Most Nutritious Rice Varieties In India : चावल को अक्सर सिर्फ कार्बोहाइड्रेट का सोर्स मान लिया जाता है, लेकिन भारत में उगाई जाने वाली अलग-अलग किस्मों की नुट्रिएंट्स प्रोफाइल एक जैसी नहीं है. चावल की न्यूट्रिशन वैल्यू काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि उसे कितना प्रोसेस और पॉलिश किया गया है. साबुत या कम पॉलिश किए गए चावल में ब्रान और जर्म की परतें बनी रहती हैं, जिनमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का बड़ा हिस्सा मौजूद होता है.
वहीं, ज्यादा पॉलिश किए गए सफेद चावल में इनमें से कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं. आइए जानते हैं भारत की 8 लोकप्रिय चावल किस्मों को नुट्रिएंट्स के लिहाज से किस सीक्वेंस में रखा जा सकता है.

Indian Rice Varieties.
भारत में उगाए जाने वाले चावल की किस्मों में क्या अंतर है?
ब्लैक राइस : ब्लैक राइस को इस लिस्ट में सबसे ऊपर रखा जा सकता है. इसका गहरा रंग एंथोसाइनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट की वजह से होता है. इसके अलावा इसमें फाइबर, आयरन और विटामिन E भी पाए जाते हैं. कम पॉलिश होने के कारण इसमें नुट्रिएंट्स काफी हद तक बरकरार रहते हैं.
रेड राइस : रेड राइस आमतौर पर केरल और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में खाया जाता है. इसकी लाल ब्रान लेयर में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और B विटामिन भी मिलते हैं. यह रिफाइंड चावल की तुलना में धीरे पचता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है.
ब्राउन राइस : ब्राउन राइस में बाहरी भूसी हटाई जाती है, लेकिन ब्रान और जर्म बरकरार रहते हैं. इसी वजह से इसमें सफेद चावल की तुलना में ज्यादा फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और कुछ हेल्दी फैट्स मिलते हैं. इसका स्वाद हल्का नट्टी और टेक्सचर थोड़ा सख्त होता है.
बैम्बू राइस : बैंबू राइस असल में बांस से मिलने वाला चावल नहीं है. इसका बीज तब बनता है, जब बांस में फूल आते हैं. बांस में फूल कई दशकों में एक बार आने के कारण यह काफी दुर्लभ माना जाता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे नुट्रिएंट्स पाए जाते हैं.
हैंड पॉन्डेड राइस : हाथ से कूटे गए चावल में आधुनिक पॉलिशिंग की तुलना में कम बाहरी परत हटती है. इससे ब्रान और जर्म का बड़ा हिस्सा बचा रहता है. इसमें फाइबर, B विटामिन, आयरन और मैग्नीशियम जैसे नुट्रिएंट्स बरकरार रहते हैं. यह उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है जो बेहतर पोषण चाहते हैं, लेकिन ब्राउन राइस का स्वाद या टेक्सचर पसंद नहीं करते.
ब्राउन बासमती राइस : ब्राउन बासमती में बासमती की खास खुशबू के साथ ब्रान की परत भी मौजूद रहती है. इसलिए इसमें सामान्य सफेद बासमती के मुकाबले ज्यादा फाइबर, विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं. यह धीरे पचता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है.
वाइट बासमती राइस : सफेद बासमती पॉलिश किया हुआ चावल है, इसलिए इसमें साबुत अनाज वाली किस्मों जितना फाइबर नहीं होता. हालांकि, इसमें amylose की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कई दूसरे सफेद चावलों के मुकाबले कम हो सकता है. डाइट में इसे दाल, सब्जियों और प्रोटीन के साथ शामिल किया जा सकता है.
वाइट राइस : सामान्य सफेद चावल में पॉलिशिंग के दौरान ब्रान और जर्म हटा दिए जाते हैं. इससे फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा कम हो जाती है. हालांकि, इसे पूरी तरह अनहेल्दी कहना सही नहीं होगा. सीमित मात्रा में इसे दाल, सब्जियों और प्रोटीन से भरपूर भोजन के साथ खाया जा सकता है.
वजन घटाने के लिए कौन सा चावल सबसे बेहतर माना जाता है?
अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है, तो आमतौर पर ब्लैक राइस, रेड राइस और ब्राउन राइस को बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि इनमें सफेद चावल की तुलना में ज्यादा फाइबर होता है. फाइबर भोजन को धीरे पचाने में मदद करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकता है. आर्टिकल में ब्लैक राइस, रेड राइस और ब्राउन राइस को उनके उच्च फाइबर और बेहतर पोषण प्रोफाइल के कारण ऊपर रखा गया है.
ब्लैक राइस में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और आयरन मौजूद होते हैं, जबकि रेड राइस में फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ब्राउन राइस में भी सफेद चावल की तुलना में अधिक फाइबर, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस होता है.
हालांकि, केवल चावल की किस्म से ही वजन कम नहीं होता. वजन घटाने के लिए यह भी जरूरी है कि चावल को संतुलित मात्रा में दाल, सब्जियों और प्रोटीन स्रोतों के साथ खाया जाए. सफेद चावल भी सीमित मात्रा में संतुलित भोजन का हिस्सा बन सकता है, लेकिन फाइबर के लिहाज से ब्लैक, रेड और ब्राउन राइस को अधिक लाभदायक माना जाता है.
| Rice Type | Fiber | Antioxidants | Weight Loss Friendly |
|---|---|---|---|
| Black Rice | High | High | Yes |
| Red Rice | High | High | Yes |
| Brown Rice | High | Medium | Yes |
| White Rice | Low | Low | Moderate |
ब्लैक राइस को सबसे पौष्टिक चावल क्यों माना जाता है?
ब्लैक राइस को अक्सर सबसे पौष्टिक चावल की किस्मों में गिना जाता है क्योंकि इसमें एंथोसाइनिन (Anthocyanins) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो इसे गहरा काला या बैंगनी रंग देते हैं. इसके अलावा इसमें फाइबर, आयरन और विटामिन E भी अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं. चूंकि यह कम प्रोसेस्ड होता है, इसलिए इसके प्राकृतिक पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. यही वजह है कि पोषण के लिहाज से इसे कई अन्य चावल किस्मों से ऊपर रखा जाता है.
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रेड राइस और ब्राउन राइस में कौन ज्यादा हेल्दी है?
रेड राइस और ब्राउन राइस दोनों ही सफेद चावल की तुलना में ज्यादा पौष्टिक हैं, लेकिन यदि एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स के आधार पर तुलना की जाए तो रेड राइस को हल्की बढ़त मिल सकती है. रेड राइस की लाल ब्रान लेयर में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, साथ ही इसमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और B विटामिन भी मौजूद होते हैं.
वहीं ब्राउन राइस में भी फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और कुछ हेल्दी फैट्स मिलते हैं. अगर आपका लक्ष्य ज्यादा फाइबर और बेहतर ग्लाइसेमिक कंट्रोल है तो दोनों ही बेहतरीन विकल्प हैं. कुल मिलाकर रेड राइस और ब्राउन राइस दोनों ही हेल्दी हैं, लेकिन रेड राइस में अतिरिक्त एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण इसे थोड़ा अधिक पोषक माना जा सकता है.
ब्राउन बासमती और वाइट बासमती में क्या अंतर है?
ब्राउन बासमती और वाइट बासमती के बीच सबसे बड़ा अंतर उनकी प्रोसेसिंग में है.
- ब्राउन बासमती में ब्रान की परत बनी रहती है, इसलिए इसमें ज्यादा फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं.
- वाइट बासमती को पॉलिश किया जाता है, जिससे ब्रान और जर्म हट जाते हैं और फाइबर की मात्रा कम हो जाती है.
ब्राउन बासमती धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है, जबकि वाइट बासमती का स्वाद और टेक्सचर अपेक्षाकृत हल्का होता है और यह जल्दी पक जाता है. अगर पोषण प्राथमिकता है तो ब्राउन बासमती बेहतर विकल्प माना जाता है.
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क्या वाइट राइस पूरी तरह अनहेल्दी है?
बिल्कुल नहीं. वाइट राइस को पूरी तरह अनहेल्दी कहना सही नहीं होगा. हालांकि पॉलिशिंग के दौरान इसमें मौजूद ब्रान और जर्म हट जाते हैं, जिससे फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा कम हो जाती है, लेकिन यह अभी भी ऊर्जा देने वाला एक अच्छा कार्बोहाइड्रेट स्रोत है.
असल फर्क इस बात से पड़ता है कि आप इसे किस तरह खाते हैं. अगर वाइट राइस को दाल, सब्जियों, दही या किसी अच्छे प्रोटीन स्रोत के साथ संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो यह हेल्दी डाइट का हिस्सा बन सकता है. समस्या तब होती है जब भोजन में केवल रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ज्यादा हों और फाइबर व प्रोटीन कम हों.
अगर पोषण के आधार पर रैंकिंग की जाए, तो ब्लैक राइस और रेड राइस सबसे ऊपर, ब्राउन राइस और ब्राउन बासमती उनके बाद, जबकि वाइट बासमती और सामान्य वाइट राइस अपेक्षाकृत नीचे आते हैं. लेकिन सही मात्रा और संतुलित भोजन के साथ हर प्रकार का चावल स्वस्थ आहार का हिस्सा बन सकता है.
एक्स्पर्ट के बारे में -
डॉ. राम अवतार दिल्ली सरकार के योग विभाग के सेवानिवृत्त प्रोजेक्ट ऑफिसर हैं. उनके पास योग और ध्यान (Yoga & Meditation) के क्षेत्र में 38 से अधिक वर्षों का दीर्घकालिक और व्यावहारिक अनुभव है. वे योग, प्राणायाम, ध्यान, नाड़ी विज्ञान, जड़ी-बूटी/पारंपरिक चिकित्सा, प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy), रेकी, होम्योपैथी और आयुर्वेद के माध्यम से कई जटिल एवं असाध्य रोगों का सफल इलाज कर चुके हैं.
दीप्ति खटूजा: FMRI गुरुग्राम की हेड क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट.
FAQs
1. भारत में सबसे पौष्टिक चावल कौन सा माना जाता है?
ब्लैक राइस को सबसे पौष्टिक चावल में गिना जाता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, आयरन और विटामिन E अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं.
2. क्या ब्राउन राइस सफेद चावल से ज्यादा हेल्दी है?
ब्राउन राइस में ब्रान और जर्म की परत बनी रहती है, जिसके कारण इसमें सफेद चावल की तुलना में ज्यादा फाइबर और मिनरल्स होते हैं.
3. रेड राइस के क्या फायदे हैं?
रेड राइस में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम पाए जाते हैं. यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है.
4. बैम्बू राइस क्या होता है?
बैम्बू राइस बांस के फूल आने पर बनने वाले बीज होते हैं. यह दुर्लभ माना जाता है और इसमें प्रोटीन, फाइबर तथा कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं.
5. वजन घटाने के लिए कौन सा चावल बेहतर है?
कम प्रोसेस्ड और ज्यादा फाइबर वाले विकल्प जैसे ब्लैक राइस, रेड राइस और ब्राउन राइस वजन घटाने वाली डाइट में बेहतर माने जाते हैं.
6. क्या सफेद चावल खाना बंद कर देना चाहिए?
नहीं. सफेद चावल को संतुलित मात्रा में दाल, सब्जियों और प्रोटीन के साथ खाया जा सकता है.
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