किचन में मौजूद काली मिर्च एक ऐसा मसाला है जो न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने बल्कि सेहत के लिए भी कमाल माना जाता है. बदलते मौसम में अक्सर गला खराब होना, नाक बहना और हल्की-फुल्की खांसी या जुकाम होना आम बात है. अगर आप भी इन छोटी-छोटी समस्याओं के लिए डॉक्टर नहीं बल्कि, घरेलू उपायों की तलाश कर रहे हैं, तो काली मिर्च से बना काढ़ा आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. तो चलिए जानते हैं काली मिर्च का काढ़ा बनाने की आसान रेसिपी.
कैसे बनाएं काली मिर्च का काढ़ा- (How To Make Kali Mirch Ka Kadha)
सामग्री-
- 10 से 12 साबुत काली मिर्च
- 1 इंच अदरक का टुकड़ा
- 6 से 8 तुलसी की फ्रेश पत्तियां
- 2-3 लौंग
- छोटा सा दालचीनी का टुकड़ा
- आधा चम्मच गुड़ या एक छोटा चम्मच शहद
- डेढ़ से दो गिलास पानी
विधि-
- इस काढ़े को बनाने में आपको बहुत ही कम समय लगता है. सबसे पहले काली मिर्च, लौंग और दालचीनी को एक खल-बट्टे (ओखली) में डालकर दरदरा कूट लें.
- ध्यान रखें कि इसका एकदम बारीक पाउडर नहीं बनाना है, बस इन्हें हल्का सा तोड़ना है ताकि इनका असली रस बाहर आ सके.
- अब अदरक को भी छीलकर या तो कद्दूकस कर लें या कूट लें.
- अब एक बर्तन में डेढ़ से दो गिलास पानी गैस पर उबलने के लिए रख दें. जब पानी हल्का गर्म हो जाए, तब इसमें कूटी हुई काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, अदरक और तुलसी की पत्तियां डाल दें.
- इसके बाद गैस की आंच को धीमा कर दें और बर्तन को ऊपर से हल्का ढक दें.
- पानी को तब तक उबलने दें जब तक कि वह आधा न रह जाए यानी डेढ़ गिलास पानी उबलकर एक गिलास जितना न बच जाए.
- जब पानी उबलता है, तो इन सभी मसालों का सारा सत पानी में अच्छी तरह घुल जाता है और इसका रंग भी बदल जाता है.
- अब गैस बंद कर दें और काढ़े को हल्का सा ठंडा होने दें. इसे कप या गिलास में छान लें.
- अगर आपको यह बहुत तीखा लगे, तो इसमें स्वाद के लिए थोड़ा सा गुड़ मिला सकते हैं.
- गुड़ गले को और राहत देता है. अगर आप शुगर के मरीज हैं या गुड़ नहीं खाना चाहते, तो आप इसे बिना किसी मीठे के भी पी सकते हैं.
- बस इस बात का ध्यान रखें कि शहद कभी भी उबलते हुए पानी में न डालें, अगर शहद मिलाना है तो काढ़ा गुनगुना होने के बाद ही मिलाएं.

काढ़ा पीने का सही समय क्या है-
इस काढ़े का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे हमेशा हल्का गर्म यानी चाय की तरह चुस्कियां लेकर पीना चाहिए. दिन में एक या दो बार इसे पीना काफी रहता है. सुबह खाली पेट या फिर रात को सोने से पहले इसे पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. रात को सोने से पहले पीने से सुबह तक गले की खराश और बंद नाक में जबरदस्त आराम मिल सकता है.
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