दिल्ली के नए मास्टरप्लान (Delhi Masterplan 2047) बनकर तैयार हो चुका है. इसमें न केवल दिल्ली शहर, बल्कि गांवों के भी विकास का लक्ष्य है. जिस कदर दिल्ली की आबादी तेजी से बढ़ रही है, उसे देखते हुए इस मास्टरप्लान में 20 लाख नए फ्लैट्स बनाने की योजना है. इन फ्लैट्स में 1BHK, 2BHK से लेकर 4BHK तक शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि 1BHK की कीमतें 15 लाख रुपये से शुरू हो सकती हैं और 3BHK की कीमतें 2 करोड़ रुपये तक जा सकती हैं. वहीं 4BHK के लिए 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है. मास्टर प्लान के तहत दिल्ली में 6 सब-सिटी यानी उपनगर विकसित होंगे. दिल्ली के द्वारका और रोहिणी की तरह 6 सब-सिटी डेवलप किए जाएंगे.
मेट्रो, नमो रेल, रेलवे स्टेशनों के पास बनेंगे फ्लैट्स
दिल्ली-NCR में बड़ी समस्या है, कम्यूट यानी आने-जाने. कामकाजी लोगों का एक बड़ा वर्ग हर दिन दिल्ली से नोएडा, नोएडा से गुरुग्राम, दिल्ली से ग्रुरुग्राम, नोएडा से दिल्ली आता-जाता है. ये एक बड़ी समस्या है. हर किसी को लोकल रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन या फिर नमो रेल-RRTS स्टेशनों के पास मकान नहीं मिलता. चाहे वो खुद का फ्लैट हो या फिर किराये का. ऐसे में ट्रांजट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी बड़े काम आएगा.
TOD पॉलिसी के विस्तार का भी फैसला लिया गया है, जिसके तहत मेट्रो, नमो रेल, रेलवे स्टेशनों के आसपास के इलाकों में मौजूद जमीन पर अपार्टमेंट, सोसाइटीज बनाए जाएंगे. इनके 500 मीटर के दायरे में यानी वॉकिंग डिस्टेंस में आवासीय, व्यवसायिक इस्तेमाल वाले सेंटर विकसित किए जाएंगे.
कहां-कहां डेवलप होंगे उपनगर?
DDA के अनुसार, लैंडपूलिंग पॉलिसी के तहत 6 जोन बनाए गए है. इसके तहत नरेला के मौजूदा डेवलप क्षेत्र के बाहरी इलाके को नरेला सब-सिटी के तौर पर डेवलप किया जाएगा. उत्तर पश्चिमी दिल्ली में नरेला, बवाना और कंझावाला को डेवलप किया जाएगा. उत्तरी दिल्ली में बख्तावरपुर गांव, तिग्गीपुर और आसपास के इलाके डेवलप किए जाएंगे. द्वारका और वसंत कुंज के पास भी सब सिटी डेवलप करने का प्लान है. साउथ दिल्ली के पास घिटोरनी और आसपास के इलाके को डेवलप किया जाएगा. पश्चिमी दिल्ली के द्वारा और नजफगढ़ के पीछे वाले इलाके को सब-सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है.

कितनी हो सकती है फ्लैट्स की कीमतें?
PPP यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में उपनगर विकसित किए जाएंगे. यहां EWS कैटगरी से लेकर 1BHK, 2BHK, 3BHK और 4BHK फ्लैट तैयार होंगे. इनमें तैयार होने वाले 20 लाख फ्लैट्स को किफायती दामों पर बेचे जाने की योजना है. फ्लैट बनने के बाद केवल EWS कोटे वाले फ्लैट्स की कीमतें DDA तय करेगा.
- EWS कैटगरी फ्लैट की कीमतें 15 से 20 लाख रुपये के बीच होने की संभावना है.
- 1BHK फ्लैट के दाम करीब 40 लाख रुपये से शुरू हो सकते हैं.
- 2BHK फ्लैट के दाम करीब 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकते हैं.
- 3BHK फ्लैट के दाम करीब 2 करोड़ रुपये के आसपास रह सकते हैं.
- वहीं, 4BHK फ्लैट के दाम करीब 3 करोड़ रुपये के करीब हो सकते हैं.
105 गांवों की जमीन लेकर बनाए जाएंगे रिहायशी इलाके
मास्टर प्लान के मुताबिक, दिल्ली के 105 गांवों को लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत विकसित किया जाएगा. इन गांवों को रिहायशी इलाके और कमर्शियल हब के रूप में डेवलप किया जाएगा. लैंड पूलिंग पॉलिसी में गांव के जमीन मालिकों से जमीन लेकर बदले में उन्हें फ्लैट, कमर्शियल स्पेस वगैरह दिए जाते हैं. जमीन मालिक चाहें तो जमीन की निर्धारित कीमत के बराबर रकम का डेवलप स्पेस ले सकते हैं. इन गांवों की जमीन को टाउन प्लानिंग के तहत डेवलप किया जाएगा. उत्तर पश्चिमी दिल्ली समेत अन्य गांवों में भी कमर्शियल हब बनाए जाएंगे. इससे पूरे इलाके का विकास होगा.
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