वित्त मंत्री अरुण जेटली
नई दिल्ली:
- जेटली ने कहा कि नोटबंदी एक नैतिक एवं आदर्शवादी आर्थिक कवायद थी जिसने आर्थिक व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं ईमानदार बनाने की पहल की.
- उन्होंने कहा कि देश को एक विकसित देश बनना है, तो इस बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में नकद धीरे धीरे कम करना, औपचारिक, साफ सुथरा और पारदर्शी बनाना जरूरी है.
- वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और व्यापक हित के लिए अर्थव्यवस्था में यथास्थितिवाद को बदलना नोटबंदी का एक मकसद था.
- जेटली ने कहा एसआईटी का गठन, विदेशों से बदले नियम आदि चीजों पर काम किया गया.
- खर्चों पर नजर रखना, बेनामी कानून लाना, अप्रत्यक्ष कर के सिस्टम को बदलना आदि काम कर सरकार ने कदम उठाए.
- वित्त मंत्री के मुताबिक छले एक वर्ष में रिसोर्स अवेलिबिलिटी बढ़ी है. बैंकों में, बाजारों में पैसा बढ़ा है. यह अर्थव्यवस्था के लिए ठीक है.
- जेटली ने कहा कि नोटबंदी से लैशकैश इकॉनमी की ओर बढ़ने का प्रयास जारी है.
- उन्होंने कहा कि टैक्स देने वालों की संख्या में तेजी और डिजिटल ट्रांसजेक्सन बढ़ा है.
- उन्होंने बताया कि आतंकियों की फंडिंग पर अंकुश लगा है.
- वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बाद अपना अगला टारगेट बेनामी संपत्ति को बनाया है और इसके खिलाफ बड़े पैमाने पर पूरे देश में अभियान चलाया जाएगा.
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