विज्ञापन

केमिकल वाला पपीता कैसे पहचानें? बाजार से खरीदने से पहले जान लें ये 4 आसान तरीके

केमिकल वाला पपीता कैसे पहचानें? जानिए नेचुरली पका पपीता खरीदने के 4 आसान तरीके, कार्बाइड से पके फल की पहचान और ऐसे पपीते खाने के नुकसान.

केमिकल वाला पपीता कैसे पहचानें? बाजार से खरीदने से पहले जान लें ये 4 आसान तरीके

Papaya Buying Tips: बाजार में मिलने वाला हर पीला पपीता प्राकृतिक रूप से पका हुआ नहीं होता. कई बार फलों को जल्दी पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि केमिकल वाला पपीता कैसे पहचानें और नेचुरली पका पपीता खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? यहां जानिए 4 आसान तरीके जिनसे आप सही पपीता चुन सकते हैं.

पपीता एक ऐसा फल है जो लगभग हर भारतीय घर में बड़े चाव से खाया जाता है. पेट खराब हो, वजन घटाना हो या चेहरे पर चमक लानी हो, सबसे पहले लोग पपीता खाने की ही सलाह देते हैं. डॉक्टर भी मानते हैं कि रोज सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन तंत्र एकदम दुरुस्त रहता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पपीते को आप अच्छी सेहत की उम्मीद में बाजार से खरीदकर ला रहे हैं, वो आपकी सेहत बिगाड़ भी सकता है?

आजकल बाजार में मिलने वाले ज्यादातर फल नेचुरल तरीके से पेड़ पर पकने के बजाय केमिकल के दम पर पकाए जा रहे हैं. पपीते के साथ भी यही खेल धड़ल्ले से चल रहा है. मुनाफा कमाने के चक्कर में व्यापारी कच्चे पपीते को कार्बाइड या अन्य खतरनाक रसायनों में डालकर रातों रात पीला कर देते हैं. ऐसा पपीता बाहर से तो बड़ा चमकदार और पका हुआ दिखता है, पर अंदर से बेस्वाद और जहरीला होता है.

आइए जानते हैं कि बाजार में ठेले या दुकान पर खड़े होकर आप कैसे पहचान सकते हैं कि पपीता पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पका है या उसे केमिकल से पकाया गया है.

रंग और चमक पर ज्यादा भरोसा न करें

  • अक्सर लोग गलती यह करते हैं कि जो पपीता एकदम चटक पीला या बिना किसी दाग धब्बे के दिखता है, उसे झट से खरीद लेते हैं. यहीं पर सबसे बड़ा धोखा होता है.
  • अगर पपीता पूरी तरह से एक ही रंग का, एकदम चमकीला पीला या हल्का नारंगी दिख रहा है और उस पर कहीं भी हरापन नहीं है, तो समझ जाइए कि उसे केमिकल से पकाया गया है.
  • जो पपीता पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पकता है, उसका रंग कभी भी एक जैसा नहीं होता. उसमें कहीं गहरा पीला, कहीं हल्का नारंगी और कहीं कहीं हल्के हरे रंग के पैच (धब्बे) जरूर दिखाई देते हैं.
  • कुदरती पपीता बाहर से देखने में शायद उतना खूबसूरत न लगे, लेकिन खाने में वही सबसे सुरक्षित होता है.

Also Read: सुबह खाली पेट पपीता खाने से पेट और दिल की बीमारियां रहेंगी दूर, जानिए 4 बड़े फायदे

दबाकर देखें, बनावट से खुलेगा राज

पपीता खरीदते समय उसे हल्के हाथ से दबाकर जरूर महसूस करें. फल की बनावट उसके पकने का सबसे बड़ा सुराग देती है.
केमिकल से पका पपीता बाहर से तो पीला दिखेगा, लेकिन जब आप उसे दबाएंगे तो वो बहुत ज्यादा सख्त या पत्थर जैसा कड़ा महसूस होगा.
कई बार ऐसा भी होता है कि केमिकल की वजह से फल का छिलका बहुत ज्यादा पिलपिला हो जाता है, जबकि अंदर का गूदा कच्चा ही रहता है.
वहीं, नेचुरल तरीके से पका पपीता छूने पर हल्का सा दबेगा. वो न तो बहुत ज्यादा कड़क होगा और न ही बिल्कुल गीला या पिलपिला. उसकी नरमी पूरे फल पर एक जैसी महसूस होगी.

डंठल और छिलके की महक सूंघें

  • अगर आप रंग और बनावट से अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं, तो सबसे देसी और असरदार तरीका है फल को सूंघना.
  • पपीते के डंठल (ऊपरी सिरे) के पास हल्की सी खुशबू लें. अगर पपीता कुदरती रूप से पका है, तो उसमें से एक मीठी और सौंधी सी महक आएगी जो पपीते की अपनी पहचान होती है.
  • इसके विपरीत, कार्बाइड या केमिकल से पकाए गए पपीते में या तो बिल्कुल कोई खुशबू नहीं होगी, या फिर उसमें से अजीब सी तीखी गंध (दवा जैसी महक) आएगी.
  • अगर डंठल के पास से सल्फर या किसी केमिकल जैसी दुर्गंध आए, तो ऐसा पपीता भूलकर भी न खरीदें.

काटने के बाद गूदे और बीज पर नजर डालें

  1. अगर आप घर ले आए हैं और अब भी शक है, तो पपीते को बीच से काटिए. अंदर का नजारा सब सच बयां कर देगा.
  2. प्राकृतिक रूप से पके पपीते का गूदा अंदर से गहरा नारंगी या लाल होता है और उसका स्वाद एकदम मीठा व रसभरा होता है. इसके साथ ही उसके बीज गहरे काले या भूरे रंग के होते हैं.
  3. केमिकल से पके पपीते को जब आप काटेंगे, तो उसका गूदा हल्का पीला या फीका दिखेगा. कई जगह से वो आधा कच्चा और बेस्वाद लगेगा.
  4. सबसे बड़ी पहचान यह है कि ऐसे पपीते के अंदर के बीज सफेद, हल्के हरे या अधपके नजर आएंगे. इसका मतलब साफ है कि फल को पूरी तरह बड़ा होने और पकने से पहले ही पेड़ से तोड़ लिया गया था.
Latest and Breaking News on NDTV

Also Read: अगर मैं रोज पपीता खाऊं तो क्या होगा? | Rojana Papita Khane Ke Fayde aur Nuksan

केमिकल वाला पपीता खाने के नुकसान

  1. कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायनों से पके फल खाना सेहत के लिए बेहद खतरनाक है. कार्बाइड में आर्सेनिक और फास्फोरस के अंश होते हैं, जो सीधे हमारे पेट और लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं.
  2. इसे खाने से तुरंत पेट दर्द, दस्त, उल्टी या जी मिचलाने की समस्या हो सकती है.
  3. लंबे समय तक ऐसे फल खाने से सिरदर्द, चक्कर आना, अल्सर और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं.
  4. गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के लिए यह केमिकल और भी ज्यादा जानलेवा साबित हो सकता है.

खरीदते समय बरतें ये सावधानियां

  • फल लाते समय थोडी सी समझदारी आपको और आपके परिवार को कई बीमारियों से बचा सकती है.
  • कभी भी बिल्कुल साफ सुथरा और चमकदार दिखने वाला फल खरीदने की जल्दबाजी न करें.
  • पपीते पर अगर सफेद रंग का कोई पाउडर या दाग जमा दिखे, तो समझ जाएं कि उस पर कार्बाइड का छिड़काव हुआ है.
  • फल को घर लाने के बाद तुरंत काटकर न खाएं. उसे कम से कम 15 से 20 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रखें और फिर अच्छी तरह धोकर छिलका मोटा उतारकर ही खाएं.
  • अगर संभव हो तो सीधे किसी लोकल किसान से या भरोसेमंद जैविक (ऑर्गेनिक) मंडी से ही फल खरीदें.

फल खाना सेहत के लिए अमृत के समान है, लेकिन तभी जब वो अपनी प्राकृतिक गति से पका हो. अगली बार जब भी फल मंडी जाएं, तो ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखकर ही पपीता चुनें. आपकी जरा सी सतर्कता आपके पूरे परिवार को शुद्ध और सेहतमंद खाना खिला सकती है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Food, Papaya, Chemical
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com