सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है. 26 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो चुका है और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा. 16 दिनों तक चलने वाले इस काल में हम अपने पितरों के लिए तर्पण और पिंडदान करते हैं, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले और उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहे. हिंदू धर्म में पितृपक्ष को पूर्वजों के तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है. ऐसी मान्यता भी है कि पितरों की फोटो के सामने कुछ चीजों को नहीं रखना चाहिए. इस चीज का ध्यान नहीं दिया जाता तो घर परिवार में कलह बढ़ जाता है. चलिए आपको बताते हैं पितरों की फोटो के आगे क्या नहीं रखना चाहिए?
मंदिर या फिर पूजा का सामान
पितरों की फोटो के आगे यानी सामने पूजा घर या मंदिर नहीं होना चाहिए, क्योंकि मंदिर भगवान की पूजा के लिए होता है, जबकि पितर हमारे पूर्वज हैं जिनकी जगह अलग होती है. ऐसे में भगवान और पितरों की तस्वीर को एक साथ या आमने-सामने नहीं रखना चाहिए. दोनों का स्थान अलग रखने से ही घर में सही संतुलन और शांति बनी रहती है.
कूड़ा या बेकार सामान
पितरों की फोटो के सामने कूड़ा या फिर बेकार सामान नहीं रखना चाहिए. वास्तुशास्त्र के अनुसार, ऐसी चीजें फोटो के सामने रखने से घर का माहौल खराब हो सकता है और परिवार के सदस्यों की तरक्की पर इसका असर पड़ सकता है. इसके अलावा गृह क्लेश बना रह सकता है और तनाव बढ़ने की आशंका रहती है.
जिंदा लोगों की फोटो
घर के अंदर कभी भी जिंदा लोगों की फोटो पितरों की फोटो के आगे नहीं लगानी चाहिए. अगर, आपने ऐसा किया हुआ है तो उसे तुरंत हटा दो और दूसरी जगह लगा दें. वास्तुशास्त्र के अनुसार, ऐसा करना सही नहीं माना जाता है. यह मानसिक शांति को भी प्रभावित कर सकता है.
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