जब भी हम सेहत और अच्छी डाइट की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले 'घर का सादा खाना' आता है. वहीं, बर्गर और फ्राइज जैसी चीजों को हम 'जंक फूड' की कैटेगरी में रखते हैं. आजकल हर कोई अपनी सेहत को लेकर फिक्रमंद है. लोग जंक फूड से तौबा कर रहे हैं और प्रोटीन वाली चीजों पर जोर दे रहे हैं. लेकिन हाल ही में भारत में मैकडॉनल्ड्स (McDonald's) चलाने वाली कंपनी वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड (Westlife Foodworld) के एक बड़े अधिकारी ने ऐसा बयान दिया है जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है.
घर के खाने से भी बेहतर है हमारा बर्गर-
कंपनी के सीईओ सौरभ कालरा ने हाल ही में एक बड़ी मीटिंग (Earnings Call) के दौरान दावा किया कि मैकडॉनल्ड्स का खाना बहुत सी उन चीजों से बेहतर है जो लोग आमतौर पर खाते हैं. उन्होंने यहां तक कह दिया कि, अगर पूरी पारदर्शिता रखी जाए और लोगों को यह चुनने का मौका मिले कि वे क्या खा रहे हैं, तो मैकडॉनल्ड्स का खाना कई बार आपके घर में बनने वाले खाने से भी ज्यादा पौष्टिक साबित हो सकता है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और सेहत को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है.
सेहत और स्वाद के बीच का तालमेल-
दरअसल, मार्केट के जानकारों ने कंपनी से सवाल पूछा था कि क्या लोग अब अपनी हेल्थ को लेकर ज्यादा जागरूक हो गए हैं और जंक फूड से दूरी बना रहे हैं? इसके जवाब में कालरा ने कहा कि कंपनी को ग्राहकों की भीड़ में कोई कमी नहीं दिख रही है. उन्होंने तर्क दिया कि असल बात यह नहीं है कि खाना 'फास्ट फूड' है या नहीं, बल्कि बात यह है कि उस खाने में क्या-क्या मिलाया गया है और वह कितना संतुलित है.

मैकडॉनल्ड्स ने अपने खाने में क्या बदले?
सौरभ कालरा के मुताबिक, कंपनी पिछले कई सालों से अपने मेन्यू को सुधारने पर काम कर रही है. उन्होंने कुछ अहम बदलावों के बारे में बताया.
- आलू टिक्की बर्गर- यह कंपनी का सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है. कालरा ने कहा कि उन्होंने इसे एक 'बैलेंस्ड मील' बना दिया है.
- नमक और फैट में कटौती- उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपनी मशहूर फ्रेंच फ्राइज में सोडियम (नमक) की मात्रा कम की है. साथ ही, बर्गर में इस्तेमाल होने वाली मेयोनीज से फैट भी घटाया है.
- प्रोटीन पर फोकस- हाल ही में कंपनी ने 'प्रोटीन स्लाइस' लॉन्च किया है. इसका मतलब है कि अगर कोई ग्राहक अपनी डाइट में ज्यादा प्रोटीन चाहता है, तो वह बर्गर में अलग से 5 ग्राम प्रोटीन जुड़वा सकता है.
सिर्फ मार्केटिंग नहीं, सही जानकारी देना है लक्ष्य-
अक्सर कंपनियां अपने सामान को 'हेल्दी' (Healthy) बताकर बेचती हैं, लेकिन मैकडॉनल्ड्स का कहना है कि वे इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते. कालरा ने कहा, "आप 'हेल्दी आलू टिक्की' कहकर बर्गर नहीं बेचते. उनका मकसद ग्राहकों को यह बताना है कि उनके खाने में क्या है, ताकि लोग खुद समझदारी से फैसला ले सकें.
क्या कहते हैं आंकड़े?
भले ही कंपनी अपने खाने को बेहतर बता रही हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य संगठन कुछ और ही चेतावनी देते हैं. साल 2024 की एक अमेरिकी रिपोर्ट (FDA) के मुताबिक, हम दिन भर में जितना नमक खाते हैं, उसका 70% से ज्यादा हिस्सा बाहर के पैकेट बंद या रेस्टोरेंट के खाने से आता है. ज्यादा नमक से हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
वहीं, एक अन्य रिपोर्ट में यह भी पाया गया है कि बहुत ज्यादा 'प्रोसेस्ड फूड' खाने से सेहत को लंबे समय में नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में मैकडॉनल्ड्स जैसे बड़े ब्रांड्स पर हमेशा यह दबाव रहता है कि वे अपने खाने की क्वालिटी को लगातार सुधारते रहें.
बदलती आदतें और भविष्य की तैयारी-
मैकडॉनल्ड्स अब सिर्फ बर्गर तक ही सीमित नहीं रहना चाहता. कंपनी का बड़ा फोकस अब 'मैककैफे' (McCafe) पर है. कालरा ने कहा कि वे चाहते हैं कि भारत में लोग रोज कॉफी पीने की आदत डालें और इसके लिए वे इसे 'लोकतांत्रिक' (Democratise) बनाना चाहते हैं, यानी इसे हर किसी की पहुंच में लाना चाहते हैं.
कंपनी के बिजनेस की बात करें तो मार्च की तिमाही में ग्राहकों की संख्या में अच्छी बढ़त देखी गई है. वेस्टलाइफ फूडवर्ल्ड ने पिछले साल 48 नए रेस्टोरेंट खोले हैं और आने वाले समय में हर साल 60 से ज्यादा नए आउटलेट्स खोलने की योजना बनाई है.
ये भी पढ़ें- सिर्फ 2 आलू और 1 प्याज से बनाएं ऐसा नाश्ता, चाय के साथ मिनटों में हो जाएगा खत्म, नोट करें रेसिपी
लू लगने के लक्षण और बचाव के घरेलू उपाय | Lu Lag Jaye to Kya Kare
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं