भारतीय किचन में हींग सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि ये एक असरदार घरेलू नुस्खा भी है. लेकिन हाल ही में FSSAI ने एवरेस्ट और लालजी गोधू की कुछ कंपाउंड हींग प्रोडक्ट्स की बिक्री पर रोक लगाई है, क्योंकि जांच में कुछ नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए. ऐसे में सवाल उठता है कि बाजार में मिलने वाली हींग असली है या मिलावटी, इसकी पहचान कैसे करें और मिलावट से क्या नुकसान हो सकते हैं?
आखिर FSSAI ने क्या पाया?
FSSAI के मुताबिक, जांच में कुछ कंपाउंड हींग उत्पादों में निर्धारित मानकों से कम अल्कोहल सॉल्यूबल एक्सट्रैक्ट पाया गया. कुछ नमूनों को मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड बताया गया, जिसके बाद संबंधित उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया.
असली हींग की पहचान कैसे करें?
खुशबू से करें पहचान : असली हींग की गंध बहुत तेज और तीखी होती है. थोड़ी सी हींग पूरे खाने की खुशबू बदल देती है. अगर खुशबू हल्की या कृत्रिम लगे तो उसमें मिलावट हो सकती है.
पानी से करें पहचान : शुद्ध हींग पानी में डालने पर दूधिया रंग छोड़ते हुए धीरे-धीरे घुल जाती है. यदि नीचे ज्यादा तलछट जमा हो या दाने अलग दिखाई दें तो उसमें स्टार्च या अन्य पदार्थ मिलाए जाने की आशंका हो सकती है.
जलाकर करें टेस्ट : असली हींग आग के संपर्क में आने पर जल्दी जलती है और चमकदार लौ देती है. बहुत अधिक राख बचने पर मिलावट की संभावना हो सकती है.
रंग पर दें ध्यान : शुद्ध हींग आमतौर पर हल्के भूरे या पीले रंग की होती है. बहुत ज्यादा चमकीला या एकदम सफेद पाउडर होने पर मिलावटी होने की संभावना रहती है.
मिलावटी हींग कैसे बनाई जाती है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार में बिकने वाली अधिकांश कंपाउंड हींग में शुद्ध हींग के साथ अन्य पदार्थ मिलाए जाते हैं, ताकि लागत कम हो सके. इनमें गेहूं का आटा, चावल का आटा, स्टार्च, गोंद, नमक और आर्टिफियल रंग होता है. FSSAI की कार्रवाई में भी कुछ उत्पादों में अधिक मात्रा में स्टार्च पाए जाने का उल्लेख किया गया है.
मिलावटी हींग खाने के क्या नुकसान हैं?
- मिलावटी हींग गैस, पेट फूलना, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है.
- आर्टिफिशियल रंग या अन्य केमिकल मिलाए जाने पर कुछ लोगों में एलर्जी, त्वचा पर खुजली या रिएक्शन हो सकते हैं.
- अगर हींग में गेहूं का आटा मिलाया गया हो तो सीलिएक डिजीज या ग्लूटेन संवेदनशीलता वाले लोगों को परेशानी हो सकती है.
- लोग हींग का उपयोग पाचन सुधारने और गैस की समस्या कम करने के लिए करते हैं. लेकिन कम गुणवत्ता वाली या मिलावटी हींग में ये गुण कम हो सकते हैं.
हींग खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
- भरोसेमंद और लाइसेंसधारी ब्रांड चुनें.
- पैक पर FSSAI लाइसेंस नंबर देखें.
- इंग्रीडिएंट जरूर पढ़ें.
- बहुत सस्ती हींग से सावधान रहें.
- पैकिंग सील और एक्सपायरी डेट जांच लें.
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