Digestive Biscuit: चाय के साथ बिस्कुट डुबोकर खाना हमारी बचपन की पसंदीदा यादों में से एक है. यहां तक की आज भी लोग चाय के साथ बिस्कुट खाते हैं. लेकिन घर में दादी-नानी अक्सर कहती थी “बेटा, ये बिस्किट मत खाया करो”. ऐसे में हम उसके हेल्दी ऑप्शन ढूंढते हैं. लेकिन जब पैकेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में Digestive, High Fibre, Oats, Multigrain लिखा दिखता है, तो वो बिस्कुट हेल्दी लगने लगता है और उसे खाने की परमीशन मिल जाती है, ऐसा लगता है कि चलो कुछ तो हेल्दी खा रहे हैं. लेकिन क्या सच में ये बिस्कुट वाकई में हेल्दी है? बता दें कि इसी सवाल का जवाब दिया है जानी-मानी सर्टिफाइड फिटनेस कोच, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘फूड सेफ्टी वॉरियर' उर्वशी जोशी ने.

Digestive Biscuit क्या सच में हेल्दी होते हैं?
उर्वशी जोशी साफ कहती हैं कि किसी भी Digestive Biscuit का सच जानना है, तो पैकेट को सामने से नहीं, पीछे से पढ़िए. सामने जो दिखता है, वो सिर्फ मार्केटिंग है. असली कहानी पीछे लिखे ingredients में छुपी होती है. जब आप किसी भी डाइजेस्टिव बिस्कुट को पलट कर उसके इंग्रीडिएंट्स देखते हैं तो उसमें ओट्स या मल्टीग्रेन बिस्किट लिखा होता है. इसके साथ ही उसमें पहला इंग्रेडिएंट होता है मैदा, दूसरा होता है ऑयल या रिफाइंड ऑयल, और तीसरा होता है शुगर. अगर आप इसके थोड़ा नीचे पढ़ते हैं तो उसमें ओट्स 5% या मल्टीग्रेन 5% होता है. इससे साफ पता लगता है कि जिस चीज को हाइलाइट कर के इस बिस्कुट को बेचा जा रही है इसमें उसी की मात्रा सबसे कम होती है.
उर्वशी बताती हैं कि 100 ग्राम ऐसे किसी भी डाइजेस्टिव बिस्किट में सिर्फ 6 ग्राम फाइबर मिलता है. अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर इसमें फाइबर की मात्रा इतनी कम हो तो फिर इसे डाइजेस्टिव का नाम क्यों कहा जा रहा है. जवाब साफ है - क्योंकि कानून इसकी इजाजत देता है. अगर किसी प्रोडक्ट में 5% भी ओट्स हैं, तो कंपनी उसे आराम से Oats Biscuits या Digestive बिस्किट कहकर आराम से कस्टमर्स को बेच सकती है.
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बता दें कि हेल्दी इंग्रीडिएंट्स का नाम लेकर चीजों को बेचना सिर्फ बिस्किट तक ही नहीं रूका हुआ है. इसके साथ ही 100% रियल जूस, होल व्हीट ब्रेड, ब्राउन शुगर जो कि आपको हेल्दी लगते हैं उनकी असलियत कुछ और ही होती है. इनकी सच्चाई पढ़ने के लिए इसके इंग्रीडिएंट्स के बारे में पता होना जरूरी है. कई बार होल व्हीट ब्रेड को बनाने में भी मैदे का इस्तेमाल किया जाता है और बात करें ब्राउन शुगर की तो इसमें और सफेद चीनी में ज्यादा अंतर नहीं होता है.
क्या खाना चाहिए
अगर आप अपने डाइजेशन को सच में बेहतर रखना चाहते हैं और आपको फाइबर ही खाना है तो आप बिस्किट की जगह आपके किचन में रखी हेल्दी फाइबर से भरपूर चीजों का सेवन कर सकते हैं. उर्वशी साफ कहती हैं, फाइबर तो हमारी रसोई में भरा पड़ा है. अमरूद, गाजर, मटर, जौ, बाजरा, ज्वार, रागी, अलसी के बीज, चना, राजमा, छोले—ये सब नेचुरल फाइबर के पावरहाउस हैं.
तो अगली बार अगर आप डाइजेस्टिव बिस्किट नाम पढ़कर इसे खरीद रहे हैं और हेल्दी समझकर खा रहे हैं तो उस पैकेट के पीछे लिखे इंग्रीडिएंट्स को जरूर पढ़ लीजिए.
खाने से पहले ये जान लो | Healthy Eating | Nutrition Tips
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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