दूध को लंबे समय से संपूर्ण आहार माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन ए, बी12 और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. लेकिन क्या इसकी पोषण क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है? जवाब है, हां. अगर दूध में सही मात्रा में कुछ प्राकृतिक चीजें मिलाई जाएं, तो यह सिर्फ कैल्शियम का ही नहीं, बल्कि प्रोटीन, हेल्थी फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का भी बेहतर स्रोत बन सकता है. आइए जानते हैं कि कौन-सी चीजें दूध की ताकत बढ़ाने में मदद कर सकती हैं और किस बात का ध्यान रखना जरूरी है.
इसमें कोई शक नहीं कि दूध खुद ही अपने आप में पौष्टिकता का पावर हाऊस होता है. ऐसे में अपनी जरूरतों के मुताबिक इसमें कुछ और चीजें मिलाकर हम इसे और भी उपयोगी बना सकते हैं. आइए जानते हैं की आपकी रसोई में रखी कौन सी चीजें दूध के साथ कमाल का असर कर सकती हैं.
दूध में मिलाएं ये 5 चीजें, हर घूंट बन जाएगा और ज्यादा पौष्टिक | Dudh Ki Takat Kaise Badhaye
- हल्दी : हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुणों के लिए जाना जाता है. लेकिन शरीर करक्यूमिन को आसानी से नहीं सोख पाता. ऐसे में एक चुटकी काली मिर्च मिलाने से इसका अवशोषण बेहतर हो सकता है. इसलिए हल्दी वाला दूध बनाते समय सिर्फ हल्दी ही नहीं, थोड़ी-सी काली मिर्च भी डालना बेहतर माना जाता है.
- भीगे हुए बादाम : अगर आप दूध में भीगे और छिले हुए बादाम मिलाते हैं, तो उसमें विटामिन ई, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट भी जुड़ जाते हैं. इससे दूध ज्यादा संतुलित और पेट भरने वाला पेय बन सकता है. बादाम दूध के साथ दूसरे जरूरी पोषक तत्व जोड़ते हैं.
- चिया या अलसी के बीज : एक या दो चम्मच चिया सीड्स या पिसी हुई अलसी मिलाने से दूध में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा बढ़ सकती है. इससे पेट देर तक भरा हुआ महसूस होता है और यह दिल और गट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. ध्यान रहे कि अलसी को साबुत की बजाय हल्का पीसकर लेना बेहतर माना जाता है.
- खजूर या अंजीर : अगर आप चीनी मिलाकर दूध पीते हैं, तो उसकी जगह एक या दो खजूर या भीगी हुई अंजीर इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे दूध में मिठास के साथ फाइबर, पोटैशियम और कुछ मात्रा में आयरन भी जुड़ जाता है.
- दालचीनी : दालचीनी स्वाद बढ़ाने के साथ एंटीऑक्सीडेंट्स भी देती है. थोड़ी-सी दालचीनी दूध का स्वाद बेहतर बना सकती है. हालांकि इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए और इसे किसी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं देखना चाहिए.
- कुल मिलाकर, दूध की ताकत बढ़ाने का मतलब किसी एक पोषक तत्व को जादुई तरीके से बढ़ाना नहीं, बल्कि उसमें दूसरे जरूरी पोषक तत्व जोड़ना है. बस ध्यान रखें कि जो चीज आपके शरीर को सूट करती हो, उसी को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. अगर कोई बीमारी या एलर्जी है, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
Also Read:
रात को सोने से पहले क्यों करना चाहिए कच्ची हल्दी वाले दूध का सेवन, डॉक्टर से जानें...
ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने के लिए नई मांओं को डाइट में क्या शामिल करना चाहिए? डॉक्टर से जानें
सावन में दूध पीना फायदेमंद है या नुकसानदायक? एक्सपर्ट की राय
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं