बिहार के खाने की खुशबू अब पूरी दुनिया में फैल रही है. बिहार का देसी सत्तू और मखाना अब सिर्फ लोकल लेवल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल स्टेज पर छा गया है. हाल ही में हुए ब्रिक्स समिट में दुनिया भर से आए पत्रकारों को जो तोहफे या किट दिए गए, उसमें बिहार के इन दोनों सुपरफूड्स को खास जगह मिली है. यह बात हर बिहारी के लिए बेहद गर्व वाली है कि अब इंटरनेशनल मेहमान भी हमारे पारंपरिक और सेहतमंद खान-पान का लुत्फ उठाएंगे.
India is going VOCAL for LOCAL at BRICS, with these thoughtful goodies for international and local journalists attending the distinguished summit. NDTV's Simrin Gupta unboxes the hamper.
— NDTV (@ndtv) September 10, 2026
The 18th BRICS Summit will take place at Bharat Mandapam, New Delhi, on September 12-13,… pic.twitter.com/gzn1182gpf
बिहार के इस शानदार स्टार्टअप सत्तूज के फाउंडर सचिन ने एनडीटीवी से बातचीत में इस पर खुशी जताई है. उन्होंने बताया कि कैसे उनका यह स्टार्टअप आज बिहार के देसी फूड को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा रहा है. सचिन ने इसके लिए बिहार सरकार, बियाडा (BIADA) और खासकर विदेश मंत्रालय (MEA) का शुक्रिया अदा किया है, जिनकी मदद से इस ग्लोबल समिट में बिहारी सत्तू को इतनी बड़ी पहचान मिल सकी है.

सेहत से भरपूर है बिहार का सत्तू-
सत्तू के बारे में तो हम सब जानते ही हैं कि यह हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है. यह एक ऐसा जादुई ड्रिंक है जो सिर्फ एक मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. गर्मियों में ठंडक देने के साथ-साथ यह शरीर को पूरे दिन एनर्जेटिक और फिट रखता है. इसमें प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो पेट को दुरुस्त रखता है. अब यही सेहतमंद ड्रिंक ब्रिक्स समिट के जरिए विदेशी पत्रकारों के पास पहुंचा है, ताकि वे भी इसकी ताकत और स्वाद से रूबरू हो सकें.
कई फ्लेवर में आ रहा है मखाना-
सत्तू के साथ-साथ बिहार का मखाना भी ग्लोबल मार्केट में धूम मचा रहा है. स्टार्टअप की तरफ से अब मखाने के कई नए और अलग-अलग फ्लेवर तैयार किए जा रहे हैं. कभी सिंपल रोस्टेड मखाना तो कभी चटपटे मसालों वाला मखाना, लोग इसे बहुत पसंद कर रहे हैं. लोकल दुकानों से लेकर अब यह सुपरफूड विदेशों तक अपनी पहुंच बना रहा है. मखाने को दिल की सेहत और वजन घटाने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, इसलिए फिटनेस की दुनिया में इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है.
लोकल से ग्लोबल बनने का सफर-
किसी भी छोटे स्टार्टअप के लिए लोकल बाजार से निकलकर इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचना आसान नहीं होता. लेकिन जब सरकार का साथ और सही प्लेटफार्म मिले, तो सपने सच हो जाते हैं. सत्तूज की यह सफलता उन सभी युवाओं के लिए एक मिसाल है जो अपने लोकल आइडिया को बड़ा बनाना चाहते हैं. ब्रिक्स समिट में मिली इस जगह से न सिर्फ इस स्टार्टअप को बढ़ावा मिला है, बल्कि बिहार के पारंपरिक खान-पान को एक नई ग्लोबल पहचान भी मिली है.
सत्तू ड्रिंक की रेसिपी के लिए यहां क्लिक करें.
ये भी पढ़ें- नल्ली निहारी से लेकर खास चॉकलेट और बादाम पेपर फ्राई तक, BRICS में जिनपिंग-पुतिन को परोसे जाएंगे खास व्यंजन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं