शनि का नाम सुनते ही अक्सर लोगों को साढ़ेसाती, देरी और परेशानियों का ख्याल आने लगता है. लेकिन ज्योतिष में शनि को कर्म और अनुशासन का ग्रह माना गया है जो मेहनत के अनुसार परिणाम देते हैं. अब 20 अगस्त 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में प्रवेश करने वाले हैं. शनि यहां 9 अक्टूबर तक रहेंगे.आचार्य मदन मोहन ने बताया कि खास बात यह है कि इस समय मेष, कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती चल रही है.
मीन राशि
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, मीन राशि वालों को इस बदलाव के दौरान थोड़ा संभलकर चलना होगा. काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और कुछ काम पूरे होने में देरी हो सकती है. आर्थिक मामलों में गैरजरूरी खर्च और बिना जानकारी निवेश करने से बचें. नौकरी में धैर्य रखें और अधिकारियों से बातचीत में संयम बरतें.
कुंभ राशि
आचार्य मदन मोहन ने कहा कि कुंभ राशि वालों के लिए शनि का यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है. लंबे समय से अटके काम धीरे-धीरे आागे बढ़ सकते हैं. नौकरी में स्थिरता और नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं. कारोबार में पुराने संपर्क फायदा दे सकते हैं. मेहनत और अनुशासन बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.
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मेष राशि
उन्होंने आगे बताया कि मेष राशि वालों को भी साढ़ेसाती के बीच कुछ राहत मिल सकती है. रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और करियर में नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है. आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन बचत पर ध्यान देना जरूरी होगा. गुस्से और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें.
साढ़ेसाती में क्या रखें ध्यान
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, यह बदलाव मेष और कुंभ राशि वालों के लिए सकारात्मक रह सकता है, जबकि मीन राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी. हालांकि साढ़ेसाती का मतलब हर समय परेशानी नहीं है. इस दौरान धैर्य, मेहनत और सोच-समझकर फैसले लेना सबसे जरूरी माना जाता है.
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