
Benefits Of Eating Chuna : जब लोग "चूना" शब्द सुनते हैं तो ज़्यादातर को पान की दुकान याद आ जाती है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यही सफेद पाउडर शरीर के लिए कितनी बड़ी चीज़ है. यह सिर्फ एक साधारण चीज़ नहीं बल्कि शरीर को अंदर से ठीक करने की ताकत रखता है. अगर इसे सही ढंग से, सही मात्रा में लिया जाए तो यह कई परेशानियों को दूर कर सकता है. चूना, जिसे आम भाषा में कैल्शियम ऑक्साइड कहा जाता है, एक प्राकृतिक खनिज है. इसे आयुर्वेद में सालों से इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है. खास बात यह है कि यह सस्ता, आसानी से मिलने वाला और असरदार होता है. अब जानिए चूने से क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं.
चूना खाने के फायदे (Benefits Of Eating Chuna | Chuna Khane Ke Fayde)
हड्डियों को मज़बूती देता है : चूने में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मज़बूत बनाता है. यह घुटनों के दर्द, कमज़ोरी और रीढ़ की समस्या में राहत देता है. इसे दाल, दही या रस के साथ मिलाकर लिया जा सकता है. खासकर उम्र बढ़ने पर हड्डियों में जो खोखलापन आता है, उसमें यह बेहद मददगार साबित होता है.
गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी : गर्भ के समय अनार के रस में थोड़ा सा चूना मिलाकर पीने से मां और बच्चा दोनों को फायदा मिलता है. इससे बच्चा स्वस्थ पैदा होता है और मां की ताकत भी बनी रहती है. इसके अलावा यह डिलिवरी के समय होने वाली तकलीफ को भी कम करता है.
दिमाग को तेज करता है : बच्चों को अगर रोज़ चुटकीभर चूना किसी तरल चीज़ जैसे रस या सूप में मिलाकर दिया जाए तो उनकी याद रखने की ताकत बढ़ सकती है. यह दिमाग की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करता है और पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में भी सहायक होता है.
लंबाई और वजन में मददगार : बचपन से अगर सही मात्रा में चूना लिया जाए तो यह शरीर की लंबाई बढ़ाने में सहयोग करता है. साथ ही शरीर को अंदर से मज़बूत बनाता है और रोगों से लड़ने की ताकत भी बढ़ाता है.
पीलिया और फोड़े में राहत : गन्ने के रस के साथ थोड़ा सा चूना लेने से पीलिया जैसी बीमारी में फायदा होता है. इसके अलावा अगर किसी को फोड़ा-फुंसी हो जाए तो चूने और हल्दी का लेप लगाने से राहत मिलती है.
महिलाओं की सेहत के लिए भी खास : मासिक धर्म में गड़बड़ी, कमजोरी, चक्कर आना और रजोनिवृत्ति के समय होने वाली परेशानी में चूना बेहद असरदार होता है. इससे थकान और कमजोरी भी दूर होती है.
ध्यान रखें
चूना कभी भी ज़्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए. इसे केवल चावल के एक दाने जितनी मात्रा में लेना चाहिए. ज़्यादा लेने पर शरीर को नुकसान हो सकता है. इसे हमेशा किसी प्राकृतिक रस, दही या तरल चीज़ में मिलाकर ही लें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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