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Varshik Rashifal 2026: किन क्षेत्रों में जमेगा भारत का सिक्का और कैसा रहेगा कारोबार? पढ़ें भारत का भविष्यफल

India Ka Rashifal: साल 2026 में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के साथ कैसे रहेंगे भारत के संबंध? कैसी रहेगी देश की कृषि और कैसा रहेगा कारोबार? प्राकृतिक आपदाओं को लेकर क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र? किन क्षेत्रों में जमेगा भारत का सिक्का और किन चीजों को लेकर रहना होगा सावधान? बता रहे हैं देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारतीय विद्या भवन के के. एन. राव ज्योतिष संस्थान में कार्यरत ज्योतिष विभाग के वरिष्ठ संकाय सदस्य (Senior Faculty) अनिल कुमार.

Varshik Rashifal 2026: किन क्षेत्रों में जमेगा भारत का सिक्का और कैसा रहेगा कारोबार? पढ़ें भारत का भविष्यफल
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2026 Bharat Ke Liye Kaisa Hoga: हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्लपक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है, जो कि 19 मार्च 2026 को 06:53 बजे प्रारंभ होता है और उस समय मीन लग्न की कुंडली बनती है. यह लग्न बेहद मजबूत है क्योंकि इसमें चार ग्रह बैठे हुए हैं. सूर्य षष्ठेश, चंद्रमा पंचमेश, शनि एकादशेश और द्वादशेश और शुक्र उच्च का होकर तीसरे घर में अष्टमेश बैठा हुआ है. भारत के लिए यह कुंडली तमाम चीजें दिखाती हैं, जिमें झगड़े, पड़ोसी के साथ विवाद आदि शामिल हैं. दूसरे घर का स्वामी मंगल चतुर्थेश और सप्तमेश बुध के साथ बैठा है. चतुर्थेश विपक्ष को और सप्तमेश युद्ध की स्थिति को दिखाता है. राहु-केतु धन के बड़े खर्च को दिखाता है. यानि साल 2026 में भारत को अचानक से सैन्य क्षमता को बढ़ाने या फिर युद्ध से सामग्री आदि पर बहुत बड़ा खर्च 2026 में करना पड़ सकता है.

अच्छी होगी बारिश और खूब होगा अनाज

बृहस्पति जो कि इस वर्ष का राजा है और मंत्री मंगल है. इस कुंडली में बृहस्पति चतुर्थ भाव में बैठा है. जहां राजा बैठता है, उस भाव की वह वृद्धि करता है. इसके साथ चतुर्थ भाव से हम कृषि, वर्षा आदि को भी देखते हैं. बृहस्पति वैसे भी एक जलीय तत्व वाला ग्रह होता है और धर्म-कर्म का कारक है. कुंडली में यह लग्न का मालिक और दशमेश है. दशम भाव प्रधानमंत्री का होता है. इस तरह चतुर्थ भाव के बृहस्पति की बात करें तो वह इस साल अच्छी वर्षा और अच्छी कृषि होने को दिखाता है.

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पड़ोसी मुल्क से बना रहेगा तनाव

तृतीय भाव से हम पड़ोसी देश को देखते हैं. वह भी लग्न में उच्च का है. अष्टमेष शुक्र दिखाता है कि हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान पूरे साल कुछ न कुछ कुचक्र रचता रहेगा. षष्ठेस सूर्य के साथ बैठा हुआ यह शुक्र दिखाता है कि इस साल सीमा विवाद को लेकर मामला ज्यादा बढ़ सकता है, लेकिन यहां पर शुक्र उच्च का है, इसलिए फायदा हमें ही होगा. इस तरह देखें तो पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ पूरे साल कुछ न कुछ उठापटक चलती रहेगी.

मिलेगी बड़ी खनिज संपदा

इस कुंडली में चंद्रमा और शनि एक साथ बैठे हैं. इसमें चंद्रमा पंचमेश है, जबकि शनि एकादशेश है. यह एक बहुत ही प्रबल धनयोग बनाता है. यह स्थिति दर्शाती है कि इस साल भारत को कहीं न कहीं भूमि की नीचे बहुत बड़ी संपदा प्राप्त हो सकती है. यह खनिज, तेल आदि के रूप में हो सकती है.

कूटनीति से निकालेंगे विपक्ष की हर काट

नवमेश जो हम कुंडली में देखते हैं, वह धर्म का भाव होता है. हमारी जो भावनाएं होती हैं, वह बारहवे भाव यानि राहु-केतु में हैं. यह बहुत खराब योग कहा जाएगा क्योंकि यह धार्मिक उन्माद को बढ़ाने का काम करेगा, जो कि बहुत घातक सिद्ध हो सकता है. इसे दसवें भाव का मालिक बृहस्पति देखता है. जब हम दशम भाव से प्रधानमंत्री को देखते हैं तो यह तो यह बात पूरी तरह से स्पष्ट हो जाती है कि प्रधानमंत्री अपनी कूटनीति से इसे काबू में भी कर लेंगे. बड़ी बात यह कि वे यह काम विपक्ष को साथ में लेकर करेंगे क्योंकि बृहस्पति चौथे भाव में बैठा हुआ है.

काफी उतार-चढ़ाव भरा रहेगा अप्रैल

अप्रैल का महीना काफी उतार-चढ़ाव लिए रहने वाला है. इस माह में सरकार को कुछेक विवाद का सामना करना पड़ सकता है. इस माह में न्यायप्रणाली आ​दि में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. इस दौरान बुध नीच का हो जाएगा, जिसके कारण शेयर बाजार को बड़ा झटका लग सकता है.

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द्वितीयेश मंगल दूसरे ही घर में गोचर कर रहा होगा, वह यह दिखाता है कि इस दौरान सरकार की आय के स्रोत बढ़ सकते हैं. इस दौरान भारत अपने पड़ोसी देशों जैसे पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि की साजिशों को अपनी कूटनीति के जरिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर विफल करने का प्रयास करेगा. जिसमें बहुत हद तक वह सफल भी होगा. दुनिया के भीतर भारत की ताकत बढ़ेगी. विशेष रूप से एशिया में वह बड़ी ताकत बनकर उभरेगा.

कठिन साबित होगा मई-जून का महीना

मई के महीने में जब पंचमेश चंद्रमा और द्वितीयेश मंगल सूर्य संक्रांति के समय दूसरे घर में होंगे, तब सरकार शिक्षा से जुड़ी योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं आदि ला सकती है, जिससे छात्रों को लाभ तो होगा लेकिन सूर्य जो सरकार और प्रशासन का कारक होता है तृतीय में आ जाएगा, तब विदेशी मामलों को लेकर कुछेक विवाद गहराएंगे, जिसमें भारत को सफलता मिलेगी. हालांकि इस दौरान विपक्ष सरकार को अस्थिर करने का प्रयास करेगा. इस दौरान पड़ोसी मुल्कों के साथ संवाद बढ़ता हुआ नजर आएगा, लेकिन विपक्ष इसे बिगाड़ने का काम करेगा.

जून के महीने में इस बार मानसून जल्दी आ जाएगा और इस साल अच्छी बारिश होगी. इस दौरान सरकार की किसी नीति या फिर किसी स्कैंडल आदि के सामने आने से विपक्ष सरकार पर हावी होने का प्रयास करेगा. सरकार को इस दौरान अपने पैर पीछे खींचने पड़ सकते हैं. नीतियों में फेरबदल करना पड़ सकता है.

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चुनावों में कुछ ऐसा रहेगा हाल!

केंद्र सरकार के लिए साल 2026 बहुत अच्छा जाने वाला है. राज्यों में होने वाले चुनावों में इनका प्रदर्शन पहले से ज्यादा अच्छा रहने वाला है. साल 2026 की शुरुआत में असम, तमिलनाडु, केरल, पुड्डुचेरी और पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं. पश्चिम बंगाल में एनडीए की स्थिति मजबूत होगी, लेकिन पुड्डुचेरी और तमिलनाडु में उन्हें थोड़ा कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है. केरल में वर्चस्व कांग्रेस का रहा है, लेकिन एनडीए का समय थोड़ा अच्छा चल रहा है, इसलिए यहां पर भी उन्हें अपनी स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा.

कैसा रहेगा शेयर बाजार का हाल?

शेयर मार्केट की दृष्टि से साल 2026 बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता है. इस साल फाइनेंसियल फ्रॉड पकड़े जाएंगे और विदेश भागे हुए लोगों को पकड़कर भारत लाया जा सकता है. साल 2026 में सरकार कुछेक ऐसे कड़े कदम उठा सकती है, जिससे विपक्ष के द्वारा डेमोक्रेसी के लिए खतरा करार दे सकता है. साल 2026 में किसी बड़े नेता की मृत्यु की आशंका बनी रहेगी.

तब आएगी प्राकृतिक आपदा!

18 जुलाई के बाद पृथ्वी तत्व राशियां थोड़ी पीड़ित हो रही है, जो मिजोरम की तरफ भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा का संकेत कर रही हैं. साल 2026 में बीमारियों का ज्यादा प्रकोप होता नजर नहीं आ रहा है, लेकिन इस साल चूंकि बारिश ज्यादा होगी, इसलिए पूर्व के राज्यों में बाढ़ की आपदा पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा देखने को मिल सकती है. साल 2026 में भारत में सूखा पढ़ने की कोई उम्मीद नहीं है. इस साल गर्मी ज्यादा नहीं पड़ेगी क्योंकि बारिश जल्द ही शुरू हो जाएगी.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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