हिंदू धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है. यानी आप सूर्य भगवान को अपनी आंखों से देख सकते हैं. मान्यता है कि रोज सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मकता आती है, आत्मविश्वास बढ़ता है, घर में सुख-शांति बनी रहती है और व्यक्ति को उसके हर काम में सफलता मिलने लगती है. ऐसे में कई लोग दिन की शुरुआत सूर्य को जल चढ़ाकर करते हैं. लेकिन अक्सर जल अर्पित करते समय लोग कुछ आम गलतियां कर जाते हैं. एस्ट्रोलॉजर लतिका शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने सूर्य देव को जल चढ़ाने का सही तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
पैरों में न आने दें जल
एस्ट्रोलॉजर बताती हैं, सूर्य देव को जल चढ़ाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अर्पित किया गया जल सीधे पैरों में न आए. अगर जल को नीचे गिराने की जगह नहीं है, तो आप जमीन पर कोई बर्तन रख सकते हैं. इससे भगवान को अर्पित किया हुआ जल पैरों में नहीं आएगा. बाद में आप इस जल का इस्तेमाल पूजा में या पौधों के लिए कर सकते हैं.
सूर्य देव को सीधे न देखेंएस्ट्रोलॉजर आगे कहती हैं, सूर्य को अर्घ्य देते समय अपनी नजरें नीचे रखें. आप जल की धार से सूर्य की किरणों को देख सकते हैं.
दोपहर के समय जल न चढ़ाएंलतिका शर्मा बताती हैं, सूर्य देव को जल चढ़ाने का सबसे अच्छा समय सुबह का माना जाता है. ऐसे में कोशिश करें कि सुबह जितनी जल्दी संभव हो, सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाए. दोपहर के समय जल अर्पित न करें.
पूजा में नियम और नियमितता रखेंइन सब से अलग एस्ट्रोलॉजर कहती हैं, सूर्य देव को जल चढ़ाते समय रोज एक जैसा नियम बनाएं. इसके लिए एक निश्चित समय पर पूजा करने की आदत डालें. लगातार 40 दिनों तक नियम के साथ सूर्य देव को जल अर्पित करने से आपको अपने जीवन में अच्छे बदलाव होते नजर आ सकते हैं. नियमित पूजा से व्यक्ति में अनुशासन और सकारात्मक सोच बढ़ती है.
यहां देखें वीडियो-
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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