किसी कॉफी शॉप जैसी नहीं लगती, बल्कि पुराना क्योटो महसूस होता है.

उनके अनुसार, यहां सीट मिलना आसान नहीं है. यह जगह अक्सर भीड़ से भरी रहती है. लेकिन जब आप एक बार अंदर बैठ जाते हैं, तो लकड़ी की दीवारें, स्लाइडिंग दरवाजे और बाहर निनेन्ज़ाका की गलियों में चलते लोगों का दृश्य इस अनुभव को खास बना देता है.

क्यों बन गया है यह खास आकर्षण?

पहले यह जगह यात्रियों के लिए एक छिपा हुआ रत्न (Hidden Gem) थी. लेकिन, अब सोशल मीडिया और अनोखे अनुभव के कारण यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन चुकी है. यह स्टारबक्स सिर्फ कॉफी पीने की जगह नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक अनुभव है. यहां बैठकर समय जैसे धीमा हो जाता है. शांति, सादगी और परंपरा का संगम इसे खास बनाता है.

कब जाएं?

अगर आप यहां बिना लंबी लाइन में लगे कॉफी का आनंद लेना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी पहुंचना बेहतर रहेगा. क्योटो की ऐतिहासिक गलियों में बना यह 100 साल पुराना स्टारबक्स साबित करता है कि कभी-कभी असली सुकून कुर्सी पर नहीं, बल्कि जमीन पर बैठकर भी मिल सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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