रक्षाबंधन का त्योहार आते ही घरों में खुशियों का माहौल बन जाता है, भाई-बहन के प्यार का यह प्रतीक बिना मीठे के अधूरा लगता है. लेकिन जरा सोचिए, जिस मिठाई को आप अपने परिवार और बच्चों को खिलाकर मुंह मीठा कराने की सोच रहे हैं, क्या वह सच में शुद्ध है? त्योहारों के इस सीजन में बाजारों में मिठाइयों की डिमांड आसमान छूने लगती है. इसी मांग का फायदा उठाने के लिए दुकानदार लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आते. हाल ही में देश के अलग-अलग शहरों से जो खबरें सामने आई हैं, वे आपको हैरान और परेशान कर देंगी. गनीमत यह रही कि खाद्य विभाग यानी FSDA की टीमों ने समय रहते बड़ी कार्रवाई कर इन जहरीली चीजों को बाजार तक पहुंचने से रोक लिया.
किस शहर में किन चीजों में मिली मिलावट-
मध्य प्रदेश- की राजधानी भोपाल से लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक खाद्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद नजर आया.
भोपाल (मध्य प्रदेश)- यहां खाद्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 316 किलो संदिग्ध मावा और मिल्क केक जब्त किया है. त्योहार पर इसकी सप्लाई होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही विभाग ने मिलावटखोरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया.
असली और नकली मावा की पहचान के लिए यहां क्लिक करें.
मथुरा (उत्तर प्रदेश)- मथुरा में तो हद ही हो गई, जहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने 1,200 किलो मिलावटी पनीर पकड़ा. इस पनीर की कीमत करीब 3 लाख रुपये थी. ड्राइवर कोई भी सही कागज या दस्तावेज नहीं दिखा पाया. पनीर की हालत देखकर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया और सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए.

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पनीर की असली और नकली पहचान के लिए यहां क्लिक करें.
गाजियाबाद और हापुड़- एनसीआर के गाजियाबाद में 'सचिन छेना स्टोर' पर छापेमारी कर 10 क्विंटल मानकहीन छेना रसगुल्ला नष्ट कराया गया. यहां से अरारोट, पनीर और एक खतरनाक ब्लीचिंग केमिकल 'सेफोलाइट' के सैंपल भी मिले, जो शरीर के लिए बहुत खतरनाक हैं. वहीं हापुड़ में भी दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई होने जा रहा 10 क्विंटल मिलावटी पनीर पकड़ा गया और तुरंत नष्ट किया गया.
उन्नाव- उन्नाव के सफीपुर और बांगरमऊ इलाकों में 307 किलो संदिग्ध खोया और 360 लीटर दूध पकड़ा गया. एक कारखाने में खतरनाक सोडियम सल्फाइट मिलने पर उसका लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है.
जानें मिलावटी दूध की पहचान कैसे करें?
कानपुर- कानपुर में खाद्य विभाग ने जो पकड़ा, उसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया. यहां चमड़ा रंगने वाली खतरनाक डाई 'औरामिन' से रंगा हुआ करीब 36,580 किलो जहरीला भुना चना पकड़ा गया. इस जहरीले चने की कीमत करीब 33.48 लाख रुपये थी. सोचिए, जिस चने को लोग बड़े चाव से खाते हैं, अगर उसमें चमड़ा रंगने वाला कलर मिला हो तो सेहत पर क्या असर पड़ेगा? प्रशासन ने इस पूरे माल को डंपिंग यार्ड में नष्ट करवा दिया.
त्योहार पर ऐसे रखें अपना और अपनों का ख्याल-
- बहुत ज्यादा चमकदार या अजीब रंग वाली मिठाइयां बिल्कुल न खरीदें.
- खुली और बिना पैकेजिंग वाली संदिग्ध मिठाइयों से बचें.
- किसी भी चीज पर शक होने पर तुरंत स्थानीय खाद्य विभाग या प्रशासन को सूचना दें.
- सतर्क रहें, जागरूक रहें और अपने परिवार को सुरक्षित रखें.
मिलावटी चीजें खाने से क्या हो सकते हैं नुकसान?
फूड पॉइजनिंग
पेट दर्द, उल्टी और दस्त
लिवर और किडनी को नुकसान
कैंसर का खतरा बढ़ सकता है (खासकर Auramine जैसे केमिकल से)
बच्चों और बुजुर्गों पर ज्यादा असर
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